नमस्कार दोस्तो आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारा इस लेख में दोस्तों इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं भारत के एक मशहूर त्योहार Onam Festival के बारे में, जो कि भारत के राज्य केरला में काफी ज्यादा प्रसिद्ध त्योहार माना जाता है ।

इस त्यौहार को केरल राज्य में काफी ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है और  इस Onam Festival को हर साल अगस्त और सितंबर में मनाया जाता है, और यह ओणम त्योहार एक प्रमुख फसल उत्सव भी है। इस त्यौहार के दिन  कई प्रकार के मनोरंजक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।

दोस्तों अगर आप इस Onam Festival  के बारे में और भी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में हमने Onam Festival से जुड़ी काफी जानकारियों को साझा किया है जिनमें कुछ है Onam Festival क्या है और ओणम क्यों मनाते है?, ओणम कैसे मनाते है, 2022 मे ओणम त्यौहार को कब मनाया जाएगा?, ओणम का महत्व और आर्टिकल के अंत में हम लोग बात करेंगे ओणम त्यौहार का इतिहास ।

और ओणम पर बनने वाले पकवान के बारे में तो अगर आप इन सारी जानकारियों को प्राप्त करना चाहते हैं और Onam Festival के बारे में पूरा जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा अंतर पढ़ सकते हैं दोस्तों बिना कोई देरी किए चली अब आज के इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और Onam Festival के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Janmashtmi festival in hindi | Janmashtmi festival को 2022 में कब मनाया जाएगा?

ओणम त्यौहार क्या है? (Onam Festival)

Onam festival begins in Kerala today amid Covid-19 restrictions – All you  need to know | Kerala News

ओणम केरल के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला एक हिंदू त्योहार है। यह  केरल राज्य में सबसे लोकप्रिय त्योहार है इसके अलावा यह त्योहार पूरे भारत देश में भी काफी ज्यादा लोकप्रिय है इस त्यौहार को  पूरे भारत देश में काफी धूमधाम से मनाया जाता है और खासकर केरल राज्य में इस त्यौहार को और भी उत्साह के साथ मनाया जाता है और हर साल अगस्त और सितंबर में मनाया जाता है, और यह ओणम त्योहार एक प्रमुख फसल उत्सव भी है।

ओणम मलयालम कैलेंडर के पहले महीने को चिंगम के नाम से जाना जाता है। त्योहार विष्णु के वामन अवतार की उपस्थिति और पौराणिक राजा महाबली की बाद में घर वापसी की याद दिलाता है।

इस वर्ष 2022 में ओणम का पर्व 30 अगस्त, मंगलवार से लेकर 8 सितंबर, गुरुवार तक मनाया जायेगा। और थिरुवोनम दिन तक 10 दिनों तक जारी रखें, ओणम के त्योहार के दौरान सबसे शुभ दिन भी। अथम नक्षत्र को अन्य हिंदू कैलेंडर में हस्त नक्षत्र के रूप में जाना जाता है।

ओणम का त्योहार  केरल राज्य में मनाये जाने वाले  सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। मलायलम पंचांग के अनुसार यह ओणम का त्योहार चिंगम माह तथा हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल की त्रयोदशी को में आता है, जोकि ग्रागेरियन कैलेंडर के अनुसार  यहां पर हर साल अगस्त या सितम्बर माह में पड़ता है।

यह ओणम त्योहार को राजा महाबली के याद में मनाया जाता है और इस ओणम त्योहार के दिन को लेकर ऐसी कथा प्रचलित है कि ओणम के दिन राजा महाबली की आत्मा केरल आती है।

इस ओणम त्योहार पर पूरे केरल राज्य में सार्वजनिक अवकाश होता है और कई प्रकार के मनोरंजक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। और इस त्यौहार को काफी धूमधाम से मनाया जाता है इसके अलावा इस त्यौहार में  कई प्रकार के स्वादिष्ट स्वादिष्ट पकवान पकाए जाते हैं  और उस दिन इन सारे पकवान को खाया जाता है। और इस त्यौहार के दिन सभी लोग अपने घर द्वार के साफ सफाई करके रंग बिरंगे फूल और गुलाल से सजाते हैं।

2022 मे ओणम त्यौहार को कब मनाया जाएगा? (Onam Festival 2022 date)

दोस्तों अगर आप जानना चाहते हैं कि वर्ष 2022 में ओणम त्यौहार को कब मनाया जाएगा तो हम आपको बता दें कि वर्ष 2022 में ओणम का पर्व 30 अगस्त, मंगलवार से लेकर 8 सितंबर, गुरुवार तक मनाया जायेगा। इस दिन इस ओणम त्यौहार को धूमधाम से मनाया जाएगा। 

और इस त्यौहार को लेकर  लोगों के मन में अभी से ही उत्साह बढ़ रहा है। इसको देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि इस दिन ओणम त्यौहार इस पर को कितना धूमधाम से मनाया जाएगा।

Diwali क्या है और Diwali क्यो मनाया जाता है ?

ओणम क्यों मनाते है? (Why Do We Celebrate Onam)

Is Onam an inclusive festival? – TwoCircles.net

ओणम  त्यौहार मलयाली लोगो के महत्वपूर्ण और प्रमुख पर्वों में से एक पर्व  है और इस ओणम पर्व सभी मलयाली मनाते हैं चाहे वह  देश में रहते हो या विदेश में रहते हो  सभी लोग इस पूनम त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से और   उत्साह पूर्वक मनाते हैं  हालांकि इस ओणम पर्व  का भव्य आयोजन केरल में होता है ।

लेकिन इस पर्व को भारत के पूरे राज्य में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है  दोस्तों यदि हम बात करें कि इस पर्व को क्यों मनाया जाता है तो हम आपको बता दें कि अगर इस पर्व को सामान्य रुप से देखा जाये तो ओणम का  त्योहार खेतों में नई-नई फसल की उपज के उत्सव के रुप में मनाया जाता है। 

इसके अलावा इस त्यौहार की एक विशेषता यह भी है कि इस त्यौहार के दिन  लोग मंदिर में न जाकर अपने घर ही इस त्योहार को मनाते हैं और अपने घर पर ही इस त्यौहार के दिन पूजा पाठ करते हैं इसके अलावा इस पर्व के साथ एक बहुत पुरानी एक पौराणिक कथा भी जुड़ी हुई है।

जिसके कारण मलयाली लोग इस पर्व को काफी ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं और इस पर रुको महत्त्व और सम्मान देते हैं।

वैसे तो इस Onam त्यौहार से जुड़ी बहुत सारी मान्यता है लेकिन जो सबसे मशहूर मान्यता है  और जिस पर सभी लोग विश्वास करते हैं वह  मान्यता यह है कि  ऐसा माना जाता है कि जिस राजा महाबली से विष्णु भगवान  ने वामन अवतार लेकर तीन पग में तीनों लोको को माप लिया था।

वह असुरराज राजा महाबलि भारत के केरल  राज्य के ही राजा था और Onam का यह त्यौहार उन्हीं को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इन Onam त्योंहार में तीन दिनों के लिए राजा महाबलि पाताललोक से  धरती  पर यानी पृथ्वी पर आते है और अपनी प्रजा  या जनता के नई फसल के साथ उमंग तथा खुशियां  या उत्साह लाते है। यहीं कारण है इस ओणम त्योहार पर लोग अपने घरों के आंगन में राजा बलि की मिट्टी की प्रतिमा या मूर्ति भी बनाते है।

Dussehra festival in hindi | 2022 मे Dussehra festival कब मनाया जाएगा?

ओणम कैसे मनाते है? (How Do We Celebrate Onam)

मलायाली लोग इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से और उत्साह के साथ मनाते हैं इस त्यौहार में सभी लोग शामिल होते हैं और सभी लोग एक साथ इस त्यौहार को मनाते हैं  और केरल राज्य में है इस ओणम त्यौहार की तैयारी 1 महीने पहले से ही शुरू कर दी जाती है और इस त्यौहार के लिए काफी अच्छे से तैयारी किया जाता है।

जैसे दिवाली में होता है उसी  प्रकार से इस ओणम त्यौहार में भी सभी लोग अपने घर और द्वार को साफ सफाई करते हैं  और इस दिन सभी लोग अपने घरों के आंगन को खूबसूरत  और रंग-बिरंगे  फूलों की पंखुड़ियों से सजाते हैं  केरला के स्थानीय भाषा में इन फूलों की पंखुड़ियों से  बनी रंगोलियों को ‘पूकलम’ कहा जाता है। 

इसके साथ ही इस ओणम त्यौहार के दिन सभी लोग अपने घर में राजा महाबलि की मूर्ति  या प्रतिमा भी स्थापित करते है क्योंकि मलायाली लोग  का यह मानना होता है कि इस ओणम त्यौहार के दौरान राजा बलि अपनी प्रजा और भक्तों से मिलने धरती पर वापस आते हैं। राजा बलि की यह प्रतिमा को पूलकम के बीच में विष्णु भगवान के वामन अवतार की प्रतिमा के साथ स्थापित की जाती है।

इस ओणम त्योहार  लोग बहुत पहले से ही सजावट करने लगते हैं लगभग में 8 दिनों तक  सजावट का कार्य चलता रहता है  और इस त्यौहार के नौवें दिन  हर घर में भगवान विष्णु की मूर्ति बनाया जाता है और उस मूर्ति को  पूजा जाता है।  इस दौरान महिलाएं विष्णु  भगवान के पूजा करते समय  विष्णु जी के मूर्ति के चारों तरफ घेरा लगाती है और नाचते गाते इस त्यौहार को मनाती है।

और इस ओणम त्योहार के रात को श्रावण और गणेशजी देवता की मूर्ति बनाई जाती है। और भगवान के मूर्तियों के सामने दीप को जलाया जाता है और पूजा पाठ किया जाता है और उसके बाद अगले दिन इन सारे भगवान को धूमधाम के साथ भगवान की विदाई की जाती है और उनका के मूर्तियों को किसी तालाब में विसर्जित किया जाता है।

और पूजा पाठ के साथ-साथ यह ओणम का त्यौहार अपने स्वादिष्ट व्यंजन के लिए भी काफी ज्यादा मशहूर है क्योंकि इस त्यौहार के दौरान  विभिन्न विभिन्न और बहुत स्वादिष्ट स्वादिष्ट भोजन बनाए जाते हैं और इस त्यौहार के दौरान बहुत स्वादिष्ट भोजन खाया भी जाता है  और इसी के कारण बच्चे  इस ओणम पर्व को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं।

सामान्य तौर पर इस ओणम त्योहार के दिन पचड़ी-पचड़ी काल्लम,  घी, दाव, सांभर, ओल्लम, आदि जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं, और इस दिन इन सारे स्वादिष्ट व्यंजन को एक केले के पत्तों पर परोसा जाता है और खाने के लिए दिया जाता है  इस त्यौहार के दिन सबसे पहले सारे व्यंजन को ब्राह्मणों को खिलाया जाता है और इस केले के पत्ते पर खाने के परंपरा प्राचीन काल के ब्राह्मणों के परंपरा को दर्शाते हैं। और यह उनकी संस्कृति को प्रदर्शन करने के लिए कार्य करता है।

इस ओणम त्योहार के दिन उत्सव मनाने के साथ ही लोगों के मनोरंजन और के लिए कुम्मत्तीकली (मुखौटा नृत्य) , कथककली नृत्य,  पुलीकली नृत्य (शेर की पोशाक में किया जाने वाला नृत्य) आदि जैसे नृत्यों का  काफी धूमधाम से आयोजन किया जाता है।

इसके साथ ही इस ओणम त्योहार के  दिन नौका दौड़ तथा विभिन्न-विभिन्न प्रकार के खेलों कूद  का भी आयोजन किया जाता है।

Gurupurab Festival in hindi | 2022 मे Gurupurab Festival कब मनाया जाएगा?

ओणम की आधुनिक परंपरा (Modern Tradition of Onam)

दोस्तों जैसा कि हर एक त्यौहार को  समय के साथ अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है वैसे ही इस ओणम के त्योहार को भी पहले की अपेक्षा काफी आधुनिक तरीका से मनाया जा रहा है इस ओणम त्यौहार की परंपराओं काफी ज्यादा बदलाव आया है।

क्योंकि  इस आधुनिक दौर में सभी लोग काफी ज्यादा व्यस्त है  इसी कारण सभी त्यौहार को पहले की अपेक्षा  उत्तर धूमधाम से नहीं मनाया जा रहा है जिसके वजह से त्यौहार सिर्फ नाम के त्यौहार रह गए हैं  आज के समय में सभी त्यौहार मात्र नाम की त्यौहार रह गए हैं  क्योंकि आजकल के जिंदगी में लोग उन सारे त्यौहार को अच्छे से नहीं मना रहे हैं।

आज के इस आधुनिक युग में ओणम त्योहार को लेकर लोगों मे पहले के जैसा उत्साह नहीं देखने को मिल रहा है। पहले के समय में इस ओणम त्योहार को सभी लोग अपने परिवारों के साथ मिलकर मनाते थे और सभी लोग एक साथ इस त्यौहार का मजा लेते थे और  इस त्यौहार के व्यंजन को भी काफी ज्यादा मजे से खाते थे ।

लेकिन आज के समय में बड़े-बड़े शहरों में रहने के कारण लोग अपने घरों और गांव में नहीं जा रहे हैं और इस त्यौहार को सभी एक साथ नहीं बना पा रहे हैं  जिसके वजह से आज के सभी त्योहार फीके फीके लगते हैं।

यह ओणम के त्यौहार अपनत्व के सदेंश को प्रदर्शित करता है कि आखिर किस प्रकार से  महाराजा बलि अपने जनता या प्रजा प्रेम के कारण वर्ष में एक बार अपनी जनता या प्रजा से मिलने  धरती पर अवश्य आते हैं। इसी तरह से हमें सभी लोगों को भी प्रयास करना चाहिए कि ओणम के यह महत्वपूर्ण त्योहार को हम अपने परिवारजनों और परिवारों के साथ अवश्य मनाये।

ओणम का महत्व (Significance of Onam Festival)

केरल राज्य में इस ओणम त्यौहार को सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है  यही कारण है कि सबसे ज्यादा केरल में ही इस त्यौहार को मनाया जाता है और सबसे ज्यादा केरल के ही लोग इस त्यौहार को मनाते हैं  हालांकि केरल में रहने वाले अधिकतर लोग मलयाली होते हैं इसके वजह से देश विदेश में रहने वाले सभी मलयाली इस त्यौहार को काफी महत्व देते हैं  और इस त्यौहार को काफी धूमधाम से मनाते हैं  ।

इस ओणम के त्यौहार की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केरल में इस ओणम त्योहार को उसी प्रकार की मान्यता प्राप्त है, जिस प्रकार की उत्तर भारत में  होली, दीपावली तथा दशहरा को। इसी बात से आप समझ सकते हैं कि केरल राज्य में इस ओणम कितना ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता होगा और कितना ज्यादा उत्साह से मनाया जाता होगा ।

इस ओणम त्यौहार के दिन  केरल के सभी लोग  अपने-अपने घर द्वार को साफ-सुथरा करके उसके बाद फूल पत्ती तथा रंग-बिरंगे रंगोली से अच्छे तरीके से सजाते हैं। इसके साथ ही इस दौरान कथककली, नौका दौड़, तथा गायन जैसे कई सारे मनोरंजक कार्यक्रम का भी काफी धूमधाम से आयोजित किये जाते है।

और इस दिन इस कार्यक्रम को काफी  मजे से लुफ्त उठाया जाता है और  इस दिन घरों में कई तरह के विशेष पकवान भी बनाये जाते हैं। और उन  सारे स्वादिष्ट पकवानों को इस त्यौहार के दिन  बड़े चाव से खाया जाता है।

दोस्तों हम आपको बता दें कि इस Onam त्योहार के दिन लोग बाकी त्योहारों की तरह  मंदिरों में पूजा करने नही जाते है बल्कि की इस Onam त्योहार दिन  सभी लोग अपने घरों में ही भगवान विष्णु की प्रतिमा को पूजा करते है।

और केरला के मलयाली लोग का मानना है कि इस Onam त्योहार के दिन अपने घर में पूजा करने घर में सुख और समृद्धी आती है। इसके साथ ही इस ओणम त्यौहार को लेकर यह मान्यता भी है कि ओणम त्यौहार के दौरान राजा बलि  स्वयं पाताल लोक से पृथ्वी यानी की धरती पर आते हैं और अपनी प्रजा या अपने भक्तों के लिए खुशियां और ढेर सारा आशीर्वाद लाते है।

दोस्तों अगर हम वास्तव में ओणम त्यौहार की बात करें तो  यह पर्व तब मनाया जाता है जब केरल के खेत खलिहान में नई-नई फसल तैयार होती है और क्योंकि बहुत सालों से ही भारत  देश एक कृषि-प्रधान देश रहा है, यही कारण है कि इस दिन को ओणम त्योहार के रूप में मनाया जाता है और इस त्यौहार को को इतने धूम-धाम के साथ मनाया जाता है।

Gangaur Festival in Hindi | गणगौर त्यौहार 2022 का महत्त्व, पूजा विधि, कथा व गीत

ओणम पर बनने वाले पकवान (Special Dishesh Of Onam Festival)

Onam Festival 2021: Know Everything About This Festival

 दोस्तों Onam त्यौहार के बारे में इतना सब जानने के बाद आप चलिए जानते हैं कि ओणम पर बनने वाले पकवान क्या क्या होते हैं  दोस्तों हम लोग इस टॉपिक में ओणम जोहार में बनने वाले सारे पकवानों के बारे में बात करेंगे तो अगर आप जानना चाहते हैं कि ओणम  पर्व पर बनने वाले पकवान कौन कौन होते हैं तो इस टॉपिक को पूरा ध्यान से पढ़ें

Onam का त्यौहार अपने विविध संस्कृति के साथ ही अपने  स्वादिष्ट खान-पान के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। इस उत्सव पर विभिन्न मनोरंजक कार्य और गतिविधियों के साथ ही  बहुत सारे विशेष  प्रकार की व्यंजन भी बनाए जाते हैं। उनमें से कुछ प्रमुख व्यंजन है जैसे कि

1.खिचड़ी

2. कालन

3. केले का चिप्स

4.अविअल

5.सांभर

6.ओलन

7.इंजीपुल्ली

8.पचड़ी

9.परिअप्पु करी

10. थोरान

इसके अलावा Onam  त्यौहार और भी बहुत सारे स्वादिष्ट स्वादिष्ट भोजन बनाए जाते हैं जिनमें से कुछ हैं इमली और अदरक की चटनी, पुली इनजी, हल्के से मसालेदार दही में लौकी, दही में अनानास, इत्यादि

Ramadan Festival In Hindi | रमज़ान 2022 का महत्व, निबंध, इतिहास

ओणम त्यौहार का इतिहास (History of Onam Festival)

Onam Festival 2021 | All You Need to Know About Onam, Kerala

दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में कई सारे राज्य हैं और उन राज्य में बहुत सारे अलग-अलग पर्व और त्यौहार मनाए जाते हैं उसी तरह केरल राज्य में भी ओणम त्योहार मनाया जाता हैं। इस ओणम पर्व को केरल के राजा महाबलि के स्मृति में मनाया जाता है। दोस्तों वैसे तो इस ओणम को लेकर बहुत सारे कथाएं बताई जाती हैं लेकिन जो कथा सबसे अधिक प्रचलित है, वह यह है कि –

दोस्तों क्या आपको पता है कि प्राचीन काल में राजा महा बलि जो के केरल राज्य के एक बहुत ही प्रतापी और स्वदेशी राजा थे और वह अपनी प्रजा से भगवान के रूप मानते थे और बहुत प्रेम करते थे। वह बहुत बड़े दानी होने के साथ ही बहुत ही पराक्रमी राजा भी थे।

अपने काबिल और बाहुबल से उन्होंने तकरीबन तीनो लोको पर पूर्ण रूप से विजय प्राप्त कर ली थी, तब उन के अध्यात्मके गुरु शुक्राचार्य ने उन्हें एक शिष्य के भलीभाती सलाह दी कि वे सौ अश्वमेध यज्ञ कर के भगवान इंद्र का पद हासिल कर लें और सदा के लिए तीनो लोको पर अपना ब्रजस्व बनाये और त्रिलोक के स्वामी बन जाये। शुक्राचार्य के आज्ञा अनुसार राजा महाबलि ने सौ अश्वमेध के लगभग सौ यज्ञ करना का बिचार किया और यज्ञ को आरंभ किया उन के 99 यज्ञ तो पूरे तरह से सकुशल संपन्न हो गये थे।

लेकिन जब वो 100वें यज्ञ को कर रहे थे तब उनके यज्ञ के संपन्न होने से पहले ही वहां भगवान विष्णु जी किसी वामन का रुप धारण कर के वहाँ पर प्रकट हो गये और राजा महाबलि से तकरीबन तीन पग धरती की मांग की , परन्तु राजा महा बलि इस बात से अनजान थे कि वामन के रूप में उन के सामने स्वयं भगवान विष्णु जी खड़े है।

जब राजा महाबलि ने उनकी यह तीन पग धरती की मांग स्वीकार कर ली तो वामन के रूप में भगवान विष्णु ने अपने बहुत विशाल रुप धारण करके अपने लगभग दो ही पग में सारे लोक को नाप लिये और जब भगवान विष्णु ने तीसरे पग के लिए स्थान पूछा तो राजा महाबलि ने कहा कि हे प्रभु आप अपने तीसरे पग को आप में मस्तक यानी कि सर पर रख दे।

भगवान वामन के रूप में बिष्णु जी ने जब तीसरा पग जब उनके मस्तिष्क पर रखा तो राजा महाबलि पाताल लोक यानी कि धरती में चले गये। राजा महाबलि के इस दान और श्रद्धा और भक्ति से पूरे तरह से खुश हो कर के भगवान विष्णु जी ने उन से वर यानी कि वरदान मांगने को कहा।

तब राजा महाबलि ने कहा कि ‘हे भगवान मैं वर्ष में एक बार अपनी भगवान की तरह प्रजा से मिलने का पावन समय चाहता हुं।’ तब उसी समय से ऐसा माना जाता है कि वह ओणम का ही त्योहार है, जिस पर राजा महाबलि अपनी प्रजा यानी कि जनता से मिलने आते हैं। यहीं कारण है कि केरल राज्य में ओणम के इस त्योहार को इतने धूम-धाम के साथ मनाया जाता  है।

(अंतिम विचार, Conclusion)

दोस्तो आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख Onam festival क्या है और Onam festival को कैसे मनाया जाता है आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख मदद से वह सभी चीजों के बारे में पूरे विस्तार से जान चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको ओणम त्योहार से जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम है कि कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो जानना चाहते हैं कि आखिर ओणम क्या है और ओणम त्यौहार को क्यों मनाया जाता है और ओणम त्योहार को किस तरह से मनाया जाता है।

ओणम त्योहार के पीछे क्या-क्या इतिहास रही है और ओणम त्योहार से जुड़ी ऐतिहासिक और पौराणिक कथाएं क्या है तो इन सभी जानकारी को बताने के लिए हमने इस लेख को लिखा है।

और हमने इस लेख में सभी चीजों के बारे में रिसर्च करके आपको स्टेप बाय स्टेप बताया है और आप पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक  पढ़ चुके होंगे और ओणम त्यौहार से जुड़ी सभी जानकारी को प्राप्त कर चुके होंगे।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं।

हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट Onam festival क्या है और Onam festival को कैसे मनाया जाता है के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा  ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे। तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमरा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

Previous articleJanmashtmi festival in hindi | Janmashtmi festival को 2022 में कब मनाया जाएगा?
Next articleDurga Puja क्या है और Durga Puja क्यो मनाया जाता है ?

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here