नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारे इस लेख में आज के इस लेख की मदद से हम राकेश टिकैत जीवन परिचय (संपत्ति) Rakesh Tikait Biography In Hindi [Father, Caste, Family] के बारे संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त करने वाले हैं और इसके बारे में जानने भी वाले हैं। दोस्तों अगर आप न्यूज़ या अखबार पढ़ते होंगे तो आपको मालूम ही होगा कि राकेश टिकैत जी कितने चर्चित आदमी है ।

दोस्तों यह तकरीबन 40 बार जेल जा चुके हैं और इन पर लगभग 3 से अधिक मामले भी दर्ज हैं और यह सब किसान के लिए कर रहे हैं इन्होंने कई तरह के किसान आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है मगर कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो इनके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ।

और वह जानना चाहते हैं कि राकेश टिकैत जी कौन है राकेश टिकैत जी के राजनीतिक कैरियर क्या रहा है और राकेश टिकैत जी के निजी जीवन के बारे में जानना चाहते हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि राकेश टिकैत जी किसान आंदोलन में किस तरह से अहम भूमिका निभाई है।

तो हम लोगों ने इन सभी लोगों का इस सवाल के जवाब देने के लिए इस लेख को लिखा है और इस लेख में राकेश टिकैत जी से जुड़ी सभी जानकारी को स्टेप बाय स्टेप लिख करके आपको बताया है अगर आप राकेश टिकैत जी से जुड़ी सभी जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से मेरा यह अनुरोध है कि मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पड़े तभी आप को मेरा यह लेख अच्छे से समझ में आएगा तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए

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राकेश टिकैट कौन है (Who is Rakesh Tikait in hindi)

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दोस्तों अगर आपके मन में यह ख्याल है कि आखिर राकेश टिकैट कौन है तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि हम इस टॉपिक में बात करेंगे की राकेश टिकैट कौन है के बारे तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,

राकेश टिकैट एक भारतीय नागरिक है और यह भारतीय नागरिक होने के साथ साथ भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख नेता एवं राष्ट्रीय वे उनके प्रवक्ता भी हैं। जिन्होंने किसानों के हित यानी के उनके अच्छे  के लिए दिल्ली में घेरा बंदी भी की थी। यह राकेश टिकैत पूर्व किसान नेता यानी कि महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र  है।

भारतीय किसान यूनियन यानी कि (BKU) भारतीय किसानो की प्रति निधि एक बेहतर तरह का संगठन है। वर्तमान में किसान यूनियन उत्तर प्रदेश में सक्रीय है।

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि राकेश ने वर्ष 2020 के अंत में केंद्र सरकार के खिलाफ कृषि कानून के विपक्ष में जा कर के विरोध में अन्य अलग अलग भारतीय किसानो के साथ मिल झूल कर के गाजीपुर बार्डर पर पूर्ण रूप से धरना को प्रदर्शन किया था जिसके कारण वो media, news, अखबार में  चर्चा का विषय भी हुवा । राकेश टिकैत द्वारा चलाये गए इस तरह के सभी आंदोलन को डंकल प्रस्ताव के जरिये वआंदोलन के नाम से भी जाना जाता है।

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राकेश टिकैत का जन्म एवं  प्रारंभिक जीवन (Rakesh Tikait Birth & Early life in hindi)

Rakesh Tikait - Wikipedia

दोस्तों अगर आप राकेश टिकैत के प्रारंभिक जीवन और उनके शुरुआती जीवन के बारे में जानना चाहते हैं तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहे क्योंकि हम इस टॉपिक में आपको बताएंगे कि राकेश टिकैत के प्रारंभिक जीवन क्या रहे हैं तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए ।

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राकेश टिकैत का जन्म तारिक 4 महीना जून शाल 1969 को उत्तरप्रदेश में स्थित छोटे से शहर मुजफ्फरनगर  एक छोटे से गांव सिसौली में हुवा था। अगर हम उनके परिवार के बारे में बात करे तो राकेश टिकैत जी के पिता का नाम महेंद्र सिंह टिकैत है और राकेश टिकैत जी का माँ के नाम बलजोरी देवी है।

अगर हम राकेश टिकैत जी के पिता के बारे में बात करे तो राकेश टिकैत जी के पिता महेंद्र सिंह टिकैत खुद ही बीकेयू के सह-संस्थापक भी है। जिन्होंने बतौर किसान नेता राजीव गांधी राज में उन के  खिलाफ लाखों किसानों को एक साथ मिला कर के दिल्ली में बे जोर विरोध प्रदर्शन के लिए पूर्ण रूप से प्रेरित किया। राकेश टिकैत जी की माँ बलजोरी देवी एक ग्रहणी यानी कि (housewife) थी।

राकेश टिकैत के माता पिता के अलावा उन के परिवार में तीन भाई है जिनमे से सबसे बड़े भाई का नाम नरेश टिकैत है। अगर हम राकेश टिकैत जी के पिता के बारे में बात करे तो राकेश के पिता की तारिक 15 महीना मई शाल  2011 को किसी लंबी बीमारी के वजह से उनके मौत हो गई।

राकेश टिकैत जी के पिता के मौत के बाद घर का बड़ा मुखिया राकेश टिकैत ही बन गए और घर का बड़ा मुखिया होने के कारण और उनको ढेर सारे लोगो ने सपोर्ट भी किया तो उन्हें किसान यूनियन का अध्यक्ष बनाया गया है।

गाइस अगर राकेश के दूसरे छोटे भाई के बारे में बात करे तो उन का नाम सुरेंद्र टिकैत है जो की एक चीनी मिल में प्रबंधक के रूप में काम करते है एवं और उनके तीसरे भाई का  नाम है नरेंद्र टिकैत है जो कि पेसे से एक किसान है। राकेश टिकैत के परिवार में उनके तीन भाइयो के अलावा उन की दो बहने भी है।

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि राकेश और उनके परिवार के लगभग सभी सदस्यों द्वारा दी गई वंशानुगत उपाधि यानी कि hereditary title “टिकैत”, तकरीबन 7 वीं शताब्दी में थानेसर के जाट ( जो कि एक धर्म होता है ) उसी के शासक राजा हर्षवर्धन द्वारा बलियान खाप के प्रमुख को दी गई यह उपाधि थी।

तब से, यह बलिया खाप के लगभग प्रत्येक मुखिया और उन के परिवार के सभी पुरुष सदस्यों को पूर्ण रूप से यह प्रदान किया जा रहा है। हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि राकेश टिकैत के भाई, नरेश टिकैत, बलियान खाप के फिलहाल अभी के प्रमुख हैं, जिन्होंने शाल 2011 में अपने पिता जी महेंद्र सिंह टिकैत जी के देहांत के बाद कमान उनके पदों को संभाली थी।

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राकेश टिकैत की शादी ,पत्नी एवं बच्चे (Rakesh Tikait Marriage , Wife & Children in hindi )

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दोस्तों अगर हम राकेश टिकट के निजी जीवन के बारे में बात करें तो भरतीय किसान के प्रमुख नेता राकेश टिकैत जी की शादी उनके पास के बागपत जनपद के एक छोटे से दादरी गांव की सुनीता देवी से तकरीबन वर्ष 1985 में ही हुई थी।

राकेश टिकैत वर्तमान में एक पुत्र भी है जिनका नाम चौधरी चरण सिंह टिकैत है एक पुत्र के अलावा उनके परिवार दो बेटियां है जिन में से एक का नाम सीमा और दूसरी बेटी की नाम ज्योति है। राकेश टिकैत जी के कुल तीन बच्चे है और तीनों बच्चो शादी शुदा है। तो दोस्तों कुछ इस तरह के इनका परिवार है।

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राकेश टिकैत का जॉब का छोड़ना एवं भारतीय किसान यूनियन में शामिल होने के बारे में

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि जब राकेश टिकैत वर्ष 1992 के समय दिल्ली के पुलिस में कांस्टेबल के रूप में काम किया करते थे। तब उनके पिता महेंद्र सिंह टिकैत किसी कारण से सरकार के विरोध किसान आंदोलन करना छेड दिया था उन्होंने अपना मोर्चा वापस ले लिया था । तब भारत सरकार राकेश टिकैत जी के ऊपर अपने पिता को आंदोलन ( मोर्चे ) के वापस लेने के लिए पूर्ण रूप से दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी उनको कह रही थी।

( सरकार चाहती थी कि इनके जरिए उस आंदोलन को समाप्त कर दिया जाए) हालांकि उनके पिता जी ने विरोध करना बंद कर दिया था। लेकिन राकेश टिकैत ने भारतीये सरकार की यह बात मानने से पूर्ण रूप से इनकार कर दिया मना कर दिया था और अपने पुलिस कांस्टेबल के पद से इस्तीफा यानी कि दे दिया मतलब की वहा पर काम करना छोड़ दिया था।

पुलिस कांस्टेबल के पद से इस्तीफा देने के बाद वह में विरोध के आंदोलन में कूद गए, और उसके बाद खुद उसके काबिल बना कर के पूरी तरह से भारतीय किसान संघ  यानी कि (BKU) से जोड़ लिया ।

 उस मे शामिल हो गए और किसानों के कई तरह के अधिकारों के लिए लड़ना शुरू कर दिया मोर्चा खड़ा शुरू कर दिया । उसी आंदोलन  उसी मोर्चा को डंकल प्रस्ताव हेतु आंदोलन के नाम से भी जाना गया था। तो दोस्तों कुछ इस तरह से राकेश टिकैत जी ने अपने पुलिस के जॉब को छोड़ कर के इस किसान आंदोलन में आ गए।

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राकेश टिकैत का राजनितिक करियर के बारे में

दोस्तों अब हम इस टॉपिक में राकेश टिकैत जी के राजनीतिक कैरियर के बारे में संपूर्ण बातें जानने वाले हैं क्योंकि यह किसान के लिए बड़े ही बेहतरीन नेता के रूप में सामने आए हैं और उनके चर्चा और टीवी अखबारों और न्यूज़ में काफी जोरों शोरों से चल रहे हैं तो चलिए इस टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके राजनीतिक कैरियर के बारे में जानते हैं

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर के खतौली से एक स्वतंत्र उम्मीदवार यानी कि प्रत्याशी के रूप में शाल 2007 उत्तर प्रदेश विधान सभा यानी कि चुनाव में भाग लिया मगर यह उनका असफल चुनाव रहा इस चुनाव में उन्हें सफलता नही मिली यही से इनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई।

राकेश टिकैत अपने पहले चुनाव में पूर्ण रूप से हारने के बाद फिर से राकेश टिकैत जी ने रालोद के टिकट पर अमरोहा निर्वाचन क्षेत्र से तकरीबन वर्ष 2014 का लोकसभा का टिकट ले कर के दुबारा चुनाव लड़ा। वह चुनाव में राकेश टिकैत जी को केवल 9,539 वोट ही हासिल कर सके जो कि (सारे वोटों का लगभग 0.62% प्रतिशत ही था), और इसलिए, उन्हें हार का दुबारा सामना करना पड़ा मगर उन्हें पहले चुनाव से अद्धिक इस बार वोट मिले थे ।

गाइस राकेश टिकैत जी को लगातार लगभग दो चुनावो में मिली हार के बाद एक बार फिर उन्होंने अपने ऊपर विश्वास कर के  वर्ष 2014 में राष्ट्रीय लोक दल सेअमरोहा लोकसभा कर क्षेत्र के लिए तारिक 14 महीना मार्च के शाल 2014 को फिर से एक बार चुनाव लडा और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) जो कि एक चुनाव पार्टी है ।

उसी में शामिल हो गए, और क्या आपको मालूम है कि यह पार्टी भारत के 5 वें प्रधान मंत्री  यानी कि चौधरी चरण सिंह के बेटे जिनका नाम अजीत सिंह है उनके द्वारा स्थापित एक राजनीतिक दल एक पार्टी है।

और क्या आपको मालूम है कि वर्ष 2018 में राकेश टिकैत जी उत्तराखंड के शहर हरिद्वार से दिल्ली तक के किसान क्रांति यात्रा यानी कि आंदोलन में एक नेता भी थे । हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि वर्ष 2019 में राकेश टिकैत जी ने लोकसभा के चुनाव में भाजपा का पूर्ण रूप से समर्थन किया था।

इसी के साथ वर्ष 2020 के अंत में वह भारत के केंद्र सरकार के खिलाफ अपने किसान संगठन को पूर्ण रूप से ”भारतीय किसान यूनियन संघ यानी कि BKU ” में भी शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ  (m.m.c) यानी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के काले कानून का विरोध  काफी जोरो शोरो से करना शुरू कर दिया जो अभी तक चल रहा है। राकेश टिकैत जी केंद्र सरकार के ऊपर अपनी सभी मांगे को पूरी करने लगातार दबाब बना रहे है।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से राकेश टिकैत जी ने राजनैतिक के क्षेत्र में अपने कैरियर की शुरुआत की और अब तो वह राजनीतिक क्षेत्र में काफी आगे तक जा चुके हैं और अपने नाम भी बना चुके हैं।

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राकेश टिकैत की किसान आन्दोलन में भूमिका (Rakesh Tikait Kisan Andolan, Neta, Union in hindi)

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दोस्तों अब हम इस टॉपिक में जानने वाले हैं कि राकेश टिकैत जी ने किस तरह से किसान आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाई तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय किसान यूनियन यानी कि BKU के नेता राकेश टिकैत जी ने भारतीए केंद्र सरकार के खिलाफ किसानो के साथ बढ़ चढ़ एक साथ हो कर हिस्सा ले रहे है।

 वर्ष 2020 के अंत में किसान नेता यानी कि राकेश टिकैत जी ने दिल्ली के लाल किले के सामने अपनी मांग को पूरी करने के लिए धरना आंदोलन को शुरू किया और इस आंदोलन में कई सारे किसानो ने एक जुट हो कर के इनका साथ दिया था और केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने एवं अपनी अलग अलग तरह के मांगे पूरी करने का दब दबा बनाया था।

यह आंदोलन पूर्ण रूप से अभी तक जारी है और राकेश टिकैत जी सरकार की और से अपनी मांगे को ले कर के बात चीत करने के लिए आने वाले सभी तरह के प्रस्ताव की राह देख रहे है।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से किसान आंदोलन में राकेश टिकैत ने अपनी अहम भूमिका को निभाया था और किसान के लिए इस आंदोलन को शुरू किया था और अभी तक इस आंदोलन में अपना पूरा समय देकर इस आंदोलन को सफल होने का इंतजार कर रहे है।

साल 2021 में राकेश टिकैत की सम्पति ( Rakesh Tikait Net Worth in 2021 in hindi )

दोस्तों इस टॉपिक में हम राकेश टिकैत जी के संपूर्ण संपत्ति के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि आखिर राकेश टिकैत जी के पूरे संपत्ति कितने हैं और कहां-कहां से उनकी कमाई होती है तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए।

हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि Zee News की रिपोर्ट के मुताबिक और कुछ जानकारी के हिसब से , राकेश टिकैत जी के पास लगभग 4 राज्यों के तकरीबन 13 से अधिक शहरों में संपत्ति के साथ लगभग 80 करोड़ रुपये की वित्तीय संपत्ति है इनके पास है। आपको पता ही होगा कि BKU के नेता राष्ट्रीय राजधानी की सम्पूर्ण सीमाओं में चल रहे इस किसान आंदोलन, मोर्चे के चेहरे के रूप में राकेश टिकैत जी उभरे है।

दोस्तों आपको शायद ही मालूम होगा कि राकेश टिकैत जी के भूमि, शोरूम,पेट्रोल पंप, ईंट भट्टों और थोड़ी बहुत अन्य क्षेत्रों में अलग अलग व्यावसायिक जरिया है कमाने का और यह इन्ही सभी चीज़ों से अपनी कमाई भी करते है। हालांकि वो अपना ज्यादा समय इन सभी किसान के आंदोलन के लिए लगाते हैं मगर उनके दोनों पुत्र इन सभी कामों में इनका हाथ बढ़ाते हैं और इस तरह के सभी बिजनेस को संभालते हैं और इनमें काम भी करते हैं।

राकेश टिकैत की चार राज्यों में संपत्ति है: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली और इन चारों राज्यो के जिले में जैसे कि मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी, बिजनौर,ललितपुर, झांसी, बदायूं, देहरादून, रुड़की, दिल्ली की नोएडा, गाजियाबाद,  हरिद्वार और मुंबई सहित ये लगभ 13 शहरों में है। तो चलिए दोस्तों अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और राकेश टिकैत से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं।

राकेश टिकैत के संगठन भारतीय किसान यूनियन की मुख्य मांगें

दोस्तों इस टॉपिक में हम जानने वाले हैं कि राकेश टिकैत जी ने किन किन मांगों को सरकार से मांगा है और इसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किया है तो चलिए हम इस टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके प्रमुख पांच मांगों को जानते हैं।

1. कृषि कानूनों को निरस्त करें

दोस्तों राकेश टिकैत जी ने अपने पहले मांग में कहा कि जो भी किसान के लिए कानून बनाए गए हैं उन्हें निरस्त किया जाए मतलब उन्हें समाप्त कर दिया जाए और किसान को अपने मन मुताबिक सभी कामों को करने की अनुमति दे दी जाए यही उनका पहला मांग था

2. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर लिखित आश्वासन

जब से भारतीये सरकार ने कृषि बिल को पेश किए हैं, किसानों ने उन्हें मौजूदा न्यूनतम तरह के अलग अलग समर्थन मूल्य प्रणाली (MSP) के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देखा है। गाँव connection  द्वारा हाल ही में लगभग 16 राज्यों में सर्वेक्षण किए गए उनतीस प्रतिशत किसानों ने इस डर को साझा किया। सर्वेक्षण में शामिल 59 प्रतिशत किसानों ने MSP को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाने की मांग की।

उनकी सबसे बड़ी मांगों में से एक सरकार द्वारा भविष्य में केंद्रीय पूल के लिए एमएसपी और पारंपरिक खाद्यान्न खरीद प्रणाली को जारी रखने की गारंटी देने का लिखित आश्वासन था।

3. बिजली बिल संशोधन निरस्त किया जाएगा

दोस्तों राकेश टिकैत जी की एक मांगी यह भी थी कि किसानों के लिए बिजली बिल की संशोधन को निरस्त किया जाए यानी कि किसान से बिजली बिल की वसूली को माफ कर दिया जाए क्योंकि कई किसान ऐसे हैं जिनके पास उनके घर चलाने के लिए पैसे नहीं है तो वह बिजली बिल की भुगतान कहां से करेंगे तो इसलिए राकेश टिकैत जी ने इस मांग को सरकार के आगे रखा।

4. पराली जलाने पर होने वाली सजा व जुर्माने को रद्द करना

दोस्तों राकेश टिकैत जी ने अपने एक मांग में कहा कि पराली जलाने पर जितने भी सजा और जुर्माने हैं उन्हें रद्द कर दिया जाए यानी कि उन्हें समाप्त कर दिया जाए और प्रणाली जलाने  की आदेश दिया जाए या उसके लिए किसी भी नए चीज का बेवस्था किया जाए।

5. गन्ने का भुगतान बढ़ाया जाये

दोस्तों उन्होंने अपने एक मांग में कहा था कि गन्ने की भुगतान को भी बढ़ाया जाए क्योंकि इस महंगाई के समय सभी चीज का मूल्य बढ़ चुका है मगर गन्ना का मूल्य भी नहीं बढ़ा है और इससे किसानों को काफी घाटा लग रहा है क्योंकि उनका पूर्ण रूप से मेहनताना भी नहीं निकल पा रहा है इसलिए उन्होंने सरकार से इसकी मांग की और इसकी आंदोलन भी किया

दोस्तों राकेश टिकैत जी की सरकार से यही कुछ प्रमुख मांगे हैं जिनके लिए राकेश टिकैत जी आंदोलन कर रहे हैं और वह इस आंदोलन को अभी तक जारी किए हुए हैं अगर सरकार इनके सभी आंदोलन पर विचार विमर्श करके कोई निष्कर्ष निकालती है तो अब आंदोलन बंद हो सकता है।

[ Conclusion, निष्कर्ष ]

दोस्तो आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख राकेश टिकैत जीवन परिचय (संपत्ति) Rakesh Tikait Biography In Hindi [Father, Caste, Family] आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से वह सभी जानकारी को पूरे विस्तार से प्राप्त कर चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको राकेश टिकैत जी से जुड़ी सभी जानकारी बताने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम है कि कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो जानना चाहते हैं कि आखिर राकेश टिकैत जी कौन है राकेश टिकैत जी के राजनीतिक कैरियर क्या रहा है ।

और राकेश टिकैत जी के निजी जीवन के बारे में जानना चाहते हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि राकेश टिकैत जी किसान आंदोलन में किस तरह से अहम भूमिका निभाई है। इन सभी सवालों का जवाब हमने इस लेख में अच्छे तरह से दिया है। और आप सभी पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी ने मेरे इस लेख को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और राकेश टिकैत से जुड़ी सभी जानकारी को प्राप्त कर चुके होंगे।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं।

हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट Rakesh Tikait Biography In Hindi  के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा  ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे। तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमरा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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