नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारा इस लेख में आज के इस आर्टिकल के मदद से हम Independence day क्या है और Independence day को क्यों मनाया जाता है बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त करने वाले हैं और समझने भी वाले हैं।

दोस्तों जैसे कि आपको मालूम ही होगा कि भारत में आए दिन कई सारे पर्व त्यौहार आते रहते है। ढेर सारे अलग-अलग धर्म के लोग अपने रीति रिवाज के साथ अपने त्यौहार पर्व को काफी धूमधाम से मनाते हैं। अगर उसी तरह से हम देखे तो स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) एक त्यौहार ही है  जो कि हमारे देश भारत के सभी लोगों के द्वारा बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है क्योंकि इस राष्ट्रीय त्योहार में बिल्कुल भी भेदभाव नहीं किया जाता है।

क्योंकि आपको मालूम होगा कई सारे पर्व त्योहार ऐसे होते हैं जो केवल हिंदू भाई मनाते हैं कई सारे पर्व त्योहार ऐसे होते हैं जो केवल मुसलमान भाई मनाते हैं कई सारे पर्व त्योहार ऐसे होते हैं जो केवल सिख भाई मनाते हैं कई सारे पर्व त्योहार ऐसे होते हैं जो सिर्फ ईसाई भाई मनाते हैं उसी तरह से काफी अलग अलग त्यौहार उनके धर्म पर होते हैं मगर यह ।

मगर यह पर्व त्योहार बिना धर्म के पक्षपात किए सभी लोग एक साथ मिलकर इसे बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि यह हमारे देश के लिए बड़ी ही ऐतिहासिक दिन होता है।

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई सारे लोग हैं जिनको स्वतंत्र दिवस के बारे में तनिक भी जानकारी नहीं है और वह जानना चाहते हैं कि आखिर स्वतंत्र दिवस यानी कि (Independence Day) क्या होता है और स्वतंत्र दिवस यानी कि (Independence Day) क्यो मनाया जाता है और स्वतंत्र दिवस यानी कि (Independence Day) का महत्त्व क्या है,इत्यदि ।

तो हम सभी ने मिलकर के इन सभी लोगों का इस सवाल का जवाब देने के लिए इस लेख को विस्तार से लिखा है और इस लेख में बताया है कि आखिर (Independence Day) क्या होता है और  स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day) क्यो मनाया जाता है इन सभी चीजों को हमने स्टेप बाय स्टेप पूरे विस्तार से बताया है।

अगर आप Independence Day के बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया करके आप हमारे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़े तभी आपको हमारा यह लेख अच्छे से समझ में आएगा तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए

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दोस्तों आपके मन में अगर यह ख्याल है कि आखिर Independence Day ( स्वतंत्रत दिवस ) क्या होता है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह हमारे देश भारत के लिए राष्ट्रीय पर्व है।

Independence Day एक राष्ट्रीय अवकाश, ये  दिन वो दिन होता है जब किसी देश को आजादी पूरे तरह से मिली हो और इस दिन को हम राजपत्रित छुट्टी के नाम से भी जाना जाता है इसे आजादी का दिन भी कहा जाता है।

अगर हम इसे देखे तो यह अलग अलग देशों में काफी अलग अलग तरह से धूमधाम से मनाया जाता हैं इस दिन सभी आजादी का जश्न में मगन होते है और लोग मनाते हैं।

मुझे तो आपको इसके बारे में कुछ बताने की जरूरत नही है कि भारत में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता हैं क्युकी हमारा देश भारत 15 अगस्त शाल 1947 को british शासन से freedom यानी कि आजाद हुआ था ।

और ये भारत का राष्टीय त्यौहार राष्टीय पर्व भी है प्रतिवर्ष भारत के प्रधानमंत्री हमारे देश भारत के राजधानी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते है और इस लाल किले पर भारत के राष्टीय ध्वज भी फहराया जाता है।

इस दिन को झंडा फहराने का एक बेहतरीन तरह का समरोह, परेड और पुरानी सांस्कृतिक की आयोजनों के साथ पुरे भारत देश में यह काफी धूम धाम से मनाया जाता है। सभी भारतीय इस दिन अपनी पोशाक, सामान और अपने घरो में झंडा फहरा कर आजादी का जश्न काफी जोरो सोरो से मनाते हैं।

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दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि आखिर स्वतंत्र दिवस क्या है तो आपके मन में यह ख्याल आया होगा कि आखिर भारत में स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) कब मनाया जाता है तो मुझे इसके बारे में आपको ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होगी अगर आप भारतीय होंगे तो आपको यह जरूर मालूम होगा कि 15 अगस्त को स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) मनाया जाता है।

अब आपके मन में ख्याल जरूर आया होगा कि आखिर यह त्यौहार किस धर्म के लोग मनाते हैं तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस त्यौहार को पूरे भारत के लोग बड़े धूमधाम से मनाते हैं।

क्योंकि यह राष्ट्रीय पर्व है इसमें जात पात का भेदभाव तनिक भी नहीं किया जाता है इसमें सभी लोग एक साथ मिल कर के अपने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को काफी शान से फहराते आते हैं और अपने आजादी के दिन के जश्न को बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं और लोग को गर्व होता है कि आज ही के दिन हम लोगों ने आजादी पाया था।

यह हम आपको नीचे के टॉपिक में पूरे विस्तार से बताएंगे कि आखिर किस किस तरह से हमारे वीरों ने अपने बलिदान देकर और हमारे देश के बड़े-बड़े नेताओं ने कितना बड़ा योगदान दिया हमारे देश को आजादी दिलाने में तो इस तरह से कुछ 15 अगस्त को स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) बड़ी धूमधाम के साथ सभी लोगों के द्वारा मनाया जाता है।

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भारतीय स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है (Why Celebrate Indepedence Day Of India in hindi )

दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि इंडिपेंडेंस डे क्या होता है उसको जानने के बाद आपके मन में ख्याल जरूर आया होगा कि आखिर Independence Day क्यों मनाया जाता है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारे देश भारत में Independence Day इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन हमारा देश भारत आजाद हुआ था ।

अगर आपभारतीय होंगे तो आपको मालूम ही होगा कि स्वतंत्रता दिवस हमेशा 15 अगस्त को मनाया जाता है। हम आपके जानकारी के लिए बता दु की 15 अगस्त 1947 के दिन भारत को 200 साल British राज की गुलामी से पूरे तरह से आजादी मिली थी।

इसलिए भारत के लोग इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में काफी धूमधाम से इस दिन को मनाता है। यह भारत का राष्ट्रीय दिवस है। Independence Day के रूप में भी जाना जाता है, यह सार्वजनिक अवकाश 1947 की तारीख को चिह्नित करता है, जब भारत एक स्वतंत्र देश बन गया था।

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि इस दिन भारत के जाबाज सिपाहियों और कई भारत के बिर ने अपना बलिदान और काफी मेहनत के वजह से भारत को आजादी दिलाई थी और भारत के लोग बहुत ज्यादा खुश थे तो इसी के कारण उन्होंने अपने आजादी के दिन को जश्न के रूप में मनाया क्योंकि वह अब अपने गुलामी भरी जीवन से आजाद हो चुके थे और वह आप अपने मन के हिसाब से किसी भी काम को कर सकते थे।

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भारत के स्वतंत्रता दिवस का इतिहास (History Of Indepedence Day Of India)

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Britishers ने भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना पहला चौकी 1619 में सूरत के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थापित किया। उस शताब्दी के अंत तक,  अंग्रेजों का East India Company ने कलकत्ता, मद्रास, और बॉम्बे में तीन और स्थायी व्यापारिक स्टेशन खोले थे।

उन्नीसवीं सदी के मध्य तक, ब्रिटिशों ने इस क्षेत्र में अपने प्रभाव का विस्तार जारी रखा, भारत, बांग्लादेश  और  पाकिस्तान के वर्तमान समय के अधिकांश हिस्सों पर उनका नियंत्रण था।  वर्ष 1857 में, विद्रोही भारतीय सैनिकों द्वारा भारत के उत्तरी भाग में एक विद्रोह, अंग्रेजों सरकार को East India Company से क्राउन के लिए सभी राजनीतिक शक्ति को स्थानांतरित करने का नेतृत्व किया। 

ब्रिटिश सरकार ने स्थानीय शासकों के साथ संधियों के माध्यम से आराम करते हुए भारत के अधिकांश हिस्सों को सीधे  अपने मे नियंत्रित करना शुरू कर दिया। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, ब्रिटिश वायसराय को सलाह देने और भारतीय सदस्यों के साथ प्रांतीय परिषदों की स्थापना के लिए भारतीय पार्षदों की नियुक्ति द्वारा  अंग्रेजों ने भारत में स्व-शासन की ओर प्रारंभिक कदम उठाए गए थे। 

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वर्ष 1920 में,  महान भारतीय नेता मोहनदास करम चंद गांधी ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ अभियान के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिक दल को एक  जंग आंदोलन में बदल दिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए संसदीय और अहिंसक

प्रतिरोध और असहयोग दोनों का इस्तेमाल किया।  और  बहुत सारे बड़े नेताओं ने, विशेष रूप से सुभाष चंद्र बोस, और गांधीजी ने भी आंदोलन के लिए एक सैन्य दृष्टिकोण अपनाया। इस आजादी के आंदोलन का समापन ब्रिटिश साम्राज्य और भारत और पाकिस्तान के गठन से उपमहाद्वीप की स्वतंत्रता में हुआ। इस प्रकार, 15 अगस्त  वर्ष 1947 को, भारत राष्ट्रमंडल के भीतर एक प्रभुत्व बन गया।

मुसलमानों  और हिंदुओं के बीच घर्षण ने ब्रिटिश भारत का विभाजन करने के लिए पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान का निर्माण किया। भारत देश 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान घोषित करने के बाद राष्ट्रमंडल के भीतर एक गणतंत्र बन गया, जो अब पूरे भारत देश में गणतंत्र दिवस के रूप में जाना जाता है।

 भारत के स्वतंत्रता दिवस का इतिहास 1947 में  15 August के दिन भारत आजाद हुआ था। हमने कड़े संघर्ष के बाद ब्रिटिश सत्ता से आजादी हासिल की। 15 August के दिन हमारे पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इसने भारत में 200 साल पुराने ब्रिटिश शासन के अंत को चिह्नित किया। अब हम सारे लोग एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र में हवा में सांस लेते हैं।

अंग्रेजों  ने  हमारे भारत  देश में लगभग 200 वर्षों तक शासन किया है।  और हमारे भारत देश का काफी ज्यादा शोषण किया। ब्रिटिश उपनिवेश के तहत, प्रत्येक भारतीय का जीवन संघर्षपूर्ण और निराशाजनक था। भारतीयों  लोगो के साथ गुलाम जैसा व्यवहार किया जाता था और उन्हें बोलने की स्वतंत्रता नहीं थी।  उस समय भारतीय शासक ब्रिटिश  सरकार या अधिकारियों के कब्जे में साधारण कठपुतली थे।

भारतीय लड़ाकों को ब्रिटिश शिविरों में क्रूरता के साथ पेश किया गया था, और  हमारे देश भारत में उस वक्त बहुत सारे किसान भूख से मर रहे थे क्योंकि वे फसल विकसित नहीं कर सके और उन्हें पर्याप्त भूमि कर चुकाना पड़ा।  मतलब कि ब्रिटिशर्स  हमारे लोगों का पैसा कर के रूप में  छीन लिया करते थे। इस विशेष अवसर पर, भारत के लोग महान महिलाओं  और पुरुषों के निस्वार्थ अद्वितीय योगदान  और बलिदान को याद करते हैं।

भारत  देश की स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए। बहुत सारे  भारतीय  महापुरुष  अपना सर्वोच्च बलिदान दिया उनमें से कुछ हैं महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, और गोपालबंधु दास जैसे नेताओं को पूरे  भारत देश में श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि दी जाती है।

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स्वतंत्रता दिवस पर क्या होता है? (How To Celebrate Indepedence Day Of India)

दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि स्वतंत्र दिवस यानी ‘Indepedence Day, क्या होता है और Indepedence Day क्यों मनाया जाता है तो उसके जानने के बाद आपके मन में और ख्याल जरूर आया होगा कि आखिर ‘Indepedence Day’ के दिन क्या होता है ।

तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर साल, इस दिन भारत के प्रधान मंत्री भारत के राजधानी दिल्ली के लाल किले पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और हम अपने राष्ट्र के नाम के सन्देश देते हैं, जिसके बाद एक बेहतर तरह का सैन्य परेड होती है। भारत के राष्ट्रपति राष्ट्र के लिए भी देश के नाम एक संदेश देते हैं। इस अवसर पर, इक्कीस सभी तोपों की सम्मान रूप से सलामी दी जाती है।

यह दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में इसे धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें  बैंक , सरकारी कार्यालय, और डाकघर पूर्ण रूप से बंद रहते हैं। सभी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ध्वजारोहण समारोह, के साथ ही साथ परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। क्या आपको पता है कि हमारे भारत देश मेब स्वतंत्रता दिवस की तैयारी करीब एक महीने पहले से शुरू हो जाती है।

स्कूल और कॉलेज  प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वाद-विवाद, भाषणों और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का लोग आयोजन भी शामिल करते हैं। सभी लोग एकजुट होकर भारत देश का सम्मान करते हैं और इस राष्ट्रीय ध्वज को काफी सम्मानित करके और हमारे भारत देश का राष्ट्रीय गान को गा कर के फहराया जाता है तो कुछ इस तरह के क्रियाकलाप इस दिन को किया जाता है।

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स्वतंत्रता दिवस का महत्व (What Is Independence Day Importance Significance )

दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में Independence Day से जुड़ी संपूर्ण जानकारी स्टेप बाय स्टेप बताइए तो उन सभी चीजों को जानने के बाद आपके मन में यह ख्याल जरूर आया होगा कि Independence Day का महत्व क्या है तो हमने इस टॉपिक में पूरे विस्तार से बताया है कि इसका महत्व क्या है तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को और जानते हैं Independence Day के महत्व के बारे में ।

अगर हम थोड़ी इतिहास को देखे तो 1757 शाल  में, East India Company ने प्लासी के युद्ध में बंगाल के अंतिम नवाब को काफी बुरी तरह से हराया, जिसने भारत में British शासन की शुरुआत को थोड़ी थोड़ी चिह्नित किया। भारतीय विद्रोह या स्वतंत्रता का पहला युद्ध 1857 ईस्वी में ही हुआ था जो British शासन के खिलाफ एक प्रमुख और असफल विद्रोह था।

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि वर्ष 1885 में, भारत की पहली राजनीतिक पार्टी का गठन किया गया था, जिसका नाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस रखा गया था । और उस 1918 वर्ष में प्रथम विश्व युद्ध के समापन के बाद, भारतीय कार्यकर्ताओं ने स्व-शासन या ‘Swaraj’ का आह्वान किया। 1929 शाल में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर की एक सभा में ‘पूर्ण स्वराज’ या भारत की स्वतंत्रता की सभी लोगो के बीच घोषणा की।

अंत में, British सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सत्र और बैठकों की एक श्रृंखला के बाद, लॉर्ड माउंटबेटन, जिन्होंने पूर्व-स्वतंत्र भारत के अंतिम वायसराय के रूप में कार्य किया, ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।

15 अगस्त 1947 को, लॉर्ड माउंटबेटन ने ब्रिटिश भारत को दो नए स्वतंत्र राष्ट्रों में विभाजित किया; भारत और पाकिस्तान। इसके बाद से हर साल 15 अगस्त को के दिन, भारत का राष्ट्रीय ध्वज कई सार्वजनिक स्थानों पर फहराया जाता है; प्रधान मंत्री ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को मनाने के लिए दिल्ली के लाल किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

ध्वजारोहण समारोह के साथ ही परेड और लोक-नृत्य और काफी तरह तरह के योजनाओं की प्रस्तुतियां भी होती हैं। राष्ट्र के विभिन्न विभिन्न हिस्सों में कई उत्सव होते हैं। School और colleges सहित शैक्षणिक संस्थान, इस दिन के ऐतिहासिक महत्व के बारे में छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के लिए एक विशेष समारोह की मेजबानी करते हैं और हमारे देश के वीर जवान को याद दिलाते है । इस अवसर को मनाने के लिए बच्चे तिरंगे वाली पतंग उड़ाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day )अपने आप में भारतीयों के लिए एक विशेष महत्त्व रखता है, यह दिन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के बलिदान को हमे याद दिलाता है। भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महात्मा गाँधी, शहीद भगत सिंह, रानी लष्मी बाई, बाल गंगाधर तिलक, सुभाषचंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का विशेष योगदान रहा है। इनका बलिदान हम कभी भी नहीं भूल सकते।

भारत के स्वतंत्र दिवस से जुड़ी 10 रोचक बातें (Interesting Facts About Indian Independence Day)

1.  दोस्तों क्या आप जानते हैं कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा पिंगली वेंकय्या द्वारा डिजाइन किया गया था जो  देश के आंध्र प्रदेश  राज्य के एक स्वतंत्रता सेनानी थे।

2. 15 अगस्त  वर्ष 1947 को भारत को ब्रिटेन से आजादी मिलने से ठीक कुछ दिन पहले 22 जुलाई वर्ष 1947 को भारतीय ध्वज  तिरंगा को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया था।

3. भारत मे ध्वज पहली बार 7 अगस्त, वर्ष 1906 को पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता के पारसी बागान स्क्वायर पर फहराया गया था। इस तिरंगा में हरे, पीले और लाल रंग की तीन क्षैतिज धारियां शामिल थीं।

4. भारत का राष्ट्रीय ध्वज, खादी से बनाया जाना है, खादी को एक विशेष प्रकार का सूती या रेशमी कपड़ा कहा जाता है जिसे महात्मा गांधी ने पूरे विश्व में लोकप्रिय बनाया था।

5. मूल खादी कपड़े का झंडा या तिरंगा केवल एक ही स्थान द्वारा बनाया जा सकता है जिसे कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ या केकेजीएसएस कहा जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के एकमात्र लाइसेंस प्राप्त आपूर्तिकर्ता  और निर्माता हैं।

6.  दोस्तों अगर हम अपने तिरंगा में रंग की बात करें तो केसरिया रंग बलिदान और साहस का प्रतिनिधित्व करता है जबकि सफेद रंग सत्य, पवित्रता और शांति का प्रतिनिधित्व करता है। और ध्वज का हरा रंग सुख और समृद्धि को दर्शाता है जबकि ध्वज में लगे अशोक चक्र धर्म (धार्मिकता) के नियमों का प्रतिनिधित्व करता है।

7.  दोस्तों क्या आप जानते हैं कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के चक्र में मध्य सफेद पट्टी में 24 समान दूरी वाली तीलियों के साथ काफी गहरे नीले रंग में अशोक चक्र का डिज़ाइन बनाया होता है।

8. और क्या आप जानते हैं कि भीकाजी रुस्तम कामा पहले भारतीय व्यक्ति थे जिन्होंने किसी विदेशी धरती पर भारतीय तिरंगा या झंडा फहराया।

9. हम आपको बता दें कि तेनजिंग नोर्गे पहले व्यक्ति थे जिसने 29 मई वर्ष 1953 को पहली बार दुनिया के सबसे बड़े और लंबे पहाड़ माउंट एवरेस्ट पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को फहराया था।

10. वर्ष 2002 से पहले, भारत के सामान्य नागरिकों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस को छोड़कर कभी भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी। लेकिन वर्ष 2002 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ध्वज संहिता में संशोधन किया और सभी नागरिकों को यह इजाजत दिया कि वह भारतीय ध्वज तिरंगा को कभी भी और कहीं भी लहरा सकते हैं।

11. भारतीय संविधान के अनुसार भारतीय ध्वज  तिरंगा को कभी भी जमीन पर नहीं फेंकना चाहिए और कभी भी ध्वज को उल्टा करके नहीं रखना चाहिए।

12. दोस्तों क्या आप जानते हैं कि भारत के पड़ोसी दो देश बांग्लादेश और पाकिस्तान आजादी से पहले भारत के ही हिस्सा थे ।

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[ Conclusion, निष्कर्ष ]

 दोस्तो आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख Independence day क्या है और Independence day को क्यों मनाया जाता है आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से वह सभी जानकारी को पूरे विस्तार से प्राप्त कर चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

दोस्तों हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम है कई सारे लोग ऐसे हैं जो स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) के बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर यह है क्या स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) क्यों मनाया जाता है और स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) के पीछे का इतिहास क्या रहा है तो हम सभी ने मिलकर के इन सभी लोगों का इसी समस्याओं को हल करने के लिए इस लेख को लिखा था।

मेरा आप पर संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे मेरे इस लेख ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और स्वतंत्र दिवस यानी कि ( Independence Day ) बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त कर चुके होंगे।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं। हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट चतुर्थी क्या है और गणेश चतुर्थी को क्यों मनाया जाता है के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे।

तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमारा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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