नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारे इस लेख में आज के इस लेख के मदद से हम प्लास्टिक प्रतिबंध पर निबंध (Plastic Ban in India Essay in Hindi) पर बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने वाले हैं ।

और इस निबंध के माध्यम से हम लोग जानेंगे कि अगर हम इसे ना रुके तो प्लास्टिक हमारे और हमारे  इस वातावरण के लिए कितने ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है दोस्तों इस आर्टिकल में हम लोग प्लास्टिक प्रतिबंध पर निबंध  को देखेंगे ।

लेकिन दोस्तों यह सब जानने के लिए हमें आपसे अनुरोध है कि आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से और अंत तक  जरूर पढ़ें और प्लास्टिक के बारे में और भी जानकारी प्राप्त करेंगे तो दोस्तों बिना कोई देरी के चलिए अब आज के लेख को शुरू करते हैं और जानते हैं प्लास्टिक प्रतिबंध पर निबंध के

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प्रस्तावना

plastic उपयोग करना बेहद आसान है इसके वजह से प्लास्टिक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और यह बहुत सस्ता भी होता है  यही कारण है कि लोग इस प्लास्टिक के इस्तेमाल करने के बाद तुरंत ही इसे फेंक दिया जाता है

इधर-उधर प्लास्टिक फेंक देने से  दूसरी तरफ प्लास्टिक हमारे पर्यावरण में  बहुत हानि पहुंचा रहा है और यह पर्यावरण के लिए जहर के सामान बन गया हैं। प्लास्टिक सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में एक बड़ी समस्या बन गया हैं। यदि ऐसा ही प्लास्टिक का इस्तेमाल होता रहा और कोई समाधान ना निकाला गया तो पर्यावरण पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा और और इसके वजह से इंसान के धरती पर रहना भी असंभव हो जाएगा .

बहुत सारे ऐसे देश हैं जहां प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है वहां प्लास्टिक उपयोग करना एक गैर कानूनी है वैसे ही हमारे देश के कई राज्यों में भी प्लास्टिक पूरी तरह से बंद हो चुका है

सिंगल यूज प्लास्टिक क्या हैं (what is Single Use Plastic)

सिंगल यूज प्लास्टिक एक डिस्पोजेबल प्लास्टिक होता है जिसका एक बार उपयोग करके उसे फेंक दिया जाता है और उसे रिसाइकल भी नहीं किया जाता है इसी वजह से इस प्लास्टिक को  पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक और घातक माना जाता है।

पेट्रोलियम इन उत्पादों का मुख्य आधार है।  बहुत कम लागत से तैयार और उपलब्ध होने की वजह से इन सिंगल प्लास्टिक का उपयोग आज के समय में  काफी बढ़ गया हैं। लेकिन दोस्तों  क्या आपको  यह पता है कि सिंगल प्लास्टिक को नष्ट करने में इसे बनाने से कई गुना ज्यादा खर्चा आता है  सारे प्लास्टिक से मानव जीवन और पर्यावरण पर जो नुकसान हो रहा है वह भी काफी नुकसान पूर्ण है।

प्लास्टिक क्यों ख़राब होता हैं (Why are Plastic Bad)

आज प्लास्टिक दुनिया में सबसे सस्ती होने के कारण प्लास्टिक दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किए जाने वाले आइटम और उत्पाद बन चुका है क्योंकि आज  बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो  ‘यूज एंड थ्रो’ वाली नीति को ज्यादा अपनाते हैं. लेकिन यह आपको पता नहीं होगा कि  पर्यावरण ने दुनिया के 9 बिलियन टन plastic का सिर्फ 9 प्रतिशत recycle किया हैं. और बाकी का अधिकांश प्लास्टिक का कचरा जलमार्ग या  डाले या नदियों में बहा दिए जाते हैं जिसके माध्यम से महासागरों में जाकर मिल जाता हैं.

इसमें एक तरह का रसायनिक तत्व पाया जाता हैं, जोकि मिट्टी के साथ मिलकर जलमार्ग के माध्यम से जलाशय में पहुँच जाता हैं, और इससे वहां रहने वाले जीव जन्तुओं को नुकसान पहुँचता हैं. यह न ही मिट्टी में घुल पाते हैं और न ही पानी में. इसी वजह से प्लास्टिक बहुत नुकसानदायक एवं खराब होते हैं. 

प्लास्टिक प्रतिबन्ध उत्पाद (Plastic Ban Products / Items List)

जो सबसे सामान्य सिंगल यूज प्लास्टिक हैं वे हैं  प्लास्टिक की पानी की बोतल, कैरी बैग, प्लास्टिक की बोतल के कैप, प्लेट, कप, खाने के खाली पैकेट, डिस्पोजेबल प्रोडक्ट्स, प्लास्टिक के किराना बैग, प्लास्टिक के रैपर, प्लास्टिक के पानी पौउच, स्ट्रॉ एवं अन्य प्रकार के प्लास्टिक बैग आदि. इसके साथ-साथ ही इस तरह के प्लास्टिक के उत्पादन में कुछ  बेहतर और मुख्य पॉलीमर्स का इस्तेमाल करना होता हैं.

जिसमें शामिल होने वाले कुछ मुख्य पॉलीमर्स एचडीपीई, पीईटी, एलडीपीई, पीपी, ईपीएस  और पीएस आदि हैं.  प्लास्टिक स्वाभाविक रूप से सड़ने  और गलने वाला उत्पाद नहीं हैं, इसकी बजाय वे प्लास्टिक  बहुत धीरे – धीरे माइक्रोप्लास्टिक नामक प्लास्टिक के  बहुत छोटे – छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं.

फिर भी यह प्लास्टिक नष्ट नहीं हो पाते हैं  क्योंकि प्लास्टिक को नष्ट होने में कई वर्ष लगता है इसी के कारण यह सारे प्लास्टिक हमारे पर्यावरण को काफी हद तक नुकसान पहुंचाते हैं और गंदगी फैलाते हैं

 प्लास्टिक का प्रभाव (Plastic Effects)

Plastic poses a major environmental threat: but is it being over-stated?

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि एक बार प्लास्टिक उपयोग करने से बताबरण और  प्रकृति को कितना ज्यादा नुकसान पहुंचता है अगर नहीं पता है तो चलिए आप जानते हैं कि प्लास्टिक का प्रभाव  वातावरण पर कितना ज्यादा होता है। एक बार उपयोग किये जाने वाले प्लास्टिक से क्या – क्या प्रभाव पड़ते हैं  चलिए अब जानते हैं –

प्लास्टिक के कुछ उत्पाद जैसे की थैलियाँ,  प्लास्टिक बोतल आदि को सड़ने और गलने में काफी अधिक समय लगता है. और इस बीच में यह हमारी पानी  और मिट्टी दोनों को काफी प्रदूषित कर देती हैं।

प्लास्टिक को बनाने के लिए बहुत सारे जहरीले और रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया जाता है जो पहले एनिमल टिश्यू में परिवर्तित होते हैं और फिर यह  प्लास्टिक पदार्थ मानव खाद्य श्रंखला में प्रवेश करता हैं. फिर ये खाद्य पदार्थों के सेवन से यह हमारे शरीर में पहुंचकर उसे भी प्रभावित करता हैं.

और और वही रासायनिक और जहरीले पदार्थ जब वातावरण या हमारे नदिया या तालाबों में जाते हैं तो यह उनके लिए भी काफी ज्यादा खतरनाक और घातक होता है इसीलिए यह काफी हद तक हमारे वातावरण और प्रकृति को भी नुकसान पहुंचाता है।

यदि इस तरह के प्लास्टिक को इंसानों द्वारा या जानवरों द्वारा निगला जाता हैं तो यह प्लास्टिक  उनके फेफड़े, तंत्रिका तंत्र, और कुछ अन्य अंगों को  काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता हैं. इसे आप यह पता लगा सकते हैं कि यह प्लास्टिक इंसान हो और जानवरों के लिए कितना ज्यादा खतरनाक और कहां तक है लेकिन फिर भी लोग इसका इस्तेमाल करना छोड़ नहीं रहे हैं।

यह प्लास्टिक पदार्थ मानव शरीर, जीव एवं जंतु, के अलावा पर्यावरण और हमारे  प्राकृतिक को भी प्रभावित करता हैं. जब प्लास्टिक के उत्पाद मिट्टी में मिलते हैं, तो उसमें पाए जाने वाले खतरनाक रसायन भी उस मिट्टी में  जाकर मिल जाते हैं. इससे जब उस मिट्टी में पेड़ – पौधों लगायें जाते हैं या जो खुद से उत्पन्न होते हैं उनपर यह नकारात्मक प्रभाव डालते हैं.

और या तो वह पौधा नहीं लगते हैं या लगते भी हैं तो वह उतना अच्छा और इतना स्वस्थ पूर्ण नहीं होते हैं कि वह फल ले या कोई फूल दे सके। और उस पर उगा हुआ फूल और फल भी काफी ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि उस प्लास्टिक में से  निकाला हुआ रासायनिक पदार्थ  मिट्टी में मिल जाता है और उस मिट्टी से ही मिट्टी का जन्म होता है  इसी कारण वह पौधा भी जारी ला हो सकता है।

आज के समय मे प्लास्टिक के पदार्थ की बहुत अधिक मात्रा समुद्र और  नदियों में मिल रही हैं, जिसके चलते यदि वर्तमान रुझान देखा जाये तो सन 2050 तक समुद्र में जीव जंतुओं की तुलना में प्लास्टिक अधिक दिखाई देगा. 

और या जलीय जीव जंतु और वातावरण और हमारे नदी और समुद्र के लिए काफी ज्यादा ल खतरनाक हो सकता है और  हमारे समुद्र को भी काफी ज्यादा जहरीला बना सकता है  जिसके वजह से यह साफ है कि समुद्र में रहने वाले जलीय जीव समाप्त हो सकते हैं। 

और ऐसा यह पहली बार नहीं होने जा रहा है इससे पहले एक वीडियो में ऐसा देखा गया था कि एक कछुआ के गले में एक प्लास्टिक का छोटा सा टुकड़ा फस गया था जिसके वजह से उसे निकालने में काफी ज्यादा परेशानी हो रही थी ।

और वह उस प्लास्टिक से मर भी गया था  फिर वह वीडियो काफी ज्यादा वायरल हुआ है जिसकी वजह से ही लोगों ने इस समुद्र के प्लास्टिक प्रतिबंध के बारे में  चर्चा होने लगी।  यह बात लाजमी है कि अगर 2050 तक इस तरह प्लास्टिक  समुद्र में भहवाया गया तो  उस समय जल जीवन संकट में आ सकता है यहां तक जल प्रजाति विलुप्त भी हो सकती है।

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प्लास्टिक के स्थान पर किसका उपयोग करें (Plastic Solutions)

दोस्तों अगर आप खतरनाक प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचना चाहते हैं या अगर आप चाहते हैं कि वातावरण के नुकसान किए बिना  प्लास्टिक के कोई अच्छे विकल्प को तलाश रहे हैं तो हम आपको बता दें कि सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर आप इस तरह के तत्वों और विकल्पों पर ध्यान दे सकते हैं  जिसमें कुछ विकल्प है जैसे कि  रिसाइकिलिंग दर, वजन, सुरक्षा,  और परिवहन क्षमता, सामर्थ्य सभी चीजें हों. प्लास्टिक के स्थान पर कुछ अन्य चीजों का प्रयोग आसानी से कर सकते हैं जैसे –

दोस्तों यदि आप प्लास्टिक की पानी की बोतलों का प्रयोग कर रहे हैं तो उसके जगह पर आप   कुछ धातुओं से बनी यानी कि लोहे, तांबे और  पीतल  से बनी बोतल का इस्तेमाल आप कर सकते हैं इसके अलावा आप  कॉपर, कांच,  एवं मिट्टी से बनी बोतल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

इन सारे बोतल का इस्तेमाल करने का एक फायदा यह है कि आप इन बोतल का बार-बार उपयोग कर सकते हैं यानी की बोतल का उपयोग करने के बाद भी आप दोबारा इन बोतल का उपयोग कर सकते हैं

यदि आप प्लास्टिक से बने कप, स्ट्रॉ, प्लेट,  बोतल  एवं इसी तरह के अन्य उत्पाद का  प्रयोग  कर रहे हैं तो आप  जल्दी इन सब का इस्तेमाल करना बंद कर दीजिए और इन सब की जगह पर आप कॉपर, कांच,  एवं मिट्टी से बनी बोतल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

इन सारे बोतल का इस्तेमाल करने का एक फायदा यह है कि आप इन बोतल का बार-बार उपयोग कर सकते हैं  दोस्तों हम आपको बता दें कि यह प्लास्टिक की पदार्थ को रीसायकल करना काफी ज्यादा मुश्किल होता है वही कागज और इन सारे वस्तुओं का  रीसायकल करना काफी ज्यादा आसान होता है

आज के समय में बाजार  मैं काफी सारे प्लास्टिक की थैलियाँ  उपलब्ध हैं  लेकिन हम आपको यह सलाह देना चाहते हैं कि आप उसके स्थान पर कपड़े, कागज या जूट या कपड़े के बने थैलियाँ का इस्तेमाल करें इससे आप  दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं  और इस तरह की चीज  वातावरण में को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और यह मिट्टी में तुरंत ही गर्ल जाते हैं

इन सभी चीजों के अलावा आप प्लास्टिक के  चमक चाकू के स्थान पर आप लकड़ी या स्टील  के चाकू और चम्मच खरीद सकते हैं यह सब उत्पादन  टिकाऊ  होता है और आप इसका बार-बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्लास्टिक बैगों पर प्रतिबंध (Ban on plastic bags)

These US states have banned plastic bags | World Economic Forum

प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल लोग अपनी जिंदगी में आमतौर पर रोजाना ही करते होंगे, लेकिन दोस्तों क्या आपको पता है कि आज के समय में प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है और इसका उपयोग करना है मान है लेकिन फिर भी रोजमर्रा के जीवन में हम  लोग न जाने बहुत बार प्लास्टिक बैग्स का इस्तेमाल करते हैं। प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाना हमारे वातावरण और हमारे प्रकृति के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी काफी ज्यादा जरूरी है।

क्योंकि इस दिन प्रतिदिन प्लास्टिक और प्लास्टिक के चीज है हमारे जीवन के लिए एक खतरा बन चुकी है हमारे ही नहीं बल्कि  दुनिया में रहने वाले प्रत्येक जीव  के लिए  या प्लास्टिक बहुत ही खतरनाक बन चुका है। दोस्तों हम आपको बता दें कि आमतौर पर प्लास्टिक बैग को आकार देने के लिए जहरीले पदार्थ का उपयोग किया जाता है जो कि हमारे   स्वास्थ्य के लिए और जो जानते हो के लिए काफी खतरनाक हो सकता है।

जिनका असर हमारे स्वास्थ्य और प्रकृति पर पड़ता है आज के इस आधुनिक  समय में नॉन बायोडिग्रेडेबल  प्लास्टिक के कचरा बढ़ता जा रहा है जिसकी वजह से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां भी उत्पन्न होने लगी हैं। गंभीर बीमारियों और समस्याओं को रोकने और बंद करने के लिए सबसे पहले जरूरी है प्लास्टिक बैग के उत्पादन पर प्रतिबंध लगाना होगा तभी इन सारी बीमारियों को रोकना और एक स्वस्थ जीवन जीना संभव है।

भारत में प्लास्टिक पर प्रतिबंध (Plastic Ban in India)

Plastic-free TN? 'Buy back' plastic policy on anvil - The New Indian Express

वैसे तो अन्य बहुत सारे देश हैं जहां पर प्लास्टिक के आज के दिन में प्रतिबंध लगा दिया गया है और उन देशों में सिंगल यूज प्लास्टिक   का मैन्युफैक्चरिंग भी रोक दिया गया है  लेकिन कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमारे देश भारत में राष्ट्रीय को पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया है और भारत में भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करना प्रतिबंधित है ।

उन्होंने लोगों को इस सिंगल प्लास्टिक के खतरनाक उपयोग से  को बचाने के लिए बहुत सारे कदम उठाएं उन्होंने लोगों को इसके नुकसान के बारे में बताते हुए उन लोगों से यह गुजारिश की जाए कि इसका उपयोग अब न करें बल्कि आप इसके बदले किसी कपड़े का थैला या जूट के थैली का उपयोग करें और इस प्लास्टिक प्रतिबंध अभियान को राष्ट्रपिता के 150 वीं जन्मतिथि को इस अभियान को शुरू किया गया। और  यह बताया गया है कि कुछ समय बाद हमारा देश भारत में प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंध हो जाएगा।

कुछ राज्य में  प्लास्टिक के मैन्युफैक्चरिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है जिनमें से कुछ राज्य हैं जैसे कि महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडू, मध्यप्रदेश जैसे भारत के कुल 18 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने प्लास्टिक के थैली या बैग की मैन्युफैक्चरिंग पर  पूरी तरह से रोक लगा दी हैं.  बहुत जल्द ही यह प्रक्रिया पूरे भारत  देश में लागू हो जाएगी. और कुछ समय बाद प्लास्टिक भारत में पूरी तरह से प्रतिबंध हो जाएगा। और इसका उपयोग करना और मैन्युफैक्चर करना है पूरी तरह से गैरकानूनी होगा.

प्लास्टिक का उपयोग (uses of plastic)

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दिन पर दिन प्लास्टिक का उपयोग बढ़ता ही जा रहा है हम लोग देख रहे हैं कि बाजारों में प्लास्टिक के कई सारे चीज उपलब्ध हैं जैसे कि पानी के बोतल और प्लास्टिक की थैली इसके अलावा प्लास्टिक के और भी बहुत सारी चीजें है एक सर्वे के जरिए यह बताया गया था कि हर वर्ष  एक व्यक्ति के जरिए 11 किलो से भी  अधिक वस्तुओं का उपयोग plastic के रूप में किया जा रहा है।

यह आंकड़ा सिर्फ भारत का है अगर हम पूरे विश्व का आंकड़ा देखे तो इससे कई गुना ज्यादा देखने को मिल सकता है विश्व का आंकड़ा के अनुसार एक व्यक्ति हर वर्ष में किसी न किसी तरह से 28 किलो से ज्यादा प्लास्टिक का इस्तेमाल करता है। इसे आप समझ सकते हैं कि इतनी मात्रा में प्लास्टिक का उपयोग करना कितना ज्यादा खतरनाक और कितना ज्यादा घातक हो सकता है।

आज के इस आधुनिक युग में प्लास्टिक का उपयोग बहुत सारे चीजों के लिए किया जाता है जिनमें से कुछ है जैसे प्लास्टिक के चम्मच टूथब्रश प्लेट गिलास कब बैग, पानी पीने की बोतल आदि।

लेकिन इस पार्टी का इस्तेमाल करके लोग इधर-उधर फेंक देते हैं जिनके वजह से यह प्लास्टिक  कचरा बन जाता है और इसके विघटन यानी कि सड़ने गलने की प्रक्रिया में लगभग 400 साल से भी  अधिक का समय लग जाता है। तो इसका सीधा मतलब यह है कि अगर हम आज प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह हमारे आने वाली पीढ़ी को 400 साल तक इसका नुकसान भुगतना पड़ेगा।

और साथ ही साथ  वातावरण और जीव-जंतुओं को भी  हमारे इस गलती का नुकसान भुगतना पड़ेगा। तो इससे आप समझ सकते हैं कि प्लास्टिक कितना ज्यादा खतरनाक चीज है और इसका इस्तेमाल करना कितना ज्यादा नुकसान दायक है।

प्लास्टिक के लाभ और हानि (Advantages and disadvantages of using plastic)

प्लास्टिक के लाभ

दोस्तों वैसे तो हम लोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बहुत कुछ जान लिया लेकिन अब चली जानते हैं कि प्लास्टिक के लाभ क्या होते हैं क्योंकि प्लास्टिक के  नुकसान के साथ-साथ उसके  कुछ लाभ भी है जो निम्नलिखित हैं:-

आसान प्रयोग करना और निर्माण :-  दोस्तों अगर आपको भी नहीं पता है तो हम आपको बता दु कि प्लास्टिक का निर्माण करना उतना ही आसान है जितना इसका उपयोग करना है प्लास्टिक को किसी भी आकार में डाला जा सकता है और इसका इस्तेमाल भी बहुत आसानी से किया जा सकता है अधिकतर दैनिक रूप से विभिन्न प्रकारों के साधनों को जुटाने के लिए प्लास्टिक जैसे पदार्थ  का इस्तेमाल किया जाता है।

मजबूत और टिकाऊ :-  प्लास्टिक एक लंबे समय तक चलने वाला टिकाऊ और मजबूत  होता है जिसको  वजह से यह काफी समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है और हम लोग यह तो जानते ही हैं कि प्लास्टिक वाटरप्रूफ  होता है जिसके वजह से पानी से इसे खतरा नहीं होता है।  और इसका  सबसे फायदे वाली बात यह है कि इसमें कुछ भी  पेय पदार्थ या  अनाज रखने पर  आसानी से उसमें से वह चीज निकाला जा सकता है।

सस्ता :– प्लास्टिक का सबसे ज्यादा उत्पादन करने का एक कारण यह है कि प्लास्टिक को उत्पादन करने  मैं लागत भी बहुत कम लगता है और  इसको बनाने में बहुत कम खर्चा आता है जिसके वजह से लोग प्लास्टिक को ज्यादा उपयोग करते हैं और इसी वजह से प्लास्टिक है  बाजारों में कम दाम पर मिलता है  वही कपड़े और कागज से कुछ बनाए जाए तो उसका खर्चा काफी ज्यादा मांगा हो जाता है जिसके वजह से लोग प्लास्टिक का ही  वस्तु इस्तेमाल  करना आसान समझते हैं  इसलिए प्लास्टिक का  काफी लाभदायक होता है क्योंकि  बहुत कम खर्चे में ही  प्लास्टिक के  विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे खिलौने, पॉलिथीन, आदि बनाए जा सकते हैं।

जल प्रतिरोधी और गंदहीन :–  आप प्लास्टिक का इस्तेमाल करने का एक फायदा यह है कि प्लास्टिक कभी भी खराब नहीं होता है और इसमें से बदबू भी नहीं आती है जिसके वजह से प्लास्टिक लोग अधिकतर इस्तेमाल करते हैं जबकि लंबे समय तक कागजी या कोई  बर्तन में कोई चीज रखने पर वह चीज महकने लगता है और उसे खराब बदबू आने लगता है।

रीसायकल और पुनः उपयोग :-  और इसका फायदा यह है कि इसको वापस से रीसायकल किया जा सकता है इसका तोड़ मरोड़ के  इसको वापस प्लास्टिक के कोई चीज बनाया जा सकता है और इसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है और आज के समय में प्लास्टिक को दोबारा उपयोग किया जा रहा है जिसके वजह से  पहले की तुलना में आज प्लास्टिक का  कचरा कम हो रहा है।

प्लास्टिक से हानि 

प्लास्टिक से हमें बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है जिसके कुछ नुकसान हम आपको यहां बताने जा रहे हैं विभिन्न जीवो के लिए भी और पर्यावरण के लिए भी:-

स्वास्थ्य के लिए :- अगर हम प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाते हैं और लंबे समय तक प्लास्टिक में या प्लास्टिक के बर्तन में खाना को रखते हैं तो हमें बिहार खतरनाक बीमारी हो सकती है क्योंकि उस प्लास्टिक के  वस्तु में जहरीले रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वजह से हमें और जिसकी वजह से उसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ता है।

पर्यावरण के लिए :- दोस्तों जैसा कि हम जानते ही हैं कि पर्यावरण के लिए प्लास्टिक कितना ज्यादा घातक होता है क्योंकि प्लास्टिक की वजह से हमारा वातावरण और हमारी मिट्टी और समुद्र की पानी भी प्रदूषित होती है जिसके वजह से जदयू भी काफी ज्यादा खतरे में पड़ जाते हैं और प्लास्टिक का एक नुकसान यह भी है कि प्लास्टिक को जाने पर जो धुआ निकलता है वह काफी ज्यादा खतरनाक होता है जो कि हमारे वातावरण और हमारे सेहत पर सीधे असर डालता है और अगर इस तरह का धुआं हम लगातार   लेते रहे तो हमें कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है 

समुद्री जीवो के लिए :-  आज के समय में बड़े बड़े नाले अपनी प्लास्टिक का कचरा समुद्र में बहा रहे हैं जिसकी वजह से समुद्री जीव  को  काफी ज्यादा तकलीफ हो रही है और जिसके वजह से समुद्री जीव कभी-कभी खाना के चक्कर में वह खा लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना कभी करना पड़ता है और कभी-कभी उनकी मौत भी हो जाती है  इसे हम यह समझ सकते हैं कि प्लास्टिक समुद्री जीव के लिए भी  कितना ज्यादा खतरनाक है।

जानवरों के लिए :-  जानवरों के लिए  बीएफ प्लास्टिक बेहद खतरनाक होता है क्योंकि कई बार लोग प्लास्टिक को अपने घर के बाहर ही फेंक देते हैं जिसकी वजह से कई जानवर खाना खाने के चक्कर में और खाना ढूंढने के चक्कर में उस प्लास्टिक को अपने गले में फंसा लेते हैं जिसकी  जानवरों को बेहद परेशानी होती है  और उन्हें अन्य कई प्रकार की  बीमारी भी हो जाती है और  हम यहां तो जानते ही हैं कि उन प्लास्टिक में कितने ज्यादा जहरीले पदार्थ होते हैं जिसके वजह से कभी-कभी जानवरों के मौत भी हो जाती है।  तो हम यह कह सकते हैं कि प्लास्टिक जानवरों के लिए भी काफी ज्यादा  खतरनाक है।

भूमि, जल, वायु, प्रदूषण  :- दोस्तों प्लास्टिक  से काफी तरह का प्रदूषण होता है जिनमें वायु प्रदूषण जल प्रदूषण और भूमि प्रदूषण शामिल है दोस्तों अगर हम कोई प्लास्टिक के उपयोग करके और उसे जमीन पर फेंक देते हैं तो वह प्लास्टिक सालों सालों तक गलता नहीं है जिसकी वजह से वह भूमि के लिए काफी ज्यादा खतरनाक होता है और वही बात का है कि हम वायु प्रदूषण के बारे में तो अगर उस प्लास्टिक को जलाया जाए तो उस प्लास्टिक से निकलने वाली दुआ से काफी प्रकार की बीमारी हो सकती है ।

और वातावरण में काफी ज्यादा इसका प्रभाव पड़ता है और दोस्तों अगर हम बात करें जल प्रदूषण के बारे में तो जल प्रदूषण तब होता है जब हम प्लास्टिक को किसी नदी तालाब या समुद्र में फेंक देते हैं जिसके वजह से जल में वह प्लास्टिक गलत नहीं है और कोई जानवर के गले में फंस जाता है जिसकी वजह से उस जानवर की मौत भी हो जाती है.

जलवायु परिवर्तन :- पॉलिथीन के इस्तेमाल से हमारा  वातावरण और पर्यावरण बहुत ज्यादा  प्रदूषित होता जा रहा है। क्योंकि प्लास्टिक के इस्तेमाल करके लोग  उन प्लास्टिक को इधर-उधर फेंक देते हैं जिसकी वजह से मिट्टी में मिल कर मिट्टी को दूषित करता है तथा जल में घुलकर जल को प्रदूषित कर देता है। दिन प्रतिदिन जलवायु में बढ़ते बदलाव का सबसे बड़ा कारण पॉलिथीन बनता जा रहा है।

प्लास्टिक का उपयोग करना कैसे बंद करें? (How to stop using plastic)

हमें प्लास्टिक का उपयोग धीरे-धीरे करके बंद करना होगा तभी हम अपने वातावरण और अपने स्वास्थ्य को बचा पाएंगे क्योंकि प्लास्टिक का उपयोग करने से वातावरण को काफी खतरा हो सकता है और हमारे स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है और अगर हम प्लास्टिक का उपयोग करना बंद करेंगे हम अपने पर्यावरण और स्वास्थ्य को बचाने में सक्षम हो पाएंगे। प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने के लिए हमें निम्न उपाय अपनाने चाहिए।

  • प्लास्टिक का उपयोग बंद करने का एक रास्ता यह है कि जब आप बाजार में किसी सामान को खरीदने जाए या कुछ लेने जाए तो अपने घर से अपना कपड़े का थैली या झूट की थैली लेकर जाए और अपना सामान उसी थाली में लाए।     
  • प्लास्टिक से बने उत्पादों को खरीदने का विरोध करें। और उसे आप कभी ना खरीदें और लोगों को इसके बारे में जागरूक करें
  • प्लास्टिक के बैग की जगह कपड़े का बैग या झूट का बैग का इस्तेमाल करें।
  • अगर आप प्लास्टिक का इस्तेमाल करते भी हैं तो आप प्लास्टिक को रिसाइकल करने के लिए सही कचरे वाले डिब्बे में डालें ताकि वह वापस से रीसायकल हो पाए और पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचाएं। या अगर हो सके तो आप उस प्लास्टिक को हर बार इस्तेमाल करें
  • प्लास्टिक को और प्लास्टिक के वास्तु को  काफी ज्यादा  महंगा कर देना चाहिए ताकि लोग इसे ना तो खरीदें और ना ही इस प्लास्टिक का इस्तेमाल करें।
  • हमारे सरकार को प्लास्टिक के उपयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए ताकि लोग भी इसके प्रति जागरूक हो सके।
  • आप जहां भी हैं वहां से ही प्लास्टिक बैन के प्रति आवाज उठाएं और सबको प्लास्टिक का उपयोग न करने के बारे में जागरूक करें।

[ Conclusion, निष्कर्ष  ]

दोस्तों आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख प्लास्टिक प्रतिबंध पर निबंध 2022 (Plastic Ban in India Essay in Hindi) आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख मदद से वह सभी जानकारी को पूरे विस्तार से जान चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमने इस लेख में बिल्कुल आसान तरह से प्लास्टिक पर निबंध लिखने के तरीके को स्टेप बाय स्टेप करके बताया है और आप पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप भी मेरे इस बताए गए लेख को अच्छे से समझ चुके होंगे और आप प्लास्टिक पर निबंध काफी आसानी से लिख सकेंगे।

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