नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे दोस्तों हम आज इस आर्टिकल के मदद से सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे (Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त करने वाले हैं और समझने भी वाले हैं क्योंकि हमें मालूम है कि ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो जानना चाहते हैं कि सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे क्या है तो दोस्तों यदि आप भी नहीं जानते हैं कि सूर्य नमस्कार कैसे किया जाता हैं तो आप हमारे इस पोस्ट के साथ बने रहे। 

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको सूर्य नमस्कार से जुड़ी बहुत सारी जानकारियों को बताएंगे जैसे कि सूर्य नमस्कार और इसके फायदे के बारे में इसके अलावा इस आर्टिकल में हम आपको यह भी बताएंगे कि सूर्य नमस्कार क्या है और फिर इस आर्टिकल में आपको यह भी बताएंगे कि सूर्य नमस्कार कैसे करे और फिर उसके बाद इस आर्टिकल में बात करेंगे सूर्य नमस्कार के 12 आसन के बारे में इसके अलावा इस आर्टिकल में हम Surya Namaskar करने के फायदे के बारे में भी बताएंगे। 

तो दोस्तों यदि आपको इन सभी जानकारियों के बारे में एक कुछ भी ज्ञान नहीं है और आप यह नहीं जानते हैं कि सूर्य नमस्कार कैसे किया जाता हैं और सूर्य नमस्कार फायदे कैसे करे तो हमें आपसे अनुरोध है कि कृपया आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से अंत तक पढ़ें तो बिना कोई देरी के चलीये शुरू करते है आज के इस नए आर्टिकल को शुरू करते हैं और जानने कि प्रयास करते हैं कि आखिर सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे क्या होते हैं। 

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सूर्य नमस्कार क्या है ( What is Surya Namaskar in hindi )

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दोस्तों अगर आपके मन में यह सवाल है कि आखिर  सूर्य नमस्कार क्या है  तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस पैराग्राफ को बिना देरी किए हुए हम आप की जानकारी के लिए बता दे कि ‘सूर्य नमस्कार’ का सब से सरल शाब्दिक अर्थ सूर्य को अर्पण यानी कि नमस्कार करना है। दोस्तों क्या आप को मालूम है कि यह योग आसन शरीर को सही आकार यानी कि योगा का रूप देने और मन को  स्वस्थ व शांत रखने का सबसे बेहतर तरीका है।

दोस्तों क्या आप को मालूम है कि सूर्य नमस्कार तकरीबन 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक समन्वय है, जो एक उत्तम (Cardio-vascular exercise) कार्डियो-वॅस्क्युलर व्यायाम भी है और स्वास्थ्य के लिए पूर्ण रूप से मददगार साबित है। क्या आप को मालूम है कि  सूर्य नमस्कार मन वह शरीर दोनों को तंदुरुस्त पूर्ण रूप से रखता है। यदि आप के पास समय की बहुत कमी है, और आप चुस्त दुरुस्त रहने का कोई बेहतरीन नुस्ख़ा ढूँढ रहे हैं, तो हमारे हिसाब से सूर्य नमस्कार उस का सबसे अच्छा विकल्प है।

गाइस अगर हम सूर्य नमस्कार के बारे में थोड़ा बहुत बात करे तो सूर्य नमस्कार प्रातःकाल खाली पेट यानी कि बिना भोजन किये करना उचित होता है। तो दोस्तों आइए अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार के इन प्रभावी और सरल आसनों को आरंभ कर लेते है। गाइस प्रत्येक सूर्य नमस्कार के चरण में  तकरीबन 12 आसनों के दो क्रम होते हैं। 12 योग आसन सूर्य नमस्कार का एक क्रम सारे तरह से पूर्ण करते हैं।

क्या आप को मालूम है कि सूर्य नमस्कार के एक चरण के दूसरे क्रम में योग से सभी आसनों का वो ही क्रम में फिर से दोहराना होता है, अपितु केवल दाहिने पैर के स्थान पर बाएँ पैर का प्रयोग करना होगा (नीचे चौथे और नवें पद में इस का विवरण दिया गया है)। सूर्य नमस्कार के विभिन्न विभिन्न प्रारूप पाए जाते हैं, आमतौर पर बेहतर यही है कि किसी एक ही प्रारूप का अनु सरण करें और उसी के नियमित अभ्यास से उत्तम परिणाम पाएँ।

हम आप को एक बात और बता दे कि अच्छे स्वास्थ्य के अतिरिक्त सूर्य नमस्कार यानी कि अतिरिक्त किरणों धरती पर जीवन के संरक्षण के लिए हमें सूर्य के प्रति बेहतरीन तरह से आभार प्रकट करने का अवसर भी देता है। अगले तकरीबन 10 दिनों के लिए अपना दिन,  कृपा का भाव रखकर और मन में सूर्य की ऊर्जा के प्रति आभार कर के प्रारंभ करें।

क्या आप को मालूम है कि 12 सूर्य नमस्कार और दूसरे (Yoga asana) योग आसनों को करने पश्चात योग निद्रा में पूर्ण विश्राम जरूर करें। आप पाएँगे कि यह आप के दुरुस्त, चुस्त, प्रसन्न और शांत रहने का एक बेहतरीन मंत्र बन गया है; एक मंत्र जिस का प्रभाव दिन भर आप के साथ रहेगा I

 तो दोस्तों कुछ इस तरह से सूर्य नमस्कार होता है और हमारे शरीर को यह बहुत सारे अलग-अलग तरह के फायदा भी पहुंचाता है तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और सूर्य नमस्कार से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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सूर्य नमस्कार कैसे करे (How To Do Surya Namaskar in Hindi)

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दोस्तों अगर आपके मन में यह सवाल है कि आखिर  सूर्य नमस्कार कैसे किया जाता  तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस पैराग्राफ को बिना देरी किए हुए हम आप की जानकारी के लिए बता दे कि दोस्तों वैसे तो सूर्य नमस्कार बहुत सारे तरीके से किया जाता है।

और इस का उपयोग भी लोग काफी अलग-अलग ढंग से करते हैं लेकिन आमतौर पर सूर्य नमस्कार करने के 12 तरीके होते हैं और उन 12 तरीके को हमने अगले टॉपिक में स्टेप बाय स्टेप करके बता रखा है और यह भी समझाया है कि आप उन 12 तरीकों का इस्तेमाल करके सूर्य नमस्कार कैसे कर सकते हैं तो चलिए उन्हें जान लेते हैं।

सूर्य नमस्कार के 12 आसन (12 Steps of Surya Namaskar in hindi)

दोस्तों अगर आपके मन में यह सवाल है कि आखिर  सूर्य नमस्कार के 12 आसन कौन कौन से है तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस पैराग्राफ को बिना देरी किए हुए हम आप की जानकारी के लिए बता दे कि सूर्य नमस्कार करने की एक पूरी प्रक्रिया बनायी गई है, और गाइस इस व्यायाम में लगभग 12 आसन शामिल हैं जिसको हमने नीचे में स्टेप बाई स्टेप कर के लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे।

1.प्रणाम आसन (Prayer Pose)

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दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से प्रणाम आसन (Prayer  Pose) जो प्रकार है वह सबसे ऊपर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की सूर्य नमस्‍कार की प्रारंभ प्रणाम मुद्रा से होती है। क्या आप को मालूम है कि इस आसन को करने के लिए आप सब से पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो कर के।

 और अपने दोनों हाथों को कंधे के समानांतर उठाते हुए अपने हाथ के दोनों हथेलियों को ऊपर की ओर ले जाए। हाथों के अगले अगले भाग को एक-दूसरे से धीरे धीरे चिपका लीजिए फिर हाथों को उसी स्थिति में सामने की ओर ला कर के नीचे की ओर गोल घूमते हुए नमस्कार की मुद्रा में वापस से खड़े हो जाइए । ये सूर्य नमस्कार का पहला आसन है

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2.हस्तउत्तानासन (Hastauttanasana)

Hasta Uttanasana | Raised Arms Pose Step & Benefit - 101YogaStudio

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से हस्तउत्तानासन (Hastauttanasana) जो प्रकार है वह ऊपर से दूसरे नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की हस्तउत्तानासन आसन में सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की  ओर धीरे धीरे उठाया जाता है, और कमर से पीछे की ओर झुकते झुकते हुए गर्दन और भुजाओं को पीछे की ओर झुकाएं । गाइस इस आसन के दौरान गहरी और लंबी सांस भरने से हमारे फेफड़ों की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। ये सूर्य नमस्कार का दूसरा आसन है 

3.हस्तपाद आसन (Hasta Padasana)

हस्तपदासन ❤️ स्वामी योगा

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से हस्तपाद आसन (Hasta Padasana) जो प्रकार है वह ऊपर से तीसरे नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की सूर्य नमस्कार की इस तीसरी अवस्‍था में श्वास को आराम से धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर  झुकना होता है । इस के साथ ही इस योग आसन में हम अपने दोनों हाथों से अपने पैर के अंगूठे को पकड़ते हैं | ये सूर्य नमस्कार का तीसरा आसन है।

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4.अश्व संचालन आसन (AshwaSanchalanasana)

Ashwa Sanchalanasana: Steps, Benefits & Precautions – YogaHolism

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से अश्व संचालन आसन (AshwaSanchalanasana) जो प्रकार है वह ऊपर से चौथा नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की इस आसन को करते समय पैर का पंजा खड़ा हुआ रहना चाहिए और अपनें हाथों को जमीन में रख कर के सांस लेते हुए दाहिने पैर को पीछे की तरफ ले जाना होता है | इस के बाद सीने को आगे खीचते हुए गर्दन को ऊपर उठाएं धीरे| इस आसन को करते समय यह ध्यान रखे कि कमर झुकनी नहीं चाहिए | ये सूर्य नमस्कार का चौथा आसन है।

5.दण्डासन (Dandasana)

Building Core Strength with Dandasana - Staff Pose | YogaUOnline

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से दण्डासन (Dandasana) जो प्रकार है वह ऊपर से पांचवा नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की इस आसन को करते समय बाएँ पैर को पीछे किया जाता है और शरीर सीधी रेखा का आ कार ले लेता है  | तो  सूर्य नमस्कार का पांचवा आसन है

6.अष्टांग नमस्कार (AshtangaNamaskara)

Yoga - ashtanga namaskara (eight-angle pose) - YouTube

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से अष्टांग नमस्कार (AshtangaNamaskara) जो प्रकार है वह ऊपर से छठवा नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की। इस योग आसन में आप को जमीन की ओर अपना मुह कर के लेटना होता है और घुटने, सीने और ठोड़ी धीरे धीरे को जमीन पर लगा कर जांघों को थोड़ा ऊपर भी उठाते हुए सांस को छोडना होता है। तो  सूर्य नमस्कार का छठवा आसन है।

7.भुजंग आसन (Bhujangasana)

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से भुजंग आसन (Bhujangasana) जो प्रकार है वह ऊपर से सातवाँ नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की भुजंग योग आसन करनें के दौरान आप के शरीर का उपरी हिस्सा उठा रहता है, जब कि शेष भाग  जमीन से लगा रहता हैं और आपको ऊपर की ओर देखना होता है | इसके साथ ही हाथो कि मदद से आप अपने शरीर को ऊपर को ओर उठाना होता है। तो दोस्तों सूर्य नमस्कार का सातवाँ आसन है।

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8.पर्वतासन (Parvatasana)

Parvatasana — Google Arts & Culture

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से पर्वतासन (Parvatasana) जो प्रकार है वह ऊपर से आठवें नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की पर्वतासन योग आसन करने के दौरान सिर्फ आप के हाथ और आप के पैर ही जमीन पर लगे होते हैं गाइस आप के बाकी शरीर का हिस्सा ऊपर कि ओर होता है । क्या आप को मालूम है कि इस पर्वतासन में आप के पूरे शरीर का भार हाथों और पैरों पर होता है | तो दोस्तों सूर्य नमस्कार का आठवें आसन है।

9.अश्वसंचालन आसन (AshwaSanchalanasana)

Ashwa sanchalanasana- Equestrian Posture

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से अश्वसंचालन आसन (AshwaSanchalanasana) जो प्रकार है वह ऊपर से नौवे नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की अश्वसंचालन आसन चौथे नंबर पर किये गए आसन की तरह किया जाता है |

10.हस्तपाद आसन (Hasta Padasana)

Hastapadasana (Forward Bend Pose) – How to do and Benefits

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से हस्तपाद आसन (Hasta Padasana) जो प्रकार है वह ऊपर से दसवा नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की हस्तपाद योग आसन तीसरे नंबर पर किये गये आसन को पुनः एक बार किया जाता है|

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11.हस्तउत्थान आसन (Hastauttanasana)

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दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से हस्तउत्थान आसन (Hastauttanasana) जो प्रकार है वह ऊपर के लिस्ट पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की हस्तउत्थान आसन ठीक दूसरे नंबर पर किये गये आसन की तरह ही है |

12.प्रणाम आसन (Prayer Pose)

Prayer Pose : Benefits, Steps, Precautions & Variations – YogaHolism

दोस्तों जब बात सूर्य नमस्कार की 12 प्रकार की आती है तो उस में से प्रणाम आसन (Prayer Pose) जो प्रकार है वह ऊपर से ब्रहवा नंम्बर पर आता है तो हम उस के बारे में आप के जानकारी के लिए बता दे की यह आसन पहले आसन की भांति ही है अर्थात प्रणाम करनें की मुद्रा | इन 12 मुद्राओं को करनें के पश्चात पुन: विश्राम की स्थिति में खड़े हो जाएं और प्रणाम आसन को एक बार फिर से करे । यहाँ आप को यहाँ ध्यान रखना है, कि सूर्य नमस्कार शुरुआत में चार से पांच बार और अंत में इसे बढ़ाकर कम से कम 12 से ले कर के 15 बार तक करे |

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से सूर्य नमस्कार की 12 आसन होती है। तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और सूर्य नमस्कार से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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Surya Namaskar के फायदे (Benefits of Surya Namaskar In Hindi)

दोस्तों अगर आपके मन में यह सवाल है कि आखिर  सूर्य नमस्कार के क्या क्या फायदे है तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस पैराग्राफ को बिना देरी किए हुए हम आप की जानकारी के लिए बता दे कि हमे सूर्य नमस्कार के सभी फायदे को नीचे में स्टेप बाई स्टेप कर के लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे।

Six Sense develop के लिए

अगर आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने में ध्यान लगाते हैं या फिर सूर्य नमस्कार करते हैं, तो इस से हमारे शरीर का मणिपुर चक्र बादाम के आकार का हो जाता है। इस के बाद यह धीरे धीरे हथेली के आ कार होने लगता है। योग गुरू इसे दूसरा मस्तिष्क भी कहते हैं। इस आसन से आप का ध्यान एकाग्र हो जाता है। एवं Six Sense develop होने लगता है। 

तनाव दूर करने में सूर्य नमस्कार होगा मददगार साबित

आप को तो मालूम ही होगा कि आज कल की भाग दौड़ भरी जीवन में लोग कभी किसी बात को ले कर के तनाव में आ जाते हैं, तो कभी किसी बात को। ऐसे में खुद को तनाव से दूर करने के लिए अच्छे ढंग से Surya Namaskar किया जा सकता है। दर असल जब आप Surya Namaskar करते हैं तो आप को गहरी सांस लेनी होती है, इस से आप अंदर से रिलैक्स यानी कि अच्छा महसूस होते हैं और हमारा दिमाग शांत होने लगता है। इस लिए कहा जा सकता है कि तनाव में Surya Namaskar के फायदेमंद शाबित  होते हैं। 

नींद ना आने की समस्या में फ़ायदेमंद

नींद ना आना एक ऐसी समस्या है जिस की कारण से ना तो आपका दिमाग शांत होता है, और ना ही आपके अंदर ऊर्जा रहती है। इससे आप की रोजाना के काम काज पर भी असर पड़ता है। ऐसे में सूर्य नमस्कार आपके लिए मददगार हो सकता है। इसे रोजाना करने से आप बहुत अच्छी महसूस करते हैं जिससे आप को अच्छी नींद आने लगती है। 

हड्डियों के लिए Surya Namaskar के फायदे

दोस्तों क्या आप को मालूम है कि बढ़ती उम्र और physical activity के कम होने का असर हमारी हड्डियों पर भी पड़ता है। इस के अलावा पोषक तत्वों की कमी की कारण से भी कमजोर हड्डियाँ  को होने लगती हैं। ऐसे में Surya Namaskar सुबह के समय करने से आप को सूरज के जरिए Vitamin अच्छा खासा मात्रा में प्राप्त होता है। यह आप की हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। 

शरीर की मुद्रा करता है बेहतर

दोस्तों कई बार आपने लोगों के body posture पर गौर किया होगा। कुछ लोग अधिक झुक कर चलते हैं, या झुक कर बैठते हैं। या फिर बहुत से काम काज की कारण से उन के शरीर की बनावट बे कार दिखने लगती है। वही इस परेशानी से निपटने के लिए भी सूर्य नमस्कार किया जा सकता है। Surya Namaskar के जरिए body अपने सही posture पर आने लगती है।

मासिक धर्म में

महिलाओं को periods सही समय पर ना होने की वजह से बहुत सी  समस्या हो सकती है। ऐसे में आप periods के समय या regular करने के लिए Surya Namaskar कर सकते हैं। ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्हे इस आसन से लाभ हुआ है। 

 blood circulation के लिए

Surya Namaskar एक बहुत ही अच्छी फिजिकल एक्टविटी है। इसके जरिए आप के शरीर में blood circulation बेहतर होने लगता है। इस के अलावा आप पूरे दिन अच्छी जाती है और ऊर्जा वान रहते हैं। 

डिटॉक्स करने में मिलती है मदद

क्या आप को मालूम इस आसन के करने से आपके फेफड़े अधिक खुलते हैं और उनमे अधिक हवा भरती है। इससे अधिक मात्रा में खून तक oxygen पंहुचता है, जिस की वजह से शरीर से carbon dioxide और दूसरी ज़हरीली गैस को बेहतरीन तरह से बाहर कि ओर निकलने लगती हैं। 

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रीढ़ की हड्डी होती है मजबूत 

क्या आप को मालूम है कि इंसान के शरीर का बोझ रीढ़ की हड्डी उठाती है। ऐसे में जरूरी है कि यह पूरी तरह तरह मजबूत रहे। अगर आप को भी अपनी रीढ़ की हड्डी  बहुत मजबूत करनी है तो आप भी सूर्य नमस्कार करना शुरू कर दें। और थोड़ा बहुत समय निकाल कर के सूर्य नमस्कार कर सकते है।

पाचन क्रिया के लिए 

क्या आप को मलूम है कि ऐसे बहुत से लोग हैं जिन की पाचन क्रिया खराब होती है। जिस की कारण से ना केवल उन का वजन काफी तेजी से बढ़ता रहता है बल्कि उनका पेट हमेशा भारी पर रहता है। लेकिन Surya Namaskar करने से शरीर में पाचन ठीक करने वाला रस अधिक बनने लगता है। इससे पाचन शक्ति बेहतर होती है और पेट के अंदर गैस नहीं बनती। इस से पेट भी थोड़ा बहुत हल्का भी रहता है। 

वजन कम करने में Surya Namaskar के फायदे

क्या आप को मालूम है कि बढ़ता वजन अक्सर कई नई परेशान को न्यौता देता है। ऐसे में अपने वजन को संतुलित करने या वजन कम करने में भी सूर्य नमस्कार के फायदे देखे गए हैं। हालांकि सूर्य नमस्कार आप की पाचन क्रिया पर काम करता है और इसे करने से पूरे शरीर पर जोर आता है, जिस की कारण से बहुत calorie burn होती हैं। इसी तरह सूर्य नमस्कार करने से वजन भी काफी हद तक कम होता है। 

शरीर होता है लचीला

अगर आप किसी प्रकार की कोई कसरत या physical active नहीं करते तो इसकी वजह से लचीला पन कम हो जाता है। अगर उम्र के 25 से ज्यादा हो जाए तो यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए आप सूर्य नमस्कार कर सकते हैं। 

पाइल्स और कब्ज से राहत

पाइल्स और कब्ज ऐसी समस्याएं हैं जिसका लोग अक्सर मज़ाक तक बना देते हैं। लेकिन जो भी लोग इस समस्या से जूझते हैं, वह ही इस की तकलीफ़ जानते हैं। कब्ज और पाइल्स से निपटने के लिए आप सूर्य नमस्कार कर सकते हैं। यह पाचन क्रिया को सही करता है जिस से कब्ज यानी कि  की समस्या खत्म हो जाती है।

एकाग्रता बढ़ाने के लिए

आज के समय में हर एक चीज आपका ध्यान अपनी ओर Attract यानी कि आकर्षितकरती है। ऐसे में एकाग्रता बढ़ाने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं। इस के जरिए आप का मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। इस के अलावा आप Surya Namaskar के जरिए आध्यात्म की ओर बढ़ने लगते हैं।

स्किन के लिए Surya Namaskar के लाभ

Surya Namaskar करने के फायदे आप को स्किन पर भी देखने को मिलते हैं। इस आसन को नियमित रूप से करने से खून का रिसाव शरीर में बेहतर होता है। इस से आप की स्किन भी चमक दारो और मूल्य होने लगती है। 

   [ Conclusion, निष्कर्ष ]

दोस्तो आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे (Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi) आप को बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से वह सभी जानकारी को पूरे विस्तार से समझ चुके होंगे जिस के लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का use करके आपको सूर्य नमस्कार से जुड़ी सभी ज्ञान देने की कोशिश की है। क्योंकि हमें मालूम है कि आज बहुत सारे लोग हैं जिनको सूर्य नमस्कार के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। 

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको सूर्य नमस्कार से जुड़ी बहुत सारी जानकारियों को बताएं है जैसे कि सूर्य नमस्कार और इसके फायदे के बारे में इसके अलावा इस आर्टिकल में हम आपको यह भी बताएं है कि सूर्य नमस्कार क्या है और फिर इस आर्टिकल में आपको यह भी बताएं है कि सूर्य नमस्कार कैसे करे और फिर उसके बाद इस आर्टिकल में बात करेंगे सूर्य नमस्कार के 12 आसन के बारे में इसके अलावा इस आर्टिकल में हम Surya Namaskar करने के फायदे के बारे में भी बताएं है। 

इन्हीं सभी जानकारियों को आपसे साझा करने के लिए हमने इस लेख को लिखा है और इस लेख में आपको सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे के बारे में सभी जानकारी देने की कोशिश की है। आप सभी दोस्तों पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे। 

अगर दोस्तों आप को इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं।

हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि सूर्य नमस्कार कैसे करें व इसके फायदे (Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi) पर यह पोस्ट आपको कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे। तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमरा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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