नमस्कार दोस्तों आज के इस नये आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं Atal Bihari Vajpayee जी के बारे में जो कि हमारे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता के साथ साथ एक देश प्रेमी भी थे  उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भारत के लिए काफी कुछ किया था और भारत को हर क्षेत्र में विकास की तरफ ले गए थे।

दोस्तों हम आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेई जी ने भारत देश के तीन बार प्रधानमंत्री बनने के सौभाग्य हासिल किया है उन्होंने वर्ष 1996 से लेकर वर्ष 2004 तक तीन बार प्रधानमंत्री के पद संभाला है। और इस दौरान उन्होंने भारत को काफी तरक्की की तरफ से गए हैं ।

दोस्तों हम आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेई जी ने शादी नहीं किए उन्होंने भारत के सेवा में अपनी पूरी जिंदगी गुजार दी। वह एक बड़े  राजनेता के साथ-साथ एक बड़े पर्यावरण प्रेमी भी थे। 

तो दोस्तों इस आर्टिकल में अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन से जुड़ी बातों पर चर्चा करेंगे और जानेंगे इनके जीवन कथा के बारे में संपूर्ण जानकारी तो हम लोग इस आर्टिकल में अटल बिहारी वाजपेई जी जन्म से लेकर उनकी सरकार बनने तक की सफर को विस्तार से जानेंगे और  निजी जीवन से लेकर उनकी परिवार के बारे में भी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे ।

इसके अलावा हम लोग इस आर्टिकल के अंत में अटल बिहारी वाजपेई जी से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य के बारे में बात करेंगे। तो दोस्तों यह सब जानने के लिए आप हमारे इस लेख को पूरा अंत तक जरूर पड़े तभी आपको अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन कथा के बारे में पूरा ज्ञान मिल सकेगा और आप इनके कहानी से कुछ सीख पाएंगे। तो दोस्तों चली अब इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और अटल बिहारी वाजपेई जी के  जीवन परिचय के बारे में जानते हैं!

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अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी  ( Atal Bihari Vajpayee biography in hindi )

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अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के  बड़े  नेताओं और अग्रदूतों में से एक थे और अत्यधिक सम्मानित अनुभवी राजनीतिज्ञ थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ अपनी राजनीति शुरू करने के बाद, अटल बिहारी वाजपेयी ने तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बनने का  सौभाग्य प्राप्त किया।

वाजपेयी भारतीय राजनीति के साथ-साथ  विश्व राजनीति में अपने उल्लेखनीय कद के लिए  काफी मशहूर थे और वह इसके लिए जाने जाते थे। वर्ष 1975 के राष्ट्रीय आपातकाल में गिरफ्तार होने के बाद, अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के प्रमुखों के बीच आए, इसकी जिम्मेदारी उठाई और वर्ष 1977 के आम चुनावों में पार्टी को प्रमुखता के लिए नेतृत्व किया था।

 वह संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में भारतीय हिंदी भाषा में भाषण देने वाले भारतीय के पहले राजनेता हुए। चाहे वर्ष 1998 में पोखरण द्वितीय हो या वर्ष 1999 में लाहौर बस यात्रा, वाजपेयी अहिंसा और क्रोध के आदर्श अवतार थे। एक राजनेता होने के साथ-साथ वे एक महान लेखक और कवि भी थे।

इसीलिए वह कभी-कभी कविताएं और लेख भी लिया करते थे जब वे संसद में बोलते थे तो पूरा सदन मंत्रमुग्ध हो जाता था। उनकी भाषण, कविताएं, लेखन देश के सैकड़ों राजनेताओं को प्रेरित करते हैं

और वे एक उभरते राजनेताओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। यही कारण है कि अटल बिहारी वाजपेई जी को विरोधी पार्टी के नेताओं भी सम्मान करते थे और वे उनके सभी बात से सहमत रहते थे। अटल बिहारी वाजपेई जी ने  एका अविवाहित जीवन जिया उन्होंने देश के लिए और देश की सेवा करने के लिए कभी भी शादी नहीं की।

अटल बिहारी वाजपेयी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ भारत  विकास में भी काफी बड़ा योगदान दिया। उन्होंने भारत के लिए और भारत के विकास बहुत कुछ किया था।  और अपने कार्यकाल में भारत को एक शक्तिशाली और  विकसित देश बनाने की कोशिश किया।

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अटल बिहारी वाजपेयी बचपन व आरंभिक जीवन (Atal Bihari Vajpayee Personal Life)

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अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को भारत के राज्य मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर ग्वालियर मे अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्म हुआ, अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

वाजपेयी जी के दादा, पंडित श्याम लाल वाजपेयी संयुक्त प्रांत उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में रहते थे, जो बाद में मुरैना, ग्वालियर चले गए। वाजपेयी जी के पिता मुरैना में एक स्कूल शिक्षक और कवि थे। अक्सर उनके पिता कविता लिखा करते थे इसी वजह से वाजपेई जी का भी कविता में काफी दिलचस्पी था और वह भी कभी-कभी कविता लिख लिया करते थे। अटल बिहारी वाजपेई जी के मां का नाम कृष्णा वाजपेई था।

अटल बिहारी वाजपेई जी राजनीति मैं पहले से ही बहुत ज्यादा दिलचस्पी रखते थे इसीलिए उन्होंने बहुत कम साल की उम्र में उन्होंने आरएसएस जॉइन कर लिया था। जब अटल बिहारी वाजपेई r.s.s. ज्वाइन किए थे तब वह मात्र 15 वर्ष के थे। 

और उसी वक्त राजनीति में उनका पहला परिचय 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में आया, जब उन्हें  अंग्रेज या ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार किया गया और उन्हें  23 दिनों के लिए जेल में  बंद कर दिया गया।

अटल बिहारी वाजपेई जी के असर राजनीतिक जीवन आगमन 1944 में हुआ जब उन्हें ग्वालियर की आर्य कुमार सभा (आर्य समाज की युवा शाखा) में स्वयंसेवक बने। वर्ष 1939 में, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बने। और बाबासाहेब आप्टे से प्रभावित हुए। और इस उम्र तक आते-आते वाजपेई जी ने यह निर्णय ले लिया कि  वह शादी नहीं करेंगे वह अपना पूरा जीवन देश के  सेवा और कल्याण करेंगे।

वर्ष 1940 के दशक की शुरुआत में, अटल बिहारी वाजपेई जी ने आरएसएस में अधिकारी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हो गए और 1947 में वे आरएसएस के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। जब वर्ष 1948 में महात्मा गांधी जी की हत्या के आरोप में आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तो उन्हें आरएसएस द्वारा नवगठित भारतीय जन संघ (बीजेएस) के लिए काम करने के लिए समर्थन दिया गया था।

अटल बिहारी वाजपेयी जल्द ही देश के उत्तरी क्षेत्र के लिए BJS के राष्ट्रीय सचिव बन गए। वह पार्टी नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीब आए और उनके सहयोगी और अनुयायी बन गए। वर्ष 1951 में, वाजपेयी ने गैर-कश्मीरी आगंतुकों के प्रति दिखाए गए हीन व्यवहार के खिलाफ कश्मीर में आमरण अनशन पर चले गए। हड़ताल के दौरान मुखर्जी की जेल में मौत हो गई।

वर्ष 1957 के आम चुनाव अभियान के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू अटल के वक्तृत्व कौशल से प्रभावित हुए और नेहरू ने भविष्यवाणी की कि वाजपेयी किसी दिन भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद 1968 में दीनदयाल उपाध्याय, जनसंघ का कर्तव्य उनके कंधों पर आ गया और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।

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अटल बिहारी वाजपेयी कि शिक्षा (Atal Bihari Vajpayee education)

दोस्तों अब चलिए जानते हैं अटल बिहारी वाजपेई जी के पढ़ाई के बारे में कि उन्होंने कितनी तक की पढ़ाई की थी और कहां से वह अपनी पढ़ाई पूरी किए थे

अटल बिहारी वाजपेयी अपने पढ़ाई में काफी मेधावी थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, गोरखी, बड़ा, मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर  ग्वालियर से प्राप्त की।

अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी आगे की शिक्षा के लिए ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (लक्ष्मी बाई कॉलेज) में  नाम लिखवाया गया और  उन्होंने उस कॉलेज में  हिंदी, अंग्रेजी, और संस्कृत में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने प्रथम श्रेणी के साथ DAV कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री प्राप्त किया।

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अटल बिहारी वाजपेयी राजनैतिक सफ़र (Atal Bihari Vajpayee Political Life)

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वाजपेयी का राजनीतिक जीवन वर्ष 1950 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ जब वे भारतीय जनसंघ में शामिल हुए। वर्ष 1957 में, उन्होंने बलरामपुर और मथुरा लोकसभा क्षेत्र से पहली बार भारतीय कोई आम चुनावों में भाग लिया।

हालांकि, अटल बिहारी वाजपेयी मथुरा से राजा महेंद्र प्रताप सिंह से चुनाव हार गए, और उस वक्त उन्हें निराशा हाथ लगी लेकिन उन्होंने बाद में फिर बलरामपुर से भारी मात्रा में जीत हासिल की।

और यहीं से अटल बिहारी वाजपेयी जी का एक सफल राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। कई अन्य विपक्षी नेता के द्वारा वर्ष 1977 के आम चुनावों में, भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ी जीत मिली, और अटल बिहारी वाजपेयी ने मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्रालय का  पद संभाला। वर्ष 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी बहुमत/अस्तित्व में आई तो अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष थे।

वर्ष 1995 में भारतीय जनता पार्टी BJP के एक सम्मेलन में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष एल.के. आडवाणी ने घोषणा की कि अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधान मंत्री बनेंगे। और वह प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे।

1996 के आम चुनावों में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए)  जीत हासिल की और देश में इंडिया की सरकार बनी और अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार भारत के प्रधानमंत्री  के पद पर विराजमान  हुए लेकिन उनकी एनडीए की सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई और सरकार केवल 13 दिन तक चली और उसके बाद अटल बिहारी बाजपेई ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और 13 दिन के बाद यह सरकार गिर गया।

और 1998 के आम चुनावों में वाजपेयी ने लखनऊ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और चुनाव जीता और फिर 1998 में बीजेपी और एनडीए मिलकर फिर देश में सरकार बनाई और 19 मार्च 1998 के फिर एक बार अटल बिहारी बाजपेई जी ने प्रधानमंत्री के पद संभाला लेकिन दुर्भाग्यवश ये सरकार भी सिर्फ 13 महीना चल सके और एक बार फिर और 13 महीने के बाद 12 अक्टूबर 1999 के यह सरकार भी गिर गई जब जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।

उसके बाद कारगिल युद्ध की जीत के बाद, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए  गठन को  देश भर से 303 सीटें मिलीं। उसके बाद फिर वर्ष 1999 के आम चुनावों में और एक बार फिर अटल बिहारी वाजपेयी बार प्रधानमंत्री बने। यह तीसरी बार था कि अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री के पद संभाले।

उसके बाद वर्ष 2004 के आम चुनावों में हार के बाद, अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा के लिए राजनीति से सन्यास ले लिया यानी कि वह  हमेशा के लिए सक्रिय राजनीति से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा किये।

अटल बिहारी वाजपेयी जी के परिवार (Atal Bihari Vajpayee family)

Family of former PM Atal Bihari Vajpayee decides to give up privileges

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म कृष्णा बिहारी वाजपेयी और उर्मिला मिश्रा के घर हुआ था। अटल बिहारी वाजपेई जी के पिता का नाम  कृष्णा बिहारी वाजपेई था और  माता का नाम कृष्णा देवी था अटल बिहारी वाजपेयी जी के छह भाई-बहन हैं; जिनमें से तीन भाई और तीन बहनें थे।

उनके भाई का नाम  प्रेम बिहारी वाजपेयी, अवध बिहारी वाजपेयी, सुदा बिहारी वाजपेयी और उनकी बहनें का  नाम  उर्मिला मिश्रा, कमला देवी और विमला मिश्रा हैं।

 अटल बिहारी वाजपेई जी ने कभी भी शादी नहीं की पर जीवन भर अविवाहित रहे  उन्होंने  कहा था कि वह शादी नहीं करेंगे और वह यह जिंदगी को देश की सेवा  करने में बिताएंगे  इसीलिए उन्होंने कभी शादी नहीं की हालांकि, मीडिया ने हमेशा राजकुमारी कौल (मई 2014 में निधन) के साथ उनके संबंधों को सवालों के घेरे में रखा है।

अटल बिहारी वाजपेई जी ने नमिता भट्टाचार्य को अपनी बेटी के रूप में गोद लिया था। वह अपनी बेटी, दामाद रंजन और एक पोती निहारिका के साथ रहता था। आम तौर पर, उनके परिवार के सदस्य उन्हें बाप जी कहकर बुलाते थे।

अटल बिहारी वाजपेयी के निजी जीवन और रुचियां

अटल बिहारी वाजपेयी जी के बारे में इतना सब जानने के बाद अब चलिए जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी जी के निजी जीवन और रुचियां के बारे में तो यह सब जानने के लिए इस टॉपिक को पूरा ध्यान से पढ़ें

अटल बिहारी वाजपेयी कुत्ते प्रेमी थे। और वह कुत्ते से बहुत अधिक जुड़े थे वह भारतीय लोक नृत्यों और संगीत के शौकीन थे। वह नृत्यों और संगीत के बारे में काफी ज्यादा उत्सुक रहते थे।  इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेई एक बहुत बड़े प्रकृति प्रेमी भी थे।

वह दुनिया के प्राकृतिक से काफी ज्यादा प्रेम करते थे और वह प्रकृति के प्रति काफी ज्यादा लगाव रखते थे उनका पसंदीदा गंतव्य मनाली (हिमाचल प्रदेश) था। उन्हें संगीत सुनना और फिल्में देखना काफी ज्यादा पसंद था। वह भारतीय अभिनेत्री हेमा मालिनी के प्रशंसक थे। और वह अक्सर हेमा मालिनी फिल्म और संगीत को देखा करते थे।

अटल बिहारी वाजपेयी जी के पुरस्कार/सम्मान (Atal Bihari Vajpayee awards)

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अटल बिहारी वाजपेयी जी के बारे में इतना सब जानने के बाद अब चलिए जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी जी के पुरस्कार/सम्मान के बारे में तो यह सब जानने के लिए इस टॉपिक को पूरा ध्यान से पढ़ें।

अगर हम अटल बिहारी वाजपेयी जी के पुरस्कार और अवॉर्ड्स की बात करें तो अटल बिहारी वाजपेई जी को वर्ष 1992 में,  भारत के सामान्य जनक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

1993 में, कानपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डी. लिट से सम्मानित किया। इसके बाद वर्ष  2015 में, अटल बिहारी वाजपेई जी को भारत सरकार द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उसी वर्ष, अटल बिहारी वाजपेई जी को बांग्लादेश सरकार द्वारा बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पुरस्कार दिया गया।

वाजपेयी सरकार के प्रमुख कार्य (Important work of Atal Bihari Vajpayee)

दोस्तों जैसा कि अब हम लोग जान गए हैं कि अटल बिहारी वाजपेई जी भारत के  पहले प्रधानमंत्री थे जो तीन बार प्रधानमंत्री के पद   संभाले थे तो चलिए अब जानते हैं कि इन  तीन बार के  प्रधानमंत्री कार्यकाल में अटल बिहारी वाजपेई जी ने क्या-क्या कार्य किया था। तो यह सब जानने के लिए आप इस टॉपिक को पूरा ध्यान से और अंत तक पढ़ें।

  • जब अटल बिहारी सरकार बने थे तब अटल बिहारी वाजपेई के सरकार बनने के कार्यकाल में 11 और 13 मई, 1998 को पोखरण में 5 भूमिगत परमाणु परीक्षण किया और भारत को एक परमाणु एक परमाणु शक्ति संपन्न देशों में से एक घोषित किया। यह भारत के लिए एक बड़ी सफलता थी।
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान से अच्छे सम्‍बंधों में सुधार की पहल करते हुए ‘सदा-ए-सरहद’ नाम से 9 फरवरी, 1999 को भारत के राजधानी दिल्ली से पाकिस्तान के शहर लाहौर तक बस सेवा शुरू की।
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए ‘स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना’ की शुरुआत की और दिल्ली, चेन्नई, कलकत्ता, मुम्बई को एक राजमार्गों से जोड़कर एक नया राजमार्ग की शुरुआत किया जो कि भारत के विकास में काफी ज्यादा तेजी लाई।  
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने कावेरी जल विवाद को सुलझाया, दोस्तों हम आपको बता दें कि यह कावेरी जल विवाद कोई आम विवाद नहीं था  क्योंकि यह विवाद 100 साल से भी ज्यादा पुराना विवाद था।
  • इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत के विकास में तेजी लाने के लिए उन्होंने बहुत सारे योजनाओं की शुरुआत की उनमें से कुछ है  सॉफ्टवेयर विकास के लिये सूचना एवं प्रोद्योगिकी कार्यदल, विद्युतीकरण में प्रगति लाने के लिये केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग, संरचनात्मक ढाँचे के लिये बड़ा कार्यदल, आदि का गठन किया।
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों एवं हवाई अड्डों का विकास किया। नई टेलीकॉम नीति  तथा कोंकण रेलवे की शुरुआत की। साथ ही बुनियादी संरचनात्मक ढांचे को मजबूत और बढ़िया करने के लिए भी उन्‍होंने बहुत सारे महत्‍वपूर्ण कदम उठाये।
  • इसके अतिरिक्‍त अटल बिहारी वाजपेयी ने आर्थिक सलाह समिति, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, उद्योग समिति एवं व्यापार समिति का गठन किया, जिससे भारत देश के विकास को काफी बल मिला। उन्‍होंने अर्बन सीलिंग एक्ट को हमेशा के लिए समाप्त करके आवास निर्माण को प्रोत्साहित किया।

अटल बिहारी वाजपेयी जि से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य (Interesting fact about Atal Bihari Vajpayee)

अटल बिहारी वाजपेई जी के बारे में इतना सब जानकारी प्राप्त कर  लेने के बाद अब चलिए जानते हैं अटल बिहारी वाजपेई जी से जुड़ी कुछ रोचक बातें जो बहुत कम ही लोगों को पता होगी  तो इन सब बातों को जानने के लिए आप इस टॉपिक को ध्यान से और पूरा अंत तक पढ़ें  तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को।

  • दोस्तों क्या आपको पता है कि वाजपेयी जी का जन्म क्रिसमस के दिन यानी कि 25 दिसंबर को हुआ था।
  • वाजपेयी एक विस्तारक (प्रोबेशनरी प्रचारक) भी थे और इन सभी के साथ साथ वाजपेयी जी दीनदयाल उपाध्याय के समाचार पत्रों में पांचजन्य जैसे एक हिंदी साप्ताहिक, राष्ट्रधर्म एक हिंदी मासिक, और इसके बाद उन्होंने दैनिक समाचार पत्रों वीर अर्जुन  स्वदेश के लिए भी काम करना शुरू किया।
  • वाजपेयी और उनके पिता ने काफी अच्छे ढंग से कानून की पढ़ाई के लिए एक ही law collage जो कि उस वक़्त कानपुर था और उसका DAV कॉलेज था वो उस वक़्त में एक साथ अध्ययन किया और उन्होंने छात्रा वास में एक ही कमरा को भी share किया।
  • वर्ष 1947 में विभाजन के कई तरह के दंगों के कारण उन्हें अपनी कानून की पढ़ाई को पूरे तरह से छोड़नी पड़ी। जब उन्होंने शाल 1977 में विदेश मंत्रालय के कार्यालय यानी के हेड आफिस में प्रवेश किया, तो उन्होंने वहाँ देखा कि जवाहरलाल नेहरू जी का चित्र वहाँ से गायब था मतलब की हटा दिया गया था और फिर उन्होंने वहाँ के कर्मचारियों से कहा- मुझे इसे वापस चाहिए फिर वहा जवाहरलाल नेहरू जी का चित्र वापस से लगया गया।
  • तारिक 19 महीना फरवरी शाल 1999 को, उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने देश भारत का मजबूत संबंध बनाने के लिए पाकिस्तान में जा कर के लाहौर की बस यात्रा भी की थी। और उस बस यात्रा को सदा-ए-सरहद भी कहा जाता था।
  • अटल बिहारी वाजपेयी इनकी सेवानिवृत्ति के बाद, भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, यानी कि मनमोहन सिंह जी ने उन्हें भारतीय राजनीति का भीष्म पितामह भी कहा था। अटल बिहारी वाजपेयी जी को नॉनवेज खाना बहूत पसंद था।
  • अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत में सबसे बड़े सम्मानित और लोक प्रिय राजनेता होने के अलावा, वह लगभग 4 विभिन्न विभिन्न भारतीय राज्यों जैसे कि – मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात से चुने जाने वाले एक मात्र सांसद यही हैं।
  • और क्या आपको मालूम है कि नॉनवेज में उनका पसंदीदा व्यंजन झींगा था। और वो अक्सर नॉनवेज खाने  के लिए अपने मन पसंदीदा रेस्टोरेंट जी की पुरानी दिल्ली में करीम था वे उसी में जाया करते थे। वे एक महान कवि और लेखक थे।
  • उन्होंने अपने हिसब से कई किताबें लिखीं और उनकी कुछ पुरानी और प्रसिद्ध रचनाएँ भी है जिनका नाम राष्ट्रीय एकता जोकि शाल 1961 में लिखा गया था, भारत की विदेश नीति: नए आयाम जोकि शाल 1977 में लिखा गया था, मेरी इक्यावन कविताम जोकि शाल 1995 में लिखा गया था, ट्वेंटी-वन पोएम्स जोकि शाल 1997 में लिखा गया था आदि और भी हैं।
  • उन्होंने तकरीबन 47 साल (लोकसभा के लिए तकरीबन 11 बार से अधिक और राज्य सभा के लिए तकरीबन 2 बार) MP यानी कि संसद सदस्य के रूप में भी काफी अच्छे ढंग से काम किया।
  • और दोस्तों क्या आपको पता है कि  तारिक 24 महीना दिसंबर शाल 2018 को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी याद में ₹100 का  सिक्के भी जारी किया।

(Conclusion,निष्कर्ष)

दोस्तों हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आप (Atal Bihari Vajpayee biography in Hindi) अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन कथा से  जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे दोस्तों तो हम लोग इस आर्टिकल में पूरा प्रयास किए हैं कि आपको अटल बिहारी बाजपेई जी के जीवन से जुड़ी हर एक बातों को बताया जाए ।

इसलिए हम लोग इस आर्टिकल में अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन से जुड़ी हर एक बातों के बताया है जैसे कि अटल बिहारी वाजपेयी बचपन व आरंभिक जीवन, अटल बिहारी वाजपेयी राजनैतिक सफ़र, और आर्टिकल के अंत में हम लोग बात किए हैं कि अटल बिहारी वाजपेई जी के प्रधानमंत्री बनने का सफर को और उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में क्या-क्या कार्य किया था। 

तो दोस्तों अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया है और आप इसलिए की मदद से सारी जानकारियों को प्राप्त कर चुके हैं तो अपने उन दोस्तों के पास हमारे इस आर्टिकल को शेयर जरूर करें जो लोग अटल बिहारी बाजपेई से जुड़ी जानकारी को नहीं जानते हैं।

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