नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारे इस लेख में आज के इस लेख के मदद से अपने अहिल्याबाई होल्कर (होलकर) कौन थी इतिहास, निबंध, कहानी, जीवनी (Ahilyabai Holkar) के बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से जानने वाले हैं।

दोस्तों अगर आप हमारे देश भारत का इतिहास अगर पढ़ा होगा तो आपको मालूम चल जाएगा कि हमारे देश भारत में कितने अच्छे-अच्छे और बहादुर नारियां थी और अच्छे-अच्छे शासक भी थे और उन सभी शासकों और महारानी ओं में से एक महारानी ऐसी भी थी जिनका लोग आज भी जिक्र माता के शब्द से करते हैं और उन्हें देवी की तरह पूजते हैं।

अब आप के मन में ख्याल आया होगा कि आखिर वह कौन सी ऐसी माता है जिनको लोग आज भी माता और देवी के रूप में मांगते हैं तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वह महरानी कोई और नहीं बल्कि अहिल्याबाई होल्कर हैं इनका तो आप नाम जरूर सुने होंगे मगर इनके बारे में अधिक जानकारी आपको नहीं होगा हम अगर इन के बारे में थोड़ा सा जिक्र करके आप को बताएं कि इन्होंने इतनी सारी परेशानियों की समस्या अपने जीवन में कि कि कोई व्यक्ति उतना कर नहीं पाएगा।

इनके कर्मों और कामों की वजह से यह आज भी लोगों के दिल में देवी बनकर रहती हैं हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे कई सारे लोग हैं जो इनके जीवन के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और इनके बारे में जानना चाहते हैं और उनका सवाल यह रहता है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर कौन थी और अहिल्याबाई होल्कर की प्रारंभिक जीवन कैसी बीती थी

 और अहिल्याबाई होलकर की शादी कब हुई थी और अहिल्याबाई होल्कर की पत्नी का नाम क्या था और वह क्या करते थे और अहिल्या बाई का हमारे देश भारत में क्या-क्या महत्वपूर्ण भूमिका है और अहिल्याबाई होलकर के पिता का नाम क्या था और अहिल्याबाई होल्कर ने हमारे देश के लिए क्या योगदान दिया था और अहिल्याबाई होलकर के सम्मान में हमारे देश के भारत सरकार ने क्या किया है।

 तो उन्हें सभी सवालों का जवाब देने के लिए हमने इस लेख को लिखा है और इस लेख में अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है। अगर आप सच में अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से मेरा यह अनुरोध है। कि आप मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़े तभी आप को मेरा यह लेख अच्छे से समझ में आएगा और आप अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे तो चलिए शुरू करते हैं इस और को बिना देरी किए हुए ।

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अहिल्याबाई होल्कर कौन थी ?

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दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर कौन थी, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की

अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी थी, 

और उनका इतिहास-प्रसिद्ध सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र  यानी कि खण्डेराव की धर्मपत्नी थीं। हमने हमने उन के बारे में आधी अधूरी जानकारी आपको बताई है तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी संपूर्ण जानकारी को स्टेप बाय स्टेप करके देखते हैं।

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अहिल्याबाई होल्कर के प्रारंभिक जानकारी।

Ahilyabai Holkar - myIndiamyGlory

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर के प्रारंभिक जानकारी क्या क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर जी का जन्म तकरीबन तारीख 31 महीना मई वर्ष 1725 को महाराष्ट्र राज्य के किसी चौंढी नामक गांव जो कि (जामखेड, अहमदन गर) है उसी में हुआ था। 

हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि वह एक सामान्य से किसान की पुत्री यानी कि बच्ची थी। उन के पिता मान्को जी शिन्दे के एक सामान्य किसान थे। घनिष्ठता  और सादगी के साथ जीवन व्यतीत करने वाले मनकोजी की अहिल्याबाई एक मात्र अर्थात उनकी इकलौती बेटीथी। अगर हम अहिल्याबाई की बचपन के बारे में बात करे तो वो उस समय में सीधी साधी और सरल गांव की कन्या थी। 

क्या आप को मालूम है कि अहिल्याबाई होल्कर भगवान में विश्वास रखने वाली संस्कारी औरत थी और वह प्रति दिन भगवान शिव जी के मंदिर पूजन अर्चना आदि करने जाती थी। दोस्तों जैसे कि हम ने आपको ऊपर में बताया कि (Ahilyabai Holkar) अहिल्याबाई होल्कर का जन्म महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के चौड़ी नामक गाँव में मनकोजी शिंदे के घर वर्ष 1725 ई में हुआ था।

क्या आपको मालूम है कि साधारण शिक्षित अहिल्याबाई होल्कर तकरीबन 10 वर्ष की अल्पायु उम्र में ही मालवा में इतिहासकार यानी कि मार्सडेन के अनुसार होल्कर वंशीय राज्य के संस्थापक यानी कि मल्हारराव होल्कर के पुत्र खण्डेराव के साथ परिणय सूत्र में बंध गई थीं यानी कि उनके साथ उसका विवाह हो गया।

फिर दोस्तों उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से अपने सास-ससुर, पति व लगभग सब्जी अन्य सम्बन्धियों के हृदयों को जीत लिया। समयो परांत यानी कि कुछ समय बाद वो एक पुत्र, एक पुत्री की माँ बनीं दोस्तों ध्यान रखिये गा यह बात हम आपको इंट्रोडक्शन के रूप मे बता रहे है और इसके पूरे ब्याख्या को हमने नीचे में लिखा है तो आप उसे जरूर पढ़ें।

फिर उस के बाद अभी यौवनावस्था की दह लीज पर ही थीं कि तकरीबन जवानी की उम्र में ही उनके पति का देहांत हो गया और वो इस दुनिया मे नही रहे। फिर उसके बाद तकरीबन वर्ष 1766 ई में वीरवर ससुर मल्हारराव भी इनको छोड़ कर के चल बसे । अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से एक महान साया उठ गया था। 

फिर दोस्तों शासन की बागडोर संभालनी पड़ी। कालांतर में देखते ही देखते पुत्र मालेराव, दोहित्र नत्थू, पुत्री मुक्ता, दामाद फणसे, भी माँ को अकेला ही छोड़ चल बसे।  यानी कि परिणामतः ‘माँ’ अपने जीवन से हताश हो गई, परन्तु  दोस्तों प्रजा के हित में उन्होंने स्वयं को सफल और संभाला दायित्वपूर्ण राज-संचालन करती हुई तकरीबन 13 अगस्त, 1795 को नर्मदा तट पर स्थित महेश्वर के किले में भारतीय इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा कर सदैव के लिए महा निदा में सो गईं।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से ही अहिल्याबाई होल्कर की प्रारंभिक और अंतिम जीवन बीती थी तो चलिए, अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी सभी जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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अहिल्याबाई का विवाह कब और किस से हुआ?

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दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई का विवाह कब और किस से हुआ, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की जब अहिल्याबाई होलकर जी सिर्फ 10 या 12 वर्ष की थीं, तब ही उन का विवाह हो गया था। 

और क्या आप को मालूम है कि महज 19 शाल की उम्र में ही वे विधवा भी हो गई थीं यानी कि उनके पति गुजर चुके थे। अहिल्याबाई होल कर का शादी इतिहास में नाम रोशन करने वाले सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र यानी कि खंडेराव से हुआ था।अहिल्याबाई ने एक बेटे को साल तकरीबन 1745 में जन्म दिया था, जिस के तीन वर्ष के उपरांत अहिल्याबाई के घर एक प्यारी बच्ची ने जन्म लिया था। 

रानी के बेटे का नाम (malerao) मालेराव और कन्या का नाम (Muktabai) मुक्ताबाई था। तो दोस्तों कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होल्कर की शादी हुई थी तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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अहिल्याबाई होलकर के पति का नाम और उनके बारे में ?

Khanderao Holkar - Wikipedia

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होलकर के पति का नाम क्या था और वो क्या करते थे, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई बचपन में बहुत समझदार और चंचल स्वभाव की थी, 

ऐसे में उन की शादी बहुत की छोटे समय यानी कि बचपन में ही खण्डेराव होलकर के साथ करवा दी गई। क्या आपको मालूम है कि उन का विवाह उनकी चंचलता और उन के दया भाव के वजह से ही खण्डेराव होलकर के साथ हुई थी। पहले के लोग कहते है की एक बार राजा मल्हार राव होल्कर किसी कारण से पुणे जा रहे थे और उन्होंने चौंढी गाँव में अच्छी तरह से विश्राम किया, 

और उस समय अहिल्याबाई अपने अगल बगल के गरीबों की मदद कर रही थी. उन का प्रेम और दया भाव देख कर के ही मल्हार राव होल्कर ने उन के पिता मान्कोजी से अपने बेटे खण्डेराव होल कर के लिए अहिल्याबाई जी की  हाथ मांग लिया था। और क्या आप को मालूम है कि उस समय अहिल्याबाई की आयु तकरीबन महज 8 वर्ष थी, वह तकरीबन 8 वर्ष की आयु में मराठा की रानी बन गई थी।

हम आपको एक बात और बता दे कि खण्डेराव होलकर उग्र स्वभाव के थे लेकिन, अहिल्याबाई ने उन्हें एक अच्छे योद्धा बनने के लिए बहुत प्रेरित किया।  क्योंकि खण्डेराव होलकर भी उस समय बहुत छोटे थे और उन्हें अपनी उम्र के अनु सार ज्ञान प्राप्त नहीं था तो उन के विकास में भी अहिल्याबाई का बहुत ही अहम योगदान रहा था।

अहिल्याबाई होलकर की विवाह के तकरीबन 10 साल बाद यानि वर्ष 1745 में उन्होंने मालेराव के रूप में एक प्यारा सा पुत्र को जन्म दिया। फिर दोस्तों पुत्र के जन्म के तीन साल बाद यानी की वर्ष 1748 में उन्होंने मुक्ताबाई नाम की प्यारी पुत्री को जन्म दिया। क्या आप को मालूम है कि अहिल्याबाई हमेशा अपने पति को राज काम में भी साथ दिया करती थी।

और उनके लगभग सभी कामों में हाथ बताया करती थी और उनके साथ कदम कदम पर चलती थी और उनके सभी काम निपटा दी थी तो कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होलकर के पति थे और चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर के जीवनी से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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अहिल्याबाई के जीवन में परेशानियां

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई के जीवन में परेशानियां क्या क्या थी, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर का जीवन काफी सुखमय व्यतीत हो रहा था।

लेकिन फिर तकरीबन वर्ष 1754 में उन के पति खण्डेराव होलकर का देहांत होने वजह वो टूट गई थी। उन के पति के गुजर जाने के बाद अहिल्या बाई होलकर ने संत बनने का विचार विमर्श किया, जैसे ही उन के इस फैंसले का पता मल्हार राव यानि उन के ससुर को चला तो उन्होंने अहिल्याबाई को अपना फैसला बदलने और अपने राज्य की दुहाई दे कर उन्हें संत बनने से रोकना चाहा और वो सफल भी रहे।

क्या आप को मालूम है कि अहिल्याबाई होलकर ने अपने ससुर की बात मान कर के उन्होंने फिर से अपने राज्य के प्रति सोचते हुए आगे बढ़ने की सोची, लेकिन उन की परेशानियां और उन के दुःख कम होने वाले नहीं थे। तकरीबन वर्ष 1766 में उन के ससुर और 1767 में उन के बेटे मालेराव की किसी कारण से मृत्यु हो गई। फिर दोस्तों अपने पति, अपने बेटे और अपने ससुर को खोने के बाद अब अहिल्याबाई पूरे तरह से टूट कर के अकेली रह गई थी।

और राज्य का कार्य भार अब उन के उपर था। इसी में उन्हें राज्य को एक विकसित राज्य बनाने के लिए उन्होंने अथक प्रयास किये और उन के जीवन में अनेक परेशानियाँ उस समय भी उन का इंतजार कर रही थी। तो दोस्तों कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होल्कर की जीवन में परेशानियां खत्म होने की नाम ही नहीं ले रही थी और अहिल्याबाई होलकर भी अब टूट चुकी थी। 

तो अब परेशानियों का सामना करने के अलावा उन के पास कुछ नहीं था तो कुछ इस तरह से उनकी जीवन में परेशानी आती थी, तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर जी के जीवनी से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

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अहिल्याबाई होलकर का सभी योगदान, भारत के लिए अहम भूमिका क्या क्या है ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होलकर का सभी योगदान, भारत के लिए भूमिका क्या क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर को आज देवी के रूप में पूजा जाता है और लोग उन्हें महारानी का दर्जा देते है, 

क्या आपको मालूम है कि कई कई लोग उन्हें देवी का अवतार मानते है। उन्होंने अपने कार्य काल में भारत के लिए अनेक ऐसे कार्य किये जिन के बारें में कोई नारी और राजा भी नहीं सोच सकता था कुछ इस तरह से थी अहिल्याबाई होलकर। उस समय उन्होंने भारत के अनेक यानी कि बहुत सारे तीर्थ स्थलों पर अलग अलग भगवान की मंदिर बनवाएं, वहां तक पहुँचने के लिए उन्होंने मार्ग यानी कि रास्ते का निर्माण करवाया, 

कुँए एंव बावड़ी जैसे चीज़ों का निर्माण करवाया था। तो दोस्तों इसी कारण से कुछ आलोचकों ने अहिल्याबाई होलकर को अन्धविश्वासी और देवी भी कहा है। अहिल्याबाई होलकर जब शासन में आई उस समय राजाओं द्वारा प्रजा पर कई तरह से अत्यचार हुआ करते थे, गरीब से गरीब ब्यक्ति को अन्न के लिए तरसाया जाता था और भूखे प्यासे रख कर उन से बहुत ही काम करवाया जाता था। 

और उनका मेहनताना भी नही दिया जाता था उस समय अहिल्याबाई होलकर ने लगभग सभी गरीबों को अन्न देने की योजना बनाई और वो अपने द्वारा बनाया हुआ योजना में वह सफल भी हुई, लेकिन कुछ क्रूर और अत्यचारी राजाओं ने इस का विरोध भी किया

 मगर अहिल्याबाई होलकर को लोग माता और देवी की छवि मानते थे और उन के जीवन काल में ही उन्हें महारानी के रूप में पूजने लगे थे। क्या आप को मालूम है कि हमारे देश भारत के इंदौर शहर के लिए अहिल्याबाई होलकर का एक अलग ही लगाव और प्रेम था, 

उन्होंने इस इंदौर शहर के विकास के लिए अपनी बहुत सारी पूंजी खर्च करी थी। वो अपने जीवन काल में ही अहिल्याबाई होलकर ने इंदौर शहर को एक बहुत ही सुगम और बेहतरीन शहर के या क्षेत्र बना दिया था। यही कारण है की भाद्र पद कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को यहाँ पर अहिल्योउत्सव मनाया जाता है और अहिल्याबाई होलकर जी की याद की जाती है।

तो दोस्तो कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होल्कर की योगदान हैं और इन्होंने अपने प्रजा के लिए बहुत से काम किए थे और कई कई बार तो इन्होंने राजाओ का भी विरोध किया था और लोगों को आत्मरक्षा और गरीबों की भलाई भी की थी और लोगों को क्रूर राजाओं के शासन से बचाया था तू चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्यबाई होलकर की जीवनी से जुड़ी कुछ नए जानकारी को प्राप्त करते है।

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अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े मतभेद क्या क्या है ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े मत भेद क्या क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर ने अपने जीवन में हिन्दू धर्म उस समय सनातन धर्म के लिए अनेक यानी कि बहुत ही बड़े बड़े और सांस्कृतिक काम के साथ ही साथ लोगो के भलाई के लिए किया था।

दोस्तों आमतौर पर यही कारण है की कुछ आलोचकों ने उन के लिए लिखा है की वह मंदिरों और गरीबो के लिए अंधाधुंध पैसा दान यानि खर्च किया करती रही, और इसी तरह से उन्होंने अपनी सेना को ज्यदा मजबूत नहीं किया था और कुछ लोग उन्हें अंधविश्वास और इससे  जुड़ी चीज़ों का बढ़ावा देने वाली भी कहते है। लेकिन दोस्तों आमतौर पर सत्य यही है की उन्होंने अपने धर्म को अपने मान-सम्मान और,

 राज्य से बड़ा ही बेहतरीन तरीका से समझा और अपने धर्म के विकास के लिए उन्होंने अपना अहम योगदान भी दिया था। तो दोस्तों कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होलकर द्वारा किया हुआ मतभेद था और लोगों को पसंद के साथ-साथ लुभावना भी लगा तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

अहिल्याबाई होल्कर की विचारधारा क्या थी ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर की विचारधारा क्या थी, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर ने हमेशा अत्यचारी और क्रूर लोगो को खत्म करने का प्रयास किया, 

उन्होंने अपने जीवन को गरीब और असहाए लोगो की भलाई के लिए पूरे तरह से समर्पित कर दिया था। और फिर एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद अपने जीवन से जुड़ी सब कुछ त्यागने का मन बना लिया था। लेकिन उस के बाद उन्होंने अपने राज्य एंव अपने धर्म के लिए सब कुछ करने का मन बदल दिया।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से ही अहिल्याबाई होल्कर की विचारधारा थी अपने प्रजा के लिए और वो एक दम साफ विचार धारा की औरत थी तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते है और अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से जुड़ी कुछ नए जानकारी को प्राप्त करते है।

अहिल्याबाई होल्कर की मृत्यु कब और कैसे हुई ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर की मृत्यु कब और कैसे हुई, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की अहिल्याबाई होल्कर जी जब तकरीबन 70 वर्ष की हुई थी।

तब उन की एक दिन अचानक तबियत बिगड़ गई और इंदौर में तकरीबन तारीख 13 महीना अगस्त वर्ष 1795 को उन की मृत्यु हो गई थी। फिर उन की मृत्यु के बाद आज भी उन्हें अपने अच्छे कर्मो के वजह से माता और महरानी के रूप में पूजा जाता है। हमने आप को ऊपर मे भी बताया था कि उन्हें देवी का अवतार कहा जाता है। अहिल्याबाई होल्कर जी के मृत्यु के बाद उन के विश्वसनीय तुकोजीराव होल्कर ने शासन संभाला था।

तो दोस्तों इन्ही सभी कारणों की वजह से अहिल्याबाई होलकर की मृत्यु हुई थी और उनकी मृत्यु के बाद आज भी वह लोगों के दिलों में माता बनके जीवित हैं तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और अहिल्याबाई होलकर के जीवन से जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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अहिल्याबाई होल्कर भारत सरकार द्वारा सम्मान क्या क्या है।

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर भारत सरकार द्वारा सम्मान क्या क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की माता अहिल्याबाई होल्कर को आज भी उन के अच्छे कर्मो की कारण से याद किया जाता है, 

आजादी के बाद तकरीबन 25 अगस्त वराह 1996 को हमारे देश कब भारत सरकार ने अहिल्याबाई होल्कर को सम्मानित किया। उन के नाम पर डाक Ticket भी जारी किये और उनके नाम पर Award भी जारी किया गया है। भारत के अनेक राज्यों में अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा आज भी मौजूद है, और आज भी पाठ्यक्रम में उन के बारें में बताया जाता है। दोस्तों उस के बाद उत्तराखंड सरकार ने उन के नाम पर एक योजना भी शुरू की है इस योजना का नाम ‘अहिल्याबाई होल्कर भेड़-बकरी विकास योजना’ के तहत लाया गया है।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से अहिल्याबाई होल कर को हमारे देश के भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है और उनकी याद में कुछ योजना और अवार्ड भी जारी किया गया है तो कुछ इस तरह से इन को सम्मानित किया गया है तो चलिए अब हम हमने टॉपिक की ओर बढ़ है और इनसे जुड़ी कुछ नई जानकारी को प्राप्त करते हैं।

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अहिल्याबाई होल्कर जीवन आधारित सीरियल, फ़िल्में (Serials and Films)  

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दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर जीवन आधारित सीरियल, फ़िल्में कौन कौम सी है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की हमारे देश भारत के इतिहास में पहली बार अहिल्याबाई होल्कर पर एक TV serial बना है, 

इस सीरियल का नाम खास तौर पर ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर’ है। आप को पता होगा की अहिल्याबाई होल्कर को पुण्यश्लोक नाम से भी संबोधित किया जाता है। इस TV serial में अहिल्याबाई के जीवन से जुड़ी लगभग की सभी बातों को लोगो के बीच दर्शाया गया है। क्या आपको मालूम है कि यह TV serial, Sony TV पर हर रोज दिखाया जाता है। हम आप के जानकारी के लिए बता दे कि बहुत ही कम केस में किसी महान ऐतिहास कर पर फ़िल्म बना है।

 इस TV serial को तकरीबन 2021 मे लंच किया गया था। अहिल्याबाई होल्कर के जीवन की अनेक बातें हमने इस जीवनी में बताई है, उन के जीवन से हमें अनेक बातें सीखने को मिलती है। अगर आप इतिहास को जानना पसंद करते है तो मैं आप को अहिल्याबाई होल्कर के बारें में पढने को कहूँगा। तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से हम अहिल्याबाई होल्कर पर बने TV serial को देख सकते है।

हेलो दोस्तों स्वागत है पका हमारे इस नए पोस्ट में। हम आज देखने वाले हैं एक राजनितिक चरित्र की जीवन परिचय, जिनका नाम Dinesh…

[ Conclusion , निष्कर्ष ]

दोस्तो आशा करता हूं कि आप को मेरा यह अहिल्याबाई होल्कर (होलकर) कौन थी इतिहास, निबंध, कहानी, जीवनी (Ahilyabai Holkar) पर लेख आप को बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख की मदद से वह सभी जानकारी को पूरे विस्तार से जान चुके होंगे जिस के लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे। हम ने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग कर के आप को अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी सभी जानकारी को देने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम है कि कई सारे लोग ऐसे भी हैं।  

जो जानना चाहते हैं और अहिल्याबाई होल्कर के बारे में समझना चाहते है। कि आखिर अहिल्याबाई होल्कर कौन थी और अहिल्याबाई होल्कर की प्रारंभिक जीवन कैसी बीती थी और अहिल्याबाई होलकर की शादी कब हुई थी और अहिल्याबाई होल्कर की पत्नी का नाम क्या था और वह क्या करते थे,

 और अहिल्या बाई का हमारे देश भारत में क्या-क्या महत्वपूर्ण भूमिका है और अहिल्याबाई होलकर के पिता का नाम क्या था और अहिल्याबाई होल्कर ने हमारे देश के लिए क्या योगदान दिया था और अहिल्याबाई होलकर के सम्मान में हमारे देश के भारत सरकार ने क्या किया है। तो दोस्तों हम सभी ने मिल कर के आप की यही सवाल का जवाब देने के लिए इस लेख को लिखा है ।

और इस लेख में अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी सभी जानकारी को स्टेप बाई स्टेप लिख कर के आप को बताने की कोसिस की है। आप सभी दोस्तों पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी सभी जान कारी को प्राप्त कर चुके होंगे। अगर दोस्तों आप को इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी।

तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं। हमारी समूह आप की मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि अहिल्याबाई होल्कर (होलकर) कौन थी इतिहास, निबंध, कहानी, जीवनी (Ahilyabai Holkar) पर यह पोस्ट कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे। तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमारा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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