दोस्तों आज के इस आर्टिकल की मदद से हम हींग के फायदे और नुकसान Benefits of Asafoetida in hindi asafoetida meaning in hindi बारे में विस्तार पूर्वक सभी जानकारी लेने वाले हैं। बहुत सारे लोग हींग का उपयोग करते हैं और हींग अपने खाने में खाते हैं पर उनको यह नहीं मालूम होता है कि आखिर हींग है क्या और हींग का हमारे शरीर में क्या क्या फायदा होता है।

और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको इसके नुकसान के बारे में नहीं मालूम होता जिस चीज का फायदा होता है उस चीज का थोड़ा बहुत नुकसान भी होता है तो हम आज हींग के फायदे और नुकसान दोनों को विस्तार पूर्वक समझेंगे और यह भी जाएंगे कि हींग का इस्तेमाल किस किस चीजों में किया जाता है।

अगर आपको हींग के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छे से समझना है तो आप इस पोस्ट को पूरे ध्यान से अंत तक जरूर पढ़े तभी आप हींग के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छे से समझ पाएंगे तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी के और जानते हैं हींग के फायदे और नुकसान के बारे में

हींग क्या है ? ( What is Asafoetida )

गाइस आपको तो पता ही है कि हींग देश भर के अधिकांश दाल तड़के, और ढेर सारे अन्य स्वादिष्ट बेन्जन में इसका उपयोग किया था है जो कि एक लोकप्रिय अतिरिक्त है। सरल भाषा मे इसके बारे में बोले तो हिंग (हींग) एक मसाला होता है जो शायद फेरुला असा-फोएटिडा के पौधे से काफी मस्कत से निकाला जाता है; यह गोंद जैसा बिलकुल राल है जो तने के सूखे रस से इसको निकाला जाता है। आप ने अपने घर मे जरूर देखे होंगे है कि जब रसोई में ‘तड़का’ लग रहा होता है तो पूरा घर कैसे स्वादिष्ट लगता और उसके महक से पूरे घर मे फैल जाता है है।

हमारे घर के रसोई से निकलने वाली मिट्टी की सुगंध आमतौर पर एक सुंदर और काफी मिश्रण से आती है घी, हींग, जीरा, तली हुई प्याज और बेहतरीन स्वाद। हमने आपको ऊपर बताया कि हींग देश भर के अधिकांश ‘दाल तड़के’ में एक लोकप्रिय अतिरिक्त है। यह एक  तीखा मसाला के रुप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता  है जो किसी भी डिश किसी भी व्यंजन में एक अपरिहार्य स्वाद  और काफी आकर्षक का विज्ञापन करता है जिसे इसमें जोड़ा जाता है। दाल, कढ़ी,तड़का,सब्जी और सरल सुद्ध  शाकाहारी व्यंजन  कुछ ऐसे व्यंजन हैं जिनमें कूटे हवे  हींग या हींग का  पानी अच्छे से  मिलाया जाता है और उसका स्वाद बढ़ाया जाता है।

आपके मन मे यह सवाल होगा कि  हिंग तो  एक मसाला है पर इसका खेती कैसा होता है। तो इसका खेती के बारे में बात करे तो हींग को फेरुला असा-फोएटिडा के पौधे  से निकाला जाता है; आपको जान के हैरानी हो सकता है कि यह कई अन्य दिलचस्प नामों से भी अलग अलग जगहों पे लोकप्रिय है जैसे कि बदबूदार गोंद, देवताओं का भोजन, शैतान का गोबर, देश के विभिन्न हिस्सों में जौवानी बड़ियां के नाम से भी इसे जाना जाता है । क्या आपको पता है कि बौद्ध शाकाहारी लोग हींग खाने से बचते हैं, क्योंकि हींग  उन 5 मसालों में से आता है जो उनके द्वारा उनको परहेज किया जाता है।

क्या आप जानते हैं कि हींग को इकट्ठा  कर के एक जुट करना कितना मुश्किल होता है मैन आपको ऊपर भी बताया कि यह गोंद जैसा राल होता है। जिसे फेरुला पौधे के तने और जड़ों के सूखे रस के अंदर से निकाला जाता है और फिर इसे कुछ पारंपरिक तरीके से बहुत भारी भारी पत्थरों के बीच या इसे काफी बड़े हथौड़े से इसे कुचल दिया जाता है, इसके लिए बहुत अधिक की आवश्यकता होती ह।  और अब आप सोच सकते है कि हींग को स्वच्छ रूप से निकालना कितना मेहनत भारी काम होती है।

आपको शायद ही मालूम होगा कि हींग एक अच्छी जड़ी बूटी की एक प्रजाति होती है जो ईरान की मिठाइयों और अफगानिस्तान के बड़े बड़े पहाड़ों में काफी मस्कत से पाई जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी खेती भारत में भी अच्छे तरह से की जाती है, मुख्यतः कश्मीर के कुछ क्षेत्रों और पंजाब के कुछ अच्छे हिस्सों में। हालांकि दोस्तो इसकी उत्पत्ति मध्य पूर्व से ही  हुई है, लेकिन गाइस कुछ समय के साथ हींग ने लगभग पूरे भारत में भी काफी अच्छी लोकप्रियता हासिल की है।

क्या आपको पता था कि प्राचीन भारत में, उस समय मे  ऋषि मुनि और वैद्य भी उपचारक थे जिसमे हींग का उपयोग काफी अच्छे तरह से होता था  क्योंकि वे लगभग सभी जड़ी-बूटियों और कुछ मसालों के औषधीय गुणों के बारे में उन ऋषि मुनि को काफी ज्यादा जानकारी थी । वे रोज़मर्रा की कई सारे अद्धिक स्वास्थ्य समस्याओं को बेहतरीन तरीका से ठीक करने के लिए अच्छे अच्छे आयुर्वेदिक दवाओं और उपचारों को प्राथमिकता देते हुए हींग का इस्तेमाल होता था । अब आप जान चुके होंगे कि हिंग में कई सारे औषधीय गुण भी होते हैं जो ध्यान काफी देने योग्य हैं। आपने अपनी दादी-नानी और बुजुर्गों को यह कहते सुना होगा कि हींग की तड़का रात में आपकी दाल के लिए बहुत  जरूरी है क्योंकि यह पाचन में काफी ज्यादा सहायता करता है।

हींग का इस्तेमाल कहा कहा किया जाता है?  ( Where is asafoetida used for?)

हमने ऊपर जान लिया की हिंदी क्या है, चलिए अब नीचे  जानते हैं कि हींग का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। दोस्तो क्या आप जानते है कि हींग का इस्तेमाल हजारों सालों से  अन्य अन्य तरह के व्यंजनों के स्वाद को बढ़ाने और स्वद देने के लिए इसका उपयोग किया जाता रहा है। वास्तव में, इसका उपयोग प्राचीन से होते आ रहा है पहले रोमन इसे एक बेहतरीन मसाला के रूप में  इसका इस्तेमाल करने के लिए पाइन नट्स के साथ हींग को जार में भर कर रखा करते थे।

गाइस आज, पिसा हुआ हींग का पाउडर, जिसे अक्सर हिंग के रूप में लेबल या उसी के लिए किया जाता है, आपको हींग ऑनलाइन और साथ ही कुछ भारतीय छोटे से छोटे और बड़े से बड़े  किराने की दुकानों पर भी आराम से पाया जा सकता है। गाइस  यदि आप एक लस से भरपूर मुक्त आहार का पालन करते हैं, तो आप यह आसानी से  सुनिश्चित करें कि हिंग पाउडर की तलाश करें जो गेहूं के बजाय चावल के आटे के साथ बड़े आसानी से मिश्रित हो।

हिंग पाउडर के पाक और बेहतरीन उपयोग के लिए, गाइस आप इसे गर्म तेल या कसी वसा के  अन्य अन्य स्रोत में बेहतरीन तरीका से शामिल करने की सिफारिश की जाती है ताकि इसके गंधक के स्वाद और गंध को काफ़ी हद तक कम करने में मदद मिल सके। आपको तो मालूम ही होगा कि भारतीय व्यंजनों में, हिंग पाउडर आमतौर पर अक्सर अन्य मसालों जैसे हल्दी या जीरा या फोड़न के साथ मिलाया जाता है ताकि दाल या सब्जी या अन्य व्यंजनों -आधारित व्यंजनों को एक दिलकश, उमामी के साथ साथ आकर्षक स्वाद प्रदान किया जा सके।

फ़्रांस में, इसे कभी-कभी  आमतौर पर स्टेक में स्वाद बढ़ाने के लिए इसका उपयोग बड़े आराम से किया जाता है। आपको जान के हैरानी होगी कि पूरक के स्थान में  ज्यादा तरह हींग कैप्सूल के रूप में उपलब्ध है। जबकि कसी  एक अध्ययन में यह पाया गया कि प्रति दिन दो बार लगभग 250 मिलीग्राम अपच को अच्छे तरीका कम करने में मदद करता है, यह एक सुरक्षित और प्रभावी खुराक के रूप में भी उपयोग किया जाता  है,

हींग का फायदा हमारे सवस्थ के लिए :- ( Benefits of asafetida for our health)

दोस्तों इस टॉपिक में हमने आपके लिए हींग के सभी फायदे को बताया है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छे होते हैं और इन सभी फायदे को हमने विस्तार से समझाने की कोशिश की है कृपया आप इस टॉपिक को ध्यान से अच्छे से समझ कर पूरे अंत तक पढ़े तभी आपको इसके फायदे समझ में आएंगे।

1. एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है हींग।

क्या आपको मालूम है कि  मएंटीऑक्सीडेंट का काफी  अच्छा स्रोत हींग में पाया गया है। क्या आप जानते है कि ये पौधे यौगिक आपकी कोशिकाओं को कुछ मुक्त कण नाम का एक अस्थिर अणुओं से होने वाले बहुत अद्धिक संभावित नुकसान से बचाने  में ढेर सारी मदद करते हैं। नतीजतन, एंटीऑक्सिडेंट  कैंसर,पुरानी सूजन, हृदय रोग, और मधुमेह जैसे रोग से बचाने में काफी ज्यादामदद कर सकते हैं।

हींग को एक बेहतर टेस्ट-ट्यूब और जानवरों के बेहतर अध्ययन में हींग को विरोधी और काफी भड़काऊ और एंटीऑक्सीडेंट की ढेर सारे गतिविधि प्रदर्शित करने के लिए इसे अच्छे से पाया गया है, क्या आप जानते है कि  मनुष्यों में इसके संभावित रूप से एंटीऑक्सीडेंट प्रभावों पर और काफी अधिक शोध किए जाने की अभी बहुत आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, चूंकि हींग का उपयोग खाना बनाते समय काफी ज्यादा कम मात्रा में किया जाता है, यह स्पष्ट नहीं है कि मसाले का पूरे तरह से  पाक उपयोग अभी भी हमारे स्वास्थ्य के लिए ये संभावित लाभ प्रदान करेगा या नहीं। पर हींग हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

2. पाचन के लिए हींग अच्छा हो सकता है।

दोस्तों हींग हमारे पाचन तंत्र में पाचन करने के लिए काफी अधिक मात्रा में हमारी मदद करता है। हम हींग के मध्यम से गंभीर अपच वाले लगभग 43 वयस्कों में एक लगभग 31-दिवसीय अध्ययन में, दिन में तकरीबन दो बार हींग युक्त लगभग 250 मिलीग्राम वाले  कैप्सूल लेने वालों ने अपने  सूजन के साथ साथ , पाचन में महत्वपूर्ण सुधार की और खुशखबर दी। और कुछ प्लेसीबो समूह की तुलना में जीवन की समग्र और अच्छी गुणवत्ता में काम करता है । इस अध्ययन को किसी बड़े कंपनी द्वारा वित्त पोषित के साथ  किया गया था जिसने उसी समय पर पूरक का उत्पादन किया था, इसलिए इसके परिणाम आपके लिए काफी प्रभावित हो सकते हैं।

दोस्तो हींग आपके पाचन एंजाइमों की  ढेर सारे गतिविधि को बढ़ाकर अपने पाचन को अच्छे तरह से बढ़ावा देने में मदद करने के लिए भी अपना रूप दिखाया गया है। विशेष रूप से, ये हींग आपके यकृत से पित्त की रिहाई को अच्छे तरह से बढ़ा सकता है, जो वसा के पाचन के लिए हींग का बहुत आवश्यक होते है, जबकि आमतौर पर मसाले का उपयोग अक्सर खाने के बाद के ढेर सारे  गैस को रोकने या पूर्ण रूप से कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है, वर्तमान में इस तरह का प्रभाव का अच्छे से समर्थन करने के लिए आपको अच्छे से इस का अनुसंधान की कमी है।

3. हींग IBS के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकता है।

दोस्तो क्या आपको पता है कि चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (IBS) एक काफी पुरानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) स्थिति है जो आपके और हमारे  पेट दर्द या सूजन, गैस, अम्ल, और कब्ज, परेशानी,  दस्त, या और कई तरह के बीमारी ये  दोनों द्वारा विशेषता है। पाचन पर इसके संभावित प्रभावों के कारण, हींग को IBS और IG  ( मतलब सूजन, गैस, अम्ल, और कब्ज, परेशानी,  दस्त, इन सभी रोगों )से जुड़े ढेर सारी लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद करने के लिए माना जाता है। IBS वाले ढेर सारे वयस्कों में दो काफी काफी छोटे अध्ययनों में हींग की खुराक लेने के लगभग 2 से 3 सप्ताह के बाद IBS के लक्षणों में उल्लेखनीय तरह से काफी ज्यादा सुधार पाया गया।

फिर भी गाइस किसी ने एक अध्ययन में बताया कि IBS के लक्षणों पर पूरक का कोई  अद्धिक प्रभाव नहीं पाया गया। कुल मिलाकर, IBS के लक्षणों के प्रबंधन के लिए हींग काफी अच्छे तरह से प्रभावी हो सकता है या नहीं, इस पर शोध काफी सीमित मात्रा में किया गया है। हालांकि, एक कम सीधा तरीका है कि हींग IBS वाले व्यक्तियों के लिए मेरे हिसाब से काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, जब भी आप कहना पकाते है उस खाने में  खाना पकाने के समय प्याज़ और लहसुन के विकल्प के रूप में हींग का भी इस्तेमाल कर सकते है।

प्याज और लहसुन में उच्च मात्रा में फ्रुक्टेन होते हैं – अपचनीय, किण्वित कार्ब्स जो IBS वाले कुछ व्यक्तियों में GI जैसा संकट पैदा भी कर सकते हैं क्योंकि आप जब खाना खाएंगे तो हींग प्याज और लहसुन के समान ही स्वाद प्रदान करता है, यह उन लोगों के लिए एक बहुत बेहतरीन विकल्प हो सकता है जिन्हें इसके सेवन से बचने या इसका सेवन किसी सीमित मात्रा में ही करने की आवश्यकता होती है। इन उच्च फ्रक्टन खाद्य पदार्थों में से।

हींग का अन्य संभावित लाभ :-

दोस्तो क्या आपको मालूम है कि  हींग पर  काफी सीमित मात्रा में अध्ययन हैं, हींग पर प्रारंभिक शोध से यह पता चलता है कि इसके काफी अतिरिक्त लाभ हो सकते हैं, हमने आपको निचे कुछ लाभों के बारे में बताया है तो उसमें सभी तरह के लाभ शामिल हैं:

एंटिफंगल, जीवाणुरोधी, और ढेर सारे तरह के रोगाणुरोधी का प्रभाव। दोस्तो एक टेस्ट-ट्यूब के अध्ययनों में यह पाया गया है कि हींग स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया नाम के विभिन्न  उपभेदों जैसे कई सारे संभावित रोगजनकों से हमे बचाने में काफी बेहतरीन तरीके से मदद कर सकता है। निम्न रक्तचाप जैसे रोग में भी यह मदद करता है। हींग रक्त वाहिकाओं को बहुत अच्छे तरह से आराम देकर रक्तचाप को बेहतरीन तरीके से कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह अनुसंधान बहुत हु सीमित है और इसका अध्ययन और एक्सपेरिमेंट  केवल जानवरों में ही किया गया है।

दोस्तो एंटीकैंसर का काफी प्रभाव पशु और कुछ टेस्ट-ट्यूब के अध्ययनों से विसेसगयो को यह पता चला है कि हींग काफी स्तन और यकृत कैंसर जैसे रोगों को सहित कुछ कैंसर के कोशिकाओं के अच्छे तरह से विकास और प्रसार को अच्छे से रोकने में मदद करता है। इसमे आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य की रक्षा करें। कई सारे जानवरों को अच्छे से अध्ययन में पाया गया है कि हींग मस्तिष्क में स्मृति हानि और तंत्रिका क्षति से बचाने में काफी ज्यादा मदद कर सकती है। अस्थमा के लक्षणों को अच्छी तरह से कम करने में मदद करें।

कुछ लोगो ने चूहों एक्सपेरिमेंट कर के अध्ययन से पता लगाया  है कि हींग का वायुमार्ग की जो चिकनी मांसपेशियों है उस पर यह बहुत आराम प्रभाव पड़ता है,और हींग जो अस्थमा के उपचार में  महत्वपूर्ण तृका से उपयोग होता है। वादा करते हुए, यह प्रभाव अच्छे तरीका से मनुष्यों में सिद्ध नहीं हुआ है रक्त शर्करा के स्तर को थोड़ा बहुत कम करने में मदद कर सकता है। चूहों पर किए गए एक्सपेरिमेंट और अध्ययन में फास्टिंग ब्लड शुगर के स्तर को थोड़ा बहुत कम करने के लिए लगभग 50 मिलीग्राम/किलोग्राम हींग का अर्क अच्छे से पाया गया। हालांकि, मनुष्यों में इस प्रभाव का अध्ययन उतना अच्छा से नहीं किया गया है।

सारे चीज़ों को मिलाकर, हम बात करे तो जबकि पशु और टेस्ट-ट्यूब के एक्सपेरिमेंट और अध्ययन इस तीखे मसाले के कई अच्छे संभावित लाभों का सुझाव देते हैं, दोस्तो वर्तमान में इन दावों का समर्थन करने के लिए मनुष्यों में सबूतों की अभी कमी है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ये अध्ययन भोजन बनाते समय इन सभी मसलो को अच्छे से  पकाने के दौरान आमतौर पर उपयोग की जाने वाली मात्रा के बजाय हींग के एक अच्छे केंद्रित रूप का उपयोग करते हैं। नतीजतन, मसाले के अच्छे से पका उपयोग का न्यूनतम प्रभाव हो सकता है।

हींग के संभावित दुष्प्रभाव ,नुकसान :-

दोस्तों अब आप सोच रहे होंगे कि अभी हमने हींग के इतने सारे फायदे के बारे में सोचा तो हींग के नुकसान क्या हो सकते हैं लेकिन दोस्तों जिस चीज का फायदा होता है। उस चीज का थोड़ा बहुत तो नुकसान जरूर होता है तो चली जानते हैं। हींग के नुकसान के बारे में, माना कि हींग का फायदे के हिसाब से नुकसान बहुत कम होता है लेकिन हम अगर सही तरीके से इस्तेमाल करें तो यह नुकसान हमको नहीं हो सकते हैं।

आम तौर पर खाना पकाने में उपयोग की जाने वाली हींग की मात्रा ज्यादातर व्यक्तियों के लिए बेहतरीन रूप से सुरक्षित मानी जाती है। कुछ लोगो ने मनुष्यों  पे एक अध्ययन में पाया गया कि लगभग 30 दिनों तक के लिए प्रति दिन लगभग दो बार  तकरीबन 250 मिलीग्राम प्रतिभागियों द्वारा अच्छी तरह से और आराम सर सहन किया गया था।

हालांकि, कुछ लोगो ने जानवरों के पर भी अध्ययन कर के  पता चलता है कि हींग की थोड़ी बड़ी खुराक से आपके  मुंह में सूजन,चिंता,, गैस, दस्त, और सिरदर्द,पेट मे जलन जैसे बीमारी हो सकता है। इसके अलावा, चूहों में एक एक्सपेरिमेंट से उस के शरीर  के वजन में लगभग 455 मिलीग्राम प्रति पाउंड (1,000 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम) से अधिक खुराक पर संभावित विषाक्तता का बेहतरीन सुझाव देता है।

इसके अतिरिक्त, शोध की कमी के कारण, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली लगभग सभी महिलाओं या काफी छोटे बच्चों के लिए हींग की सेवन नहीं की जाती है। क्योंकि यह उन महिलाओं की रक्तचाप को काफी कम कर सकता है या उनके  रक्त को थोड़ा  पतला कर सकता है, रक्तचाप की दवाओं या रक्त को पतला करने वाली दवाओं लेने पर लोगों या महिलाओं को हींग की खुराक से बहुत बचना चाहिए। जब एक मसाले के रूप में इसका  इस्तेमाल किया जाता है, तो हींग को आमतौर पर गेहूं या चावल के आटे के साथ अच्छे से मिलाया जाता है।

 हम ने आपको ऊपर बताया कि नतीजतन, हींग (या हिंग) के सेवन से  उत्पाद लस मुक्त नहीं हो सकते हैं। यह एक काफी विशेष चिंता का विषय हो सकता है जब किसी तरह के रेस्तरां में भोजन करते हैं जो अपने लगभग सभी तरह के व्यंजनों में हिंग पाउडर का उपयोग अच्छे तरह से करता है। यदि आपके कोई प्रश्न या चिंताएं हैं, तो हींग को आजमाने से पहले अपने  स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से अच्छी तरह से विचार विमर्श कर ले तब आप हींग का इस्तेमाल करे।

निष्कर्ष :-

दोस्तों आशा करता हूं कि आप को मेरा यह लेख हींग के फायदे और नुकसान | Benefits of Asafoetida in hindi | asafoetida meaning in hindi बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से वह सभी चीजों के बारे में विस्तार पूर्वक समझ गए होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके हींग के फायदे और नुकसान के बारे में सभी चीज को पूरे विस्तार से समझाने की कोशिश की है और आशा करता हूं कि आप भी इसे पूरे ध्यान से पढ़ कर अच्छे से समझ चुके होंगे कि हिंदी के फायदे और नुकसान क्या होते हैं।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट आपको कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे।

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