नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं भारत के एक मशहूर और लोकप्रिय त्योहार के बारे में जिसका नाम है रक्षाबंधन, Raksha Bandhan त्यौहार को भारत देश के लगभग हर एक घर में मनाया जाता है क्योंकि यह त्यौहार भाई और बहनों के बीच का प्यार को दर्शाता है।

इस रक्षाबंधन त्यौहार के दिन बहन भाई को राखी बांधती बांधी है और भाई  बहन को उसके बदले में कुछ उपहार देता है और साथ ही साथ रक्षाबंधन के दिन भाई और बहन एक दूसरे को रक्षा करने के लिए संकल्प लेते हैं। और इसके अलावा  इस त्यौहार में  मिठाइयां और और अलग प्रकार की पकवान भी खाई जाती है। यही कारण है कि रक्षाबंधन बाकी त्योहारों में से एक खास है। 

दोस्तों इस आर्टिकल में रक्षाबंधन त्योहार से जुड़ी विचारों पर बात करेंगे। इस आर्टिकल में हम रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है और रक्षाबंधन का इतिहास से लेकर रक्षाबंधन के मनाने के पीछे क्या उद्देश्य होता है हम इसके बारे में संपूर्ण जानकारी लेंगे दोस्तों अगर आपको इन सारी जानकारियों के बारे में जानना है तो आज के हमारे रक्षाबंधन पर इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े ताकि आपको Raksha Bandhan in Hindi से जुड़ी सारी जानकारी मिल सके दोस्त और बिना कोई टाइम लगाए हुए चलिए इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और इस रक्षाबंधन त्योहार से जुड़ी कुछ अनोखी और जरूरी बातों को जानते हैं।

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Raksha Bandhan त्योहार मनाने का उद्देश्य 

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रक्षाबंधन का त्यौहार प्रेम और भाईचारे का त्योहार है इस दिन बहन अपने भाइयों को रक्षा करने के लिए उन्हें राखी बांधती है और उन्हें रक्षा करने के लिए और उनके लंबी उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करती है।

रक्षाबंधन के दिन बहन भाइयों को राखी बांधने के साथ-साथ माथे पर तिलक करती है और मिठाइयों को खिलाकर राखी को बांधती है राखी एक पवित्र का धागा होता है जो कि भाइयों को  हर दुख और कठिनाइयों में हौसला देता है और रक्षा करता है। पूरे भारत में बहने विवाहित हों या अविवाहित  इस पवित्र रक्षाबंधन पर्व को मनाती है और भाइयों को पवित्र राखी का धागा बांधती है। और बदले में भाई बहने उपहार देते हैं और उन्हें को भी बुराइयों से बचाने का संकल्प लेते हैं और उन्हें हर परिस्थितियों में रक्षा करते हैं। 

रक्षाबंधन शब्द का एक महत्वपूर्ण अर्थ होता है जिसका मतलब होता है कि रक्षा का अर्थ है सुरक्षा और बंधन का अर्थ है बंधन। यह रक्षाबंधन त्यौहार भाई और बहन के बीच सुरक्षा और प्यार के एक पवित्र बंधन होता है। और इस तरह से बहन और भाइयों में  एक दूसरे को रक्षा और सुरक्षा करने के लिए एक नया प्यार उत्पन्न होता है। यह रक्षाबंधन का त्यौहार अगस्त में आता है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह रक्षाबंधन का त्यौहार पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। वैसे तो यह त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है और पूरा हिंदू समाज के इस त्यौहार को मनाता है लेकिन अधिकतर देखा गया है कि उत्तरी और पश्चिमी भारत के लोग इस त्यौहार को काफी धूमधाम से और काफी उत्साह से इस त्यौहार को मनाते हैं। रक्षाबंधन त्यौहार को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से भी पुकारा जाता है।

कई जगहों पर इस रक्षाबंधन त्यौहार को ‘राखी पूर्णिमा’ कहते हैं तो कुछ जगहों पर लोग इस रक्षाबंधन के त्यौहार को ‘काजरी पूर्णिमा’ के नाम से जानते हैं। कई गांवों और कस्बों में इस त्यौहार को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है  क्योंकि इस रक्षाबंधन के त्यौहार को गांव में भी काफी जोरों शोरों से मनाया जाता है। इस दिन गांव और कस्बों में लोग भगवान शिव का पूजा करते हैं ।

गांव में परंपरा के अनुसार, बहनें दीया, राखी, चावल, और रोली के साथ एक थाली  को सजाती है और उस थाली को अच्छे से तैयार करती हैं। सबसे पहले बहन भगवान से प्रार्थना करती है और अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है और उसके बाद अपने भाइयों को राखी बांधती है। भाई बदले में बहन को उपहार देता है और उनकी भी रक्षा का संकल्प लेता है। और उन्हें आश्वासन देता है कि वह हमेशा उनके साथ रहेगा और हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करेगा। 

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Raksha Bandhan त्यौहार कैसे मनाया जाता है? 

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इस रक्षाबंधन त्यौहार का उत्साह और खुशी  इस त्यौहार के आने के कई दिन पहले ही देखने को मिलता है क्योंकि बाजारों मे रंग बिरंगी राखी  की भरमार होती है और बाजारों में काफी अलग-अलग प्रकार का मिठाईया अभी मिलने लगते हैं  इन दिनों में कई दुकानों में बहुत सारी रक्षाबंधन की समान एम बिकने लगती हैं जिनकी वजह से लोग भी काफी ज्यादा शॉपिंग करते हैं इन दिनों में देखने में ऐसा लगता है कि  त्यौहार नहीं बल्कि किसी का शादी हो रहा हो।

क्योंकि बाजार है रंग बिरंगी दुल्हन की तरह सजी होती है। क्योंकि बाजारों में कई प्रकार की राखियां और मिठाई उपलब्ध होती है जो राखी त्यौहार को और भी खास बनाती हैं।

हर एक बहाने रक्षा करती है और अपने भाइयों का कलाई पर राखी बांधी है और रोली और चावल के साथ भाई के मस्तक पर तिलक करती है और राखी को बांधती है और राखी बांधने के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाती है। और  बहन भाई की लंबी उमर, और स्वास्थ्य और अच्छा जीवन की कामना करती है और बदले में बहन भाई से अपनी उपहार की मांग करती है। और भाई भी बदले में बहन को उपहार देते हैं और उनके  किसी भी संकट में सहायता करने का संकल्प लेते हैं। और किसी भी संकट में उनका साथ देने का उनको आश्वासन देते हैं। 

परिवार के सभी लोगों के लिए रक्षाबंधन का त्यौहार एक मिलन का त्यौहार होता है क्योंकि इस दिन में सभी लोग अपने भाई बहनों से मिलते हैं और उनको राखी बनते हैं और मिठाई खिलाते हैं  इस दिन स्वादिष्ट मिठाइयां पकवान और  स्वादिष्ट भोजन बनाई जाती है।

और इन सारी पकवानों का आनंद पूरा परिवार एक साथ बैठकर लेता है। परिवार के सदस्य और यारों के साथ उपहार का आदान-प्रदान भी करते हैं और एक दूसरे को रक्षाबंधन की बधाई देते हैं। कुछ परंपराओं में विशेष रूप से राजस्थान राज्य के, विवाहित महिलाएं अपने पति को सभी बुराईयों से बचाने के लिए खुद ही राखी बांधती हैं। इन दिनों बहनें भी बहनों को राखी बांधती हैं। बहरहाल, त्योहार का सार वही रहता है। इस तरह रक्षाबंधन त्यौहार को भारत में मनाया जाता है। 

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रक्षाबंधन का इतिहास (history of Raksha Bandhan) 

भारतीय ऐतिहासिक परंपराओं और पौराणिक सूत्रों के अनुसार, यह धागा या डोरी न केवल भाइयों की हाथ की कलाई के चारों ओर उनकी सिर्फ बहनों द्वारा इसे बांधा जाता था, बल्कि उस प्राचीन के समय में समकालीन पुजारियों और ऋषि मुनियों ने इस रक्षा  के धागे को अपने  राजाओं और महाराजाओ की हाथ की कलाई में भी बांधा जाता था।

हिंदू पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार, क्या आपको मालूम है कि भगवान इंद्र की धर्म पत्नी, सची ने भगवान इंद्र को दुष्ट और दुराचारी राजा बलि से बचाने के लिए और इंद्र भगवान की सुरक्षा के लिए एक कंगन भी उनके कलाई में बांधा था। 

तो भारत के पश्चिमी दिशा के राज्यों में, पत्नियां अपने पति परमेश्वर के साथ मिल कर के इस समारोह का संचालन करती हैं। कई ऐसे भी ऐतिहासिक  साक्ष्य हैं, जो हमें इस पर्व के कई सारे महत्व की याद काफी बेहतर तरह से  दिलाते हैं और हर बार यह पर्व उन्हीं किसी विशेष मूल्यों पर जोर देता है, जो पर्व के साथ मिल गए हैं।

दोस्तों इस मौके के पीछे भी एक कई सदियों पुरानी कहानी है इस इसे हम ऐतिहासिक कथा भी कह सकते है । पहले ऐसा कहा जाता है कि मेवाड़ की रानी जिनका नाम कर्णावती था उन्होंने मुगल बड़े सम्राट हुमायूं को राखी भेजवा कर के सुल्तान बहादुर शाह से अपने मदद की भी गुहार लगाई थी। 

और मेवाड़ की रानी कर्णावती के अनुरोध को हुमायूँ ने स्वीकार कर लिया और उसने उनकी उस संकट में काफी ज्यादा मदद भी की और उस ने उस संकट से बाहर निकाल दिया। क्या आपको मालूम है कि एक यूनानी महिला ने भी राजा पोरस के साथ बिल्कुल ऐसा ही किया। फिर अंतिम में मुगल के बादशाह बहादुर शाह जफर ने यह ऐलान कर दिया कि रक्षा बंधन पर्व को धूमधाम से मनाया जाए।

और कुछ समय बाद ब्रिटिश शासन के दौरान, लगभग सभी समुदायों के बीच एक दूसरे से मित्रता और एकता को पहले के अपेक्षा काफी बढ़ावा देने के लिए यह पर्व भी मनाया जाने लगा। और क्या आप जानते है कि रवींद्रनाथ टैगोर ने उस समय  बंगाल के विभाजन को रोकने के लिए भी राखी का माध्यम भी मांगा था। मगर रविंद्र नाथ टैगोर जी का यह मांग पूरा नहीं हुआ और बंगाल भारत से अलग हो गया। तो दोस्तों कुछ इस तरह से रक्षाबंधन का इतिहास रहा है और यह सदियों से चलते आ रहा है। 

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2022 में Raksha Bandhan त्यौहार कब मनाया जाएगा? (Raksha Bandhan 2022 Date) 

Raksha Bandhan 2022  Date :-  सभी कैलेंडर  के अनुसार रक्षा बंधन का 11 अगस्त 2022, गुरुवार को मनाया जाएगा. 11 अगस्त का दिन विशेष है. इस दिन सावन मास का समापन होगा. इसके साथ ही 11 अगस्त, गुरुवार को पूर्णिमा तिथि है. इस तिथि को श्रावण पूर्णिमा भी कहा जाता है. इस 2022 वर्ष Raksha Bandhan के पर्व पर शुभ संयोग भी बन रहे हैं.

Raksha Bandhan के त्यौहार पर बहनें विशेष तैयारियां करती हैं. सभी घर को अच्छे से सजाती हैं. घर में सुंदर-सुंदर रंगोली बनाती हैं.  रंग बिरंगी राखी की थाली को विशेष तौर सजाया जाता है. इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर बहनें राखी बांधती हैं. इसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है. रक्षा बंधन के त्यौहार में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है. इस 2022 के वर्ष रक्षा बंधन कुछ खास शुभ मुहूर्त का निर्माण होगा हो।.

राखी का शुभ मुहूर्त

इस 2022 के वर्ष पूर्णिमा की तिथि पंचांग के अनुसार 11 अगस्त 2022 को शाम 07 से 09 बजे से आरंभ होगी, 

दोस्तों अब हम लोग जान लिए हैं कि 2022 में Raksha Bandhan त्यौहार कब मनाया जाएगा? अब चलिए अगली टॉपिक और बढ़ते हैं और जानते हैं कि  आखिर रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है 

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रक्षाबंधन त्यौहार क्यों मनाया जाता है? 

रक्षा का अर्थ है सुरक्षा और बंधन का अर्थ है बंधन। रक्षा बंधन या राखी  हिंदू धर्म वाले लोगों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भाइयों और बहनों को समर्पित है। इस रक्षाबंधन के दिन  बहाना अपने भाइयों को  सुरक्षा के लिए  और उनके लंबे  और सुख और समृद्धि जीवन  के लिए  भगवान से प्रार्थना करती है और एक राखी बांधी है और भाई बहन को उपहार देता है। 

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रक्षाबंधन त्यौहार मनाने के फायदे

रक्षाबंधन त्यौहार के दौरान  जब भाई और बहन एक दूसरे को राखी बांधते हैं तो उनमें  एक प्यार का बंधन जुड़ता है और वह एक दूसरे को काफी  मदद करने के आश्वासन देते हैं।  और इस त्यौहार के दौरान  दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने का मौका मिलता है और सभी लोग एक साथ रक्षाबंधन पर्व को मनाते हैं। इस रक्षाबंधन त्यौहार में बहुत सारे लोग अपने काम से छुट्टी लेकर अपने परिवार से मिलने जाते हैं और भाई बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व को मनाते हैं। 

इस रक्षाबंधन त्यौहार के दौरान परिवार के कई सदस्य से मिलने का मौका मिलता है। इस रक्षाबंधन के दिन कई पराए लोग भाई और बहन के रूप में राखी बांधते हैं। रक्षा बंधन के शुभ अवसर को मनाने के लिए हर साल कई सुंदर राखियां बेची जाती हैं।

राखी स्टालों को खरीदारों को तरह-तरह के विकल्प देकर सजाया जाता है। इस रक्षाबंधन त्यौहार में बहुत सारे बेरोजगार लोगों को काम मिलता है और बहुत सारे राखी बेचकर अपना कारोबार करते हैं राखी सीजन के दौरान ई-कॉमर्स मार्केट में भी अच्छा मुनाफा होता है। जिससे हमारी देश की इकोनॉमी भी बढ़ती है। और हमारा देश का जीडीपी भी बढ़ता है। 

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(निष्कर्ष,Conclusion) 

तो हमें उम्मीद है कि आपको हमारा रक्षाबंधन त्यौहार पर यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आप इस आर्टिकल के मदद से रक्षाबंधन त्यौहार से जुड़ी और भी जानकारी प्राप्त किए होंगे।  क्योंकि हम लोग इस आर्टिकल में रक्षाबंधन  त्यौहार से जुड़ी काफी जानकारियों के बारे में बताया है जैसे कि रक्षाबंधन त्यौहार क्यों मनाते हैं।

रक्षाबंधन त्यौहार मनाने का इतिहास, रक्षाबंधन त्यौहार मनाने के पीछे का उद्देश्य क्या है, रक्षाबंधन मनाने से क्या फायदा है, और इसके अलावा हम लोग इस आर्टिकल में जाने हैं कि 2022 में रक्षाबंधन त्यौहार कब मनाया जाएगा, दोस्तों अगर आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा अंत तक पढ़े होंगे तो आपको Raksha Bandhan in Hindi से जुड़ी इन सारी जानकारियों के बारे में ज्ञान जरूर मिला होगा। 

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दोस्तों यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया है और आपको इस लेख से कुछ सीखने को मिला है तो अपने उन दोस्तों के पास है जरूर करें जिनको रक्षाबंधन से जुड़ी इन सारी जानकारियों के बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं है। 

दोस्तों आपको इस लेख में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं। हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट Raksha Bandhan in Hindi के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे।

तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और आपको हमारा  यह लेख को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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