नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारे इस लेख में हम आज के इस लेख के मदद से Gurupurab festival के बारे में जानने वाले हैं दोस्तों हम लोग इस आर्टिकल में जानेंगे कि Gurupurab festival क्या है और इस Gurupurab festival कैसे मनाया जाता है।

तो यदि आपको नहीं पता है कि Gurupurab festival क्या है है तो हम आपको  थोड़ी जानकारी के लिए बता दें कि यह Gurpurab festival सिखों के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। सीखो का गुरु गुरु नानक देव के जन्मदिन को गुरुपर्व के रूप में मनाया जाता है। Gurpurab festival के कार्तिक के महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

तो यदि आपको Gurupurab त्यौहार के बारे में और भी जानकारी को जानना है तो हम आपको बता दें कि हमने इस आर्टिकल में इन सारे जानकारियों के बारे में  पूरा विस्तार से बताया है।

और बताया है की इसके अलावा हम लोग इस आर्टिकल में Gurupurab festival से जुड़ी और भी जानकारी को प्राप्त करेंगे जैसे कि  Gurupurab festival का महत्व क्या है और Gurupurab festival उत्सव किस तरह से की जाती है और Gurpurab festival क्यों मनाया जाता है इसके अलावा हम लोग इस आर्टिकल के अंत में बात करेंगे कि 2022 मे gurpurab festival कब मनाया जाएगा और गुरु नानक देव कौन थे?

तो दोस्तों अगर आपको इन सारी जानकारियों के बारे में कुछ भी किया नहीं है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से और अंत तक जरूर पड़े तभी आप को इन सारी जानकारियों के बारे में पूरा ज्ञान मिल पाएगा। तो दोस्तों बिना कोई देरी के चली है इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और जानते हैं कि Gurupurab festival के बारे मे

Gurupurab festival क्या है (Gurpurab festival)

Guru Nanak Jayanti (Gurpurab) Wishes, Messages and Quotes for Family and  Friends

दोस्तों हम आपको बता दें कि ‘Gurpurab’ को गुरु नानक जयंती के नाम से भी जाना जाता है। यह Gurpurab festival सिखों के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। सीखो का गुरु गुरु नानक देव के जन्मदिन को गुरुपर्व के रूप में मनाया जाता है।

गुरुपर्व (Gurpurab festival) के कार्तिक के महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है जिसे कार्तिक पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। हम आपको बता दें कि गुरु नानक ही सिख धर्म के संस्थापक थे। वे सिख के सबसे पहले गुरु थे। गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल वर्ष 1469 को पाकिस्तान के वर्तमान शेखूपुरा जिले के राय-भोई-दी तलवंडी में हुआ था, जिसे अब ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है।

Gurpurab त्योहार पर, सभी सिख धर्म के लोग नए-नए कपड़े पहनते हैं और गुरुद्वारों में जाते हैं। गुरुपर्व की सुबह गुरुद्वारा में प्रभात फेरी के साथ शुरू होती है और उसके बाद इलाकों में भजन गाते हुए जुलूस निकलते हैं। सिख अपनी प्रार्थना करते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

इस दिन, सिखों के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुद्वारों में लगातार अध्ययन किया जाता है। दीये जलाए जाते हैं, जुलूस निकाले जाते हैं, मुफ्त लंगर (भोजन) की व्यवस्था की जाती है और पूरे देश में एक मीठा प्रसाद वितरित किया जाता है। सिखों के अलावा नानकपंती हिंदू और गुरु नानक के दर्शन के अन्य अनुयायी भी इस पवित्र त्योहार को मनाते हैं।

Gurupurab festival महत्व (Significance of Gurupurab festival)

Gurupurab festival महत्व सिखों के धर्म में काफी ज्यादा है क्योंकि  इस दिन को  सिख धर्म  सबसे पहले गुरु गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था  उनका जन्म  15 अप्रैल वर्ष 1469 को पाकिस्तान के वर्तमान शेखूपुरा जिले के राय-भोई-दी तलवंडी में हुआ था,  इस पर्व को  सिख धर्म के द्वारा काफी धूमधाम से और काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है सभी लोग एक साथ इस पर्व को मनाते हैं ।

खासकर इस Gurupurab festival  पंजाब में  काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है पंजाब के शहर अमृतसर के मशहूर  गुरुद्वारा Golden Temple मे गुरु नानक जयंती को मनाया जाता है उस दिन Golden Temple काफी अच्छी तरह से सजाया जाता है और Golden Temple फूल और lights के साथ सजाया जाता है उसके बाद सभी लोग इस गुरुद्वारा मे एक साथ त्योहार को मनाते हैं ।

पंजाब के लोगों में इस पर्व को लो कि एक  काफी ज्यादा उत्साह बनी होती है  इस दिन मशहूर गुरुद्वारा Golden Temple गुरुद्वारा मे  सभी देश विदेश के लोग एक साथ जोड़ते हैं।  यही कारण है कि इस Gurupurab festival सिख धर्म  काफी ज्यादा मान्यता  है दिया जाता है और इसका महत्व भी काफी ज्यादा होता है  सिख धर्म के लोग  इस त्यौहार के जरिए अपने सबसे पहले गुरु गुरु नानक देव जी को याद करते हैं और उनकी याद में इस पर्व को मनाते हैं।

Gurupurab festival उत्सव (Gurupurab festival celebration)

Guru Nanak Jayanti 2020: Gurpurab Date, Significance & History

सिख हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन Gurupurab festival मनाते हैं। सभी सिख धर्म के लोग तीन दिनों तक उत्सव का आनंद लेते हैं। त्योहार की तैयारी घरों की  साप- सफाई और माला, रोशनी और अन्य  सजावटी चीजों से सजाने से शुरू होती है।

सभी लोग इस Gurupurab के दिन के लिए गुरुद्वारों को भी खूबसूरती से सजाते हैं। इसके अलावा, सिख लोग भी लगातार 48 घंटे तक गुरु ग्रंथ साहिब को पढ़ना शुरू करते हैं। और सभी सिख भक्त सुबह प्रभात फेरी भी निकालते हैं यानि की मोहल्ले में छोटी-छोटी बारात निकालते हैं।

इसी तरह Gurupurab festival के अवसर पर सभी सिख भक्त गुरुद्वारों में जाकर दस गुरुओं की स्तुति करने के लिए प्रार्थना करते हैं और सभी सिख भक्त भजन गाते हैं। गुरु नानक की शिक्षा के बाद, सिख भी इस दिन लंगर का आयोजन करते हैं ताकि सभी को मुफ्त में एक साथ भोजन कराया जा सके

Gangaur Festival in Hindi | गणगौर त्यौहार 2022 का महत्त्व, पूजा विधि, कथा व गीत

2022 मे gurpurab festival कब मनाया जाएगा? (gurpurab festival 2022 Date)

अगर आप का सवाल है कि तो 2022 मे gurpurab festival कब मनाया जाएगा तो हम आपको बता दे की जब कोई गुरुपर्व तिथि 2022 के बारे में पूछता है, तो वे मूल रूप से गुरु नानक देव जी के जन्मदिन गुरुपर्व की तारीख के बारे में पूछ रहे हैं। गुरु नानक देव जी का जन्मदिन गुरुपर्व देसी कलैण्डर के कटक मास की पूरनमाशी को मनाया जाता है।

हमेशा की तरह इस साल भी gurpurab festival 8 नवंबर को ही मनाया जाएगा यानी कि इसके अनुसार गुरुपर्व 2022 की तिथि मंगलवार, 8 नवंबर 2022 है। और इसी 8 नवंबर के दिन  सिख धर्म के  सबसे पहले गुरु  गुरु नानक का जन्मदिन है और इस दिन इन्हें के जन्मदिन के के रूप में इस gurpurab को मनाया जाता है।

Gurpurab festival क्यों मनाया जाता है? (Why is Gurpurab festival celebrated)

Guru Nanak Gurpurab - ΕΛΛΗΝΟ-ΙΝΔΙΚΗ ΕΤΑΙΡΕΙΑ ΠΟΛΙΤΙΣΜΟΥ & ΑΝΑΠΤΥΞΗΣ

गुरु नानक जयंती (gurpurab festival) के हर साल मनाई जाती है क्योंकि गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक हैं। सिख समुदाय द्वारा उनकी पूजा की जाती है और उनका जन्म उनके महान जीवन का उत्सव है। सिख समुदाय सभी 10 सिख गुरुओं की जयंती मनाता है लेकिन यह gurpurab festival एक बड़े पैमाने पर है क्योंकि गुरु नानक  सिख धर्म के सबसे  पहले गुरु हैं और इस धर्म के संस्थापक भी हैं।

केवल भारत में ही नहीं, दुनिया के अन्य हिस्सों में भी समारोह आयोजित किए जाते हैं जहां सिख समुदाय रहता है।  और इस त्यौहार को काफी धूमधाम के साथ और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

Gurpurab festival का उत्सव कम से कम दो दिन पहले गुरु ग्रंथ साहिब, की पवित्र पुस्तक के पढ़ने के साथ शुरू होता है। सिख समुदाय। अखंड पथ कहा जाता है,  उस वक्त गुरु ग्रंथ के एक पुस्तक का 48 घंटे लंबा, बिना रुके पढ़ना होता है।

Gurupurab festival इतिहास (history of Gurupurab festival)

गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और सिख गुरुओं में सबसे पहले गुरु थे। गुरु नानक देव का जन्म लगभग 1469 में ननकाना साहिब में हुआ था। काफी लोगों के द्वारा ऐसा माना जाता है कि उनका जन्म देवत्व का प्रतीक था। हम आपको बता दें कि चंद्र कैलेंडर के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन उनकी Gurupurab festival जयंती दुनिया भर में मनाई जाती है।  और यह परंपरा सिख धर्म में काफी ज्यादा  मशहूर और  लोकप्रिय है.

गुरु नानक देव का दृढ़ या कहे तो संपूर्ण  विश्वास था कि एक व्यक्ति ईमानदारी से प्रार्थना के माध्यम से सीधे भगवान से जुड़ सकता है। उन्होंने उन परंपराओं को प्रोत्साहित नहीं किया जिनमें बलिदान शामिल थे। गुरु ग्रंथ साहिब नामक पवित्र पुस्तक बनाने के लिए उनकी सभी उपदेशों और शिक्षाओं को एक साथ बनाया गया है। यह सिख धर्म का केंद्रीय और सबसे पवित्र धार्मिक ग्रंथ है, जिसे सिख अंतिम, संप्रभु और शाश्वत गुरु मानते हैं।

गुरु ग्रंथ साहिब के मुख्य छंदों में यह बात बहुत विस्तार से बताया गया है कि  पूरे ब्रह्मांड का निर्माता एक था। छंद भी मतभेदों के बावजूद मानवता, समृद्धि और सभी के लिए सामाजिक न्याय के लिए निस्वार्थ सेवा का उपदेश देते हैं। Gurupurab festival सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के जीवन, उपलब्धियों और सबसे महत्वपूर्ण उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए मनाई जाती है।

Rath Yatra क्या है और Rath Yatra कैसे मनाया जाता है ?

गुरु नानक जयंती (Gurupurab festival) कैसे मनाई जाती है?

Sikhism Gurpurab | Sikh Guru Events | Sikh Guru Anniversary | Sikh Guru  Holiday

गुरु नानक जयंती (Gurupurab festival) पूरी दुनिया में बहुत धूमधाम  के साथ और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस Gurupurab festival समारोह पूरे दो दिन पहले से ही गुरुद्वारा में शुरू कर दिया जाता है। गुरु नानक जयंती के अखंड पाठ कहे जाने वाले गुरु ग्रंथ साहिब का  लगभग 48 घंटे का  लगातार , नॉन-स्टॉप पाठ आयोजित किया जाता है।

सिखों के गुरु गुरु नानक के जन्मदिन से एक दिन पहले नगरकीर्तन नामक जुलूस का भी  काफी धूमधाम के साथ और उत्साह के साथ आयोजन किया जाता है। इसका नेतृत्व पांच लोगों द्वारा किया जाता है, जिन्हें पंज प्यारे के रूप में जाना जाता है, जो सिख त्रिकोणीय ध्वज, निशान साहिब धारण करते हैं। गुरु नानक जयंती के जुलूस के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी में बिठाया जाता है।

सभी लोग एक साथ मिलकर समूहों में भजन गाते हैं, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र बजाते हैं और अपने मार्शल आर्ट कौशल का प्रदर्शन भी करते हैं।

हमारे देश भारत में  सिखों के द्वारा इस गुरु नानक जयंती (Gurupurab festival) काफी ज्यादा धूमधाम के साथ और उत्साह के साथ मनाया जाता है। खासकर इस Gurupurab festival  पंजाब में  काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है पंजाब के शहर अमृतसर के मशहूर गुरुद्वारा Golden Temple मे गुरु नानक जयंती को मनाया जाता है उस दिन Golden Temple काफी अच्छी तरह से सजाया जाता है ।

और Golden Temple फूल और lights के साथ सजाया जाता है उसके बाद सभी लोग इस गुरुद्वारा मे एक साथ त्योहार को मनाते हैं  पंजाब के लोगों में इस पर्व को लो कि एक  काफी ज्यादा उत्साह बनी होती है  इस दिन मशहूर गुरुद्वारा Golden Temple गुरुद्वारा मे  सभी देश विदेश के लोग एक साथ जोड़ते हैं और इस पर्व को सभी लोग मिलकर मनाते हैं इस पर्व को भारत समेत पूरी दुनिया में  मनाया जाता है।

गुरु नानक देव कौन थे? (Who was Guru Nanak Dev)

Madhya Pradesh: Guru Nanak's Prakash Utsav celebrations for 13 days

सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी थे। इनका जन्म 30 November 1469 सीई को हुआ था। इनके जन्मदिन को ही गुरुनानक जयंती के रूप में मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती (Gurupurab festival) मूल निवासियों के लिए बहुत महत्व रखता है।

सिख धर्म के संस्थापक और सिख गुरुओं में सबसे पहले गुरु नानक (1469-1539 सीई) के हुए थे। हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, उनका जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन दुनिया भर में मनाया जाता है। पूरे दुनिया भर में सिख धर्म के समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले सबसे पवित्र त्योहारों में से एक गुरु नानक जयंती, या Gurupurab festival है।

यह दिन पहले सिख गुरु, गुरु नानक के जन्म का प्रतीक है, जो सिख धर्म के पिता थे। 15 अप्रैल, वर्ष 1469 को राय-भोई-दी तलवंडी जो कि अभी पाकिस्तान का भाग है वहां ही ननकाना साहिब में जन्मे, गुरु नानक को ‘सभी समय के महानतम धार्मिक नवप्रवर्तकों’ में से एक माना जाता है।


उन्होंने शांति के ईश्वर के संदेश को फैलाने के लिए व्यापक रूप से यात्रा  किया था और और उन्होंने शिक्षा और शिक्षण को पूरी दुनिया में फैलाने का काम किया था। सर्वशक्तिमान, विश्वासों के अनुसार, अपनी प्रत्येक रचना में निवास करते हैं और शाश्वत सत्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने समानता, अच्छाई और सदाचार पर केंद्रित कई सामाजिक और राजनीतिक आध्यात्मिक मंच विकसित किए।

गुरु नानक देव जी ने 19 साल की उम्र में शादी की और उनके दो बेटे थे, लेकिन सांसारिक मामलों में उनकी रुचि की कमी के कारण वे आध्यात्मिक क्षेत्र में चले गए और ज्ञान सीखने के लिए 30 साल की उम्र में विभिन्न-विभिन्न पवित्र स्थानों का दौरा किया।

उन्होंने विभिन्न व्यवसायों को भी अपनाया, लेकिन सफल होने में असफल रहे, जैसे कि पशु-पालन, कृषि, और दुकान-पालन। सिख परंपराओं के अनुसार, नानक देव के जीवन के प्रारंभिक वर्षों को कई घटनाओं से चिह्नित किया गया था, जिससे पता चलता है कि उन्हें दैवीय कृपा से चिह्नित किया गया था। गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र ग्रंथों में, गुरु देव की शिक्षाओं को रूप में दर्ज किया गया है। 

सभी 974 भजनों में से, आज भी यह माना जाता है कि, सिख धर्म की शिक्षाओं के अनुसार,  गुरु नानक देव की आत्मा निम्नलिखित नौ गुरुओं में से प्रत्येक पर उतरी है।

Ramadan Festival In Hindi | रमज़ान 2022 का महत्व, निबंध, इतिहास

[ अंतिम विचार, Conclusion ]

दोस्तों आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख Gurupurab festival क्या है और इस festival कैसे मनाया जाता है आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से वह सभी चीजों के बारे में पूरे विस्तार से समझ चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आप को इस Gurupurab त्यौहार से जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम है कि कई सारे लोग ऐसे हैं जो जानना चाहते हैं कि आखिर Gurupurab festival क्या है और Gurupurab festival का महत्व क्या है और Gurupurab festival उत्सव किस तरह से की जाती है और Gurpurab festival क्यों मनाया जाता है और 2022 मे gurpurab festival कब मनाया जाएगा ।

दोस्तों इन सभी सवालों का जवाब देने के लिए हमने इस लेख को पूरे विस्तार से लिखा था। और दोस्तों आप सभी पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और इस गुरपुरब त्यौहार से जुड़ी सभी जानकारी को भी प्राप्त कर चुके होंगे।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं।

हमारी समूह आपकी कमेंट के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट Gurupurab festival क्या है और कैसे मनाया जाता है के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा। ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे। तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और आपको हमारा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

Previous articleGangaur Festival in Hindi | गणगौर त्यौहार 2022 का महत्त्व, पूजा विधि, कथा व गीत
Next articleDussehra festival in hindi | 2022 मे Dussehra festival कब मनाया जाएगा?

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here