नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारा इस लेख में आज के इस लेख के मदद से हम Nathuram Godse biography in Hindi बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त करने वाले हैं और इसके बारे में आप जानने भी वाले हैं।

अगर आपने हमारे आजादी के इतिहास को थोड़ा भी पढ़ा होगा तो आपको मालूम होगा कि आखिर Nathuram Godse कौन थे और उन्होंने हमारे इतिहास में क्या-क्या योगदान दिया था हमारे आजादी के लिए। लेकिन कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो इनको महात्मा गांधीजी के हत्यारे के नाम से भी जानते हैं कि इन्हों ने ही महात्मा गांधी का हत्या गोली मारकर कर दिया था।

लेकिन हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो जानना चाहते हैं कि आखिर Nathuram Godse कौन थे और उन्होंने हमारे इतिहास में क्या योगदान दिया था और उन्होंने महात्मा गांधी जी का हत्या क्यों किया और महात्मा गांधी जी के हत्या करने के बाद इनके साथ क्या हुआ तो हम सभी ने मिलकर के इन सभी लोगों का इस सवाल का जवाब देने के लिए इस लेख को पूरे विस्तार से लिखा था और Nathuram Godse से जुड़ी सभी जानकारी को भी बताया है।

अगर आप Nathuram Godse जी के जीवनी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया करके आप हमारे इस लिखो को ध्यान से पूरे अंत तक पढ़े तभी आपको हमारा यह लेख अच्छे से समझ में आएगा तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए

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Nathuram Godse कौन थे और उनका जन्म, परिवारिक परिचय ?

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दोस्तों अगर आप यह सोच रहे हैं कि आज ही Nathuram Godse कौन थे तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम इस टॉपिक में इसी बात पर विचार विमर्श करने वाले हैं तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बनी रहे आपको मालूम चल जाएगा कि आखिर Nathuram Godse कौन थे तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए और जानते हैं Nathuram Godse कौन थे।

दोस्तों अगर आपने भारत के आजादी का इतिहास पढ़ा होगा तो आपको थोड़ा बहुत मालूम चल गया होगा कि आखिर Nathuram Godse कौन है हम बताएंगे कि आखिर Nathuram Godse कौन थे तो Nathuram Godse  की कहानी: हम आप के जानकारी के लिए बता दे कि Nathuram Godse की कहानी देशभक्ति की भावना में याद रखने की  Nathuram Godse जी का जन्म 19 तारिक मई के महीने में  शाल 1910 में हुआ था (Nathuram Godse Birth Date in Hindi ) और उनका जन्म महाराष्ट्र के जिले पुणे के छोटी सी  गांव बारामती में हुआ था ।

इन्होंने इस परिवार में जन्म लिया वह परिवार मराठी था और वह हिंदू  धर्म का परिवार था और जन्म के दौरान इनका नाम इनके पिता जी ने नाथूराम गोडसे ने नहीं बल्कि “रामचंद्र” रख दिया  था।

दोस्तों अगर हम इनके पिता जी के बारे में जाने तो इनके पिता जी का नाम विनायक वामनराव गोडसे था और ये पेशे से एक पोस्ट ऑफिसर थे। और अगर हम इनकी माता जी के बारे में जाने तो  जब उनकी माता जी का विवाह इन के पिता जी के साथ नहीं हुआ था, तब ही  उन की मां का नाम गोदावरी कुमारी हुआ करता था और शादी के बाद उनकी माता जी का नाम गोदावरी कुमारी से लक्ष्मी रख दिया गया था ।

हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि Nathuram Godse के पैदा होने से पहले इनकी माता जी को तीन बेटे और एक बेटी थी, परंतु उन के तीन बेटों के मृत्यु जन्म लेने के दौरान ही किसी दुर्भाग्य से  हो चुकी थी।

मगर Nathuram Godse की बड़ी बहन सौभाग्य से जीवित रह गई थी। तभी से इनकी माता जी को लगा कि अभी हमे एक पुत्र की आवश्यकता है, परंतु वह तीन बेटों के मृत्यु  के बीते हुए पिछले दिनों को याद करके बहुत डरा भी करती थी। कुछ समय बीतने के बाद इनकी माता लक्ष्मी जी को फिर से एक बच्चा की प्राप्ति हुई।

उन्होंने यह बहुत सोचा कि कहीं उनके  पिछले तीन बेटों के साथ जो हुआ कहीं वह हादसा इस नन्हे बालक के साथ ना हो जाए।

बस यही बात को सोचते सोचते इनकी माता जी ने Nathuram Godse जी का जन्म होने के बाद इनका पालन-पोषण किसी लड़कियों की तरह ही करना शुरू कर दिया। हमने आपको ऊपर में भी बताया कि इनके जन्म के दौरान इनका नाम Nathuram Godse नहीं बल्कि ” रामचंद्र ” रखा गया था। जैसा कि इनकी माता जी ने इनको लड़कियों की भांति पाला पोसा तो इसलिए इनकी नाक भी छेदवा दी गई थी।

इनकी नाक को छेदवा कर इनके माता जी ने भगवान जी से दुआ कर इनकी माता जी ने उनके नाक में एक छल्ला भी डाल दिया था।

क्या आपको मालूम है कि इनकी जब नाक छेदी हुई थी तो इनका नाम नाथू और इनके पहले नाम से राम को निकाला गया और फिर इनका नाम पूरी तरह से Nathuram Godse रखा दिया गया तभी से यह इस नाम से पूरी तरह से प्रचलित हो गए। Nathuram Godse जी के बड़े हो जाने के बाद इनकी माता जी को एक और पुत्र की प्राप्ति हुई जिसका नाम उन्होंने गोपाल रख दिया था ।

मगर इनकी माता जी ने गोपाल को एक लड़के के ही भांति पालन पोषण किया। दोस्तों हमने आपको जिन जिन बातों को बताया वह इनके जन्म के पश्चात की बातें थी अब हम इन से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

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Nathuram Godse की शिक्षा दीक्षा और उनका प्रारंभिक जीवन?

दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि Nathuram Godse कौन थे और इनके परिवारिक जीवन में भी हमने थोड़ी बातें विचार-विमर्श की उसी तरह से हम अब इस टॉपिक में इनके शिक्षा के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त करने वाले हैं कि कहां से शिक्षा प्राप्त किए थे और इनके प्रारंभिक जीवन क्या रहे थे तो चलिए हम अब इस टॉपिक को शुरू करते हैं।

गाइस जैसा हमने आपको बताया था कि इनके पिता एक post officer थे और उनकी मां एक house wife थीं, तो इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यानी कि (Nathuram Godse Education in hindi) को अपने जन्म स्थली स्थान यानी कि जन्मभूमि पर ही पूरी की थी।

जब Nathuram Godse जी की जब प्रारंभिक शिक्षा पूरी तरह से पूरी हो गई तब उन के माता-पिता ने इनके बारे में सोचा कि अब इनको पुणे शहर में भेज कर के  हिंदी के साथ-साथ English language का भी अच्छा ज्ञान प्राप्त हो सके ताकि इनको आगे के जीवन मे कोई भी दिक्कत न हो इसके लिए वहां पर बेहतर शिक्षा को प्राप्त करने के हेतु इन्हें भेजा गया।

जब Nathuram Godse ने अपने आगे की शिक्षा को अच्छे से पढ़ कर के प्राप्त कर रहे थे, तभी उसी समय गांधी जी के विचारों को सुन कर के उनके भाषण से भी Nathuram Godse  बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ करते थे। Nathuram Godse जी का स्वभाव बहुत ही सच्चा, शांत, और मेहनत कर के आगे बढ़ने वाला,  बुद्धिमता वाला और ईमानदार व्यक्तित्व का था यह शुरू से ही इस मिजाज के आदमी थे।

दोस्तों क्या आपको मालूम यही की शाल 1930 में जब Nathuram Godse  जी जब पढ़ाई कर रहे थे, तब इनके पिता का post  transfer हो कर में महाराष्ट्र के किसी रत्नागिरी शहर में हुआ था और वो उसी वक़्त सर अपने माता-पिता के साथ में ही रहने लगे थे।

इसी दौरान Nathuram Godse जी की मुलाकात एक कट्टर हिंदुत्व वाले व्यक्ति जिनका नाम (Veer Savarkar) वीर सावरकर से हुई थी। तभी से इन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को राजनीतिक के बाते और राजनीतिक क्षेत्र में अपने आप को न्योछावर करने का विचार किया था।

तो दोस्तों कुछ इस तरह से इन्होंने अपने शिक्षा को प्राप्त किया और अपने आप को राजनीति की ओर आगे बधंर की कोसिस की। अब हम इन से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Nathuram Godse जी का राजनीतिक करियर – Nathuram Godse Political Life in Hindi

दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि Nathuram Godse कौन थे और इनके परिवारिक जीवन में भी हमने थोड़ी बातें विचार-विमर्श और यह भी जाना कि इन्होंने कहां से शिक्षा प्राप्त किए और उसी तरह से हम अब इस टॉपिक में जानेंगे कि  Nathuram Godse जी का राजनीतिक करियर क्या रही है तो चलीए हम अब इस टॉपिक को शुरू करते हैं।

Nathuram Godse जी का राजनीतिक क्षेत्र में करियर कैसा रहा था और उन्होंने किस प्रकार से इसकी शुरुआत की थी?

तो हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि Nathuram Godse जी का मन तो पहले से ही राजनीतिक क्षेत्र में आने के लिए लगा हुआ था और वो राजनीतिक क्षेत्र में आने के लिए कोसिस भी कर रहे थे । इसके लिए ही उन्होंने अपनी दसवीं क्लास की पढ़ाई लिखाई को छोड़ छाड़ कर सामाजिक कार्यों और राजनीतिक के कार्यो में अपनी सहभागिता जताने के लिए पूरे तरह से आगे आए।

फिर Nathuram Godse जी ने हिंदू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक  के संघ जिसे आज ARAS भी लोग कहते हैं, के कार्यकर्ता के रूप में इन्होंने अपने पहले राजनीतिक करियर की शुरुआत कुछ इस तरह से की ।

दोस्तों क्या आपको पता है कि पहले से ही Nathuram Godse मुस्लिम लीग वाली अलगाववादी राजनीति के विरोध में थे और वह इसका जमकर के विरोध कर रहे थे ।

हिंदू महासभा बेहतर समूह के पूर्ण रूप से जुड़ने के बाद ही Nathuram Godse जी ने इस समूह के लिए एक बेहतर तरह का प्रचार के लिए समाचार पत्र का प्रकाशन भी किया था, जिसका नाम उस वक़्त ‘अग्रणी’ था और समाचार पत्र मराठी भाषा में पूरे तरह से प्रकाशित हुआ करती थी आमतौर पर इसे महाराष्ट्र के लोग ही पढ़ते थे।

दोस्तों कुछ समय आगे चल कर के यही समाचार पत्र को “हिंदू राष्ट्र” के नाम से पूरे तरह से विश्वविख्यात हो गया और यह पूरे भारत मे प्रकाशित होने लगा । British सरकार के खिलाफ एक बार हमारे राष्ट्रपिता जिनका नाम महात्मा गांधी जी था उन्होंने इस आंदोलन शुरू पूरे तरह सर किया जो कि यह एक  कई तरह के प्रतिरोधी और अहिंसक आंदोलन के रूप में था और क्या आपको पता है कि इस आंदोलन में हिंदू महा सभा के सभी समूह ने भी गांधी जी का अपने तरह से संपूर्ण रूप से समर्थन भी किया था इनका साथ भी दिया।

मगर कुछ समय तक आगे चलकर यह समूह ममहात्मा गांधी जी के विरोध में ही पूरे तरह से खड़ा भी हो गया था क्योंकि इन सभी समूहों और लोगो का कहना था कि गांधी जी हिंदुओं और अल्पसंख्यक में किसी तरह का भेदभाव कर रहे हैं।

अल्पसंख्यक समूह के इसी चक्कर के कारण में उनको खुश करने के चक्कर में गांधीजी अभी हिंदुओं के हित को नजर अंदाज करते हुए वो आ रहे हैं। दोस्तों हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि अभी इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि इंडिया एवं पाकिस्तान के बटवारा का मुख्य कारण स्वयं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ही है।

पाकिस्तान और इंडिया के बटवारे के समय न जाने कितने हिंदू भाई और न जाने कितने मुस्लिम भाई लोग बिना किसी कारण के ही मौत के घाट उतार दिए गए थे। दोस्तों इन ही सभी तरह के कारणों के वजह से Nathuram Godse जी को हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विरोध में जाना पड़ा था और उनका विरोध करना पड़ा ।

अब हम Nathuram Godse से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की मृत्यु कैसे की थी ?

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दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि Nathuram Godse कौन थे और इनके परिवारिक जीवन में भी हमने थोड़ी बातें विचार-विमर्श और यह भी जाना कि इन्होंने कहां से शिक्षा प्राप्त किए और यह भी जाना कि Nathuram Godse जी का राजनीतिक करियर क्या रही थी और उसी तरह से हम अब इस टॉपिक में जानेंगे कि  Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की मृत्यु कैसे की थी तो चलीए हम अब इस टॉपिक को शुरू करते हैं।

दोस्तों अगर आपने हमारे आजादी के इतिहास के पन्नों को पलट कर थोड़ा सा भी पढ़ा होगा तो आपको Nathuram Godse जी के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी प्राप्त हुई होगी क्योंकि इन्होंने हमारे देश के राष्ट्रपिता यानी महात्मा गांधी जी का हत्या कर दिया था और यह उसी से बहुत ज्यादा प्रचलित हो गए थे तो अब हम इस टॉपिक में जानेंगे कि आखिर किस तरह से इन्होंने हत्या की थी ।

तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, प्रति दिन की तरह ही हमारे देश के राष्ट्रपिता यानी कि महात्मा गांधी (Rashtrapita Mahatma Gandhi) सायंकाल की बेला में वह अपने भगवान से प्रार्थना कर रहे थे और उसी समय Nathuram Godse ने महात्मा गांधी जी के पास जा कर के और उनको अपने जेब से पिस्तौल निकाल कर के महात्मा गांधी जी पर लगातार तीन बार फायर कर देते है और महात्मा गांधी जी की वही पर गोली लगने के कारण मौत हो जाती है।

Nathuram Godse जी ने बियरट्टा एम जो कि शाल 1934 semi automatic  नामक पिस्तौल से लगभग तीन गोली मारी थी। और हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि बापूजी को गोली मारने के बाद Nathuram Godse जी वहां से  भागे नहीं बल्कि  उन्होंने बड़े ही शांति से अपने आप को कानून के हवाले कर दिया और फिर Nathuram Godse को कानून के द्वारा गिरफ्तारी करवाई थी।

Nathuram Godse के द्वारा किए गए इस अपराध में उनके कुल लगभग 5 से 6 लोगों ने उनका इस काम मे सहयोग किया था, इस काम मे नारायण आप्टे भी पूरे तरह से सम्मिलित थे।

महात्मा गांधी जी की घटना स्थल पर ही तुरंत मौत हो गई उन्हें बचाया न जा सका क्योंकि उस दौरान काफी समय भी बीत चुका था। तो दोस्तों कुछ इस तरह से ही नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी जी को मार दिया था। अब हम Nathuram Godse से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Mahatma Gandhi biography in Hindi

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मृत्यु करने के बाद Nathuram Godse जी का क्या हुआ?

दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि Nathuram Godse कौन थे और इनके परिवारिक जीवन में भी हमने थोड़ी बातें विचार-विमर्श और यह भी जाना कि इन्होंने कहां से शिक्षा प्राप्त किए और यह भी जाना कि Nathuram Godse जी का राजनीतिक करियर क्या रही थी और हमने यह भी जाना कि Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की मृत्यु कैसे की थी उसी तरह से हम अब इस टॉपिक में जानेंगे कि  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मृत्यु करने के बाद Nathuram Godse जी का क्या हुआ तो चलीए हम अब इस टॉपिक को शुरू करते हैं।

तो दोस्तों हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि Nathuram Godse जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू महा सभा के साथ कार्यकर्ता के रूप में भी कार्य करते थे तो इसीलिए इन दोनों उस समूह को उस दौरान पूरे तरह से अवैध घोषित किया गया था। आगे चलकर RSS को गांधी जी की मृत्यु में उनका हाथ बिलकुल भी नहीं था इसकी पुष्टि हो गई आगे शाल  1949 में RSS  पर लगा सभी तरह के प्रतिबंध को इंडिया के सरकार द्वारा इसे हटा लिया गया था।

क्या आपको पता है कि हमारे देश के राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी की मृत्यु होने के बाद भारत देश में उस दौरान बहुत बड़े बड़े और अलग अलग तरह के दंगे होने भी शुरू हो गए थे। मुस्लिम और ब्राह्मण आपस में किसी कारण के वाजे आए और महात्मा गांधी जी के बात से लड़ने लगे थे और उस विवाद में बहुत निर्दोष लोगों की जानें भी गई थी। उस वक्त हो रहे भारत देश में दंगे में कई सारे ब्राह्मण जाति के परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया और उनके घरों को जला दिया गया था।

और दोस्तों क्या आपको मालूम है कि उस समय भारत  के इस सरकार के ऊपर भी काफी ज्यादा आरोप लगाए गए थे सभी तरह के लोगों का कहना था कि Mahatma Gandhi जी की मृत्यु में इंडिया सरकार का भी कहीं ना कहीं पर हाथ जरूर है। उस दौरान कई सारे लोगों का यह भी कहना था कि राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी के ऊपर भी पहले भी कई प्रकार के आत्म घाती हमले किए गए परंतु इंडियन सरकार इसके प्रति सचेत क्यों नहीं थी।

इन्हीं सभी चीजों के बीच Nathuram Godse जी को भी Mahatma Gandhi का हत्यारा घोषित करते हुए। उनको Nathuram Godse जी को मृत्युदंड देने का निर्णय लिया गया। अब हम Nathuram Godse से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को क्यों मारा था ?

दोस्तों जैसे कि हमने आपको ऊपर के टॉपिक में बताया कि Nathuram Godse कौन थे और इनके परिवारिक जीवन में भी हमने थोड़ी बातें विचार-विमर्श और यह भी जाना कि इन्होंने कहां से शिक्षा प्राप्त किए और यह भी जाना कि Nathuram Godse जी का राजनीतिक करियर क्या रही थी और हमने यह भी जाना कि Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की मृत्यु कैसे की थी और यह भी जाना कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मृत्यु करने के बाद Nathuram Godse जी का क्या हुआ उसी तरह से हम अब इस टॉपिक में जानेंगे कि  Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को क्यों मारा था तो चलीए हम अब इस टॉपिक को शुरू करते हैं।

हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी के मृत्यु के विषय में बहुत सारी थूरिया और ऐतिहासिक बाते भी कही जाती है। इससे संबंधित न जाने कितने सारे लेख भी लिखे गए और Court की कार्यवाही ओं में भी बार-बार Mahatma Gandhi की हत्या का जिक्र हुआ परंतु कुछ भी बात स्पष्ट नहीं हो सका की आज तक राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी के मृत्यु का क्या कारण था इसके पीछे कुछ भी बात आज तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

ऐसा कार्य  किस प्रकार के राजनीतिक पार्टी के पीछे का  षड्यंत्र रचा गया या , आज तक यह अच्छे तरह से सामने नहीं हो सका है। कई  सारे लोगों के कहे सुने अनुसार Nathuram Godse जी ने राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी को मारने के कई असफल प्रयत्न भी किए थे। मगर वह 30 तारिक महीना जनवरी  और शाल 1948 को अपने कार्य को अच्छे तरह से अंजाम देने में सफल रहे थे।

Nathuram Godse जी का यह मानना था कि भारतवर्ष के विभाजन में राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी का कहीं ना कहीं किसी भी तरह का अपना स्वार्थ जरूर छुपा हुवा था। Nathuram Godse जी को लगता था कि राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi दोनों तरफ से अपनी छवि को एक बेहतर तरह से उच्च स्तर तक ले जाना चाहते थे। शायद इसी  के चक्कर में इन्होंने भारत और पाकिस्तान का बंटवारा कर दिया।

इसके अतिरिक्त Nathuram Godse सोचते थे कि सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी काफी ज्यादा उदारवान और दयावान बन रहे थे परंतु कहीं ना कहीं पर वह हिंदु समाज के अस्तित्व को नजर अंदाज भी कर रहे थे। कुछ और भी कारण हो सकते हैं परंतु आज तक यह बात को सभी के सामने पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं हो सका।

अब हम Nathuram Godse से जुड़ी कुछ और जानकारी को प्राप्त करते हैं तो चलिए उस नए टॉपिक को शुरू करते हैं और इनके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Nathuram Godse जी की मृत्यु

दोस्तों क्या आपको मालूम है कि राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi जी की मृत्यु के कुछ दिनों के  बाद ठीक  7 तारिक महीना  मई  और शाल 1948 को इस कानूनी केस की सुनवाई शुरू की गई थी। Nathuram Godse जी को न्यायालय में पेश किया गया और उन्होंने बहुत ही शांतिपूर्ण और उच्च आदमी के तरीके से अपने सभी अपराध को बिना किसी दिक्कत के स्वीकार भी कर लिया ।

मगर इस केस को अंतिम रूप प्रदान करने में पूरे 1 शाल का समय लग गया। और तारिक 8 महीना नवंबर शाल 1949 को केस का अंतिम फैसला सुनाया गया। इस फैसले में तारिक 15  महीना नवंबर और शाल 1949 को Nathuram Godse जी को मृत्युदंड देने का निर्णय  का फैसला सुनाया गया।

इस केस के अंतिम फैसले में Nathuram Godse जी के साथ साथ उनके इस काम मे साथ देने वाले  नारायण आप्टे जी को भी उनका पूरा सहयोग करने के जुर्म में Nathuram Godse और  नारायण आप्टे जी को फांसी देने का निर्णय लिया गया। और क्या आपको पता है कि  इसके साथ ही हिंदू महा सभा के सदस्य वीर सावरकर को भी इस Mahatma Gandhi जी के केस का अपराधी माना गया था, परंतु आगे चलकर इनके ऊपर से यह आरोप से भी हटा दिया गया था। 

लगभग 1 शाल के जेल में अपराधी के दौरान उन्होंने एक किताब भी लिखी थी जिसका नाम “व्हाय ई किल्ड गांधी” यानी कि (Why I Killed Gandhi) का नाम दिया था। और क्या आपको पता है कि  इस किताब में उन्होंने महात्मा गांधी जी के मारने के पीछे अपने कारण को उसके आधार पर व्यक्त किया हुआ है। मगर उनकी इस किताब को प्रकाशित होने से रोक दिया गया था। तो दोस्तों कुछ इस तरह से जी Nathuram Godse जी का जीवन यापन रहा था इन्होंने भी हमारे राष्ट्र के लिए बहुत कुछ किया है।

[ Conclusion,निष्कर्ष ]

दोस्तो आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख Nathuram Godse biography in Hindi आपको बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख को मदद से वो सभी जानकारी को पूरे विस्तार से प्राप्त कर चुके होंगे जिसके लिए आप हमारे वेबसाइट पर आए थे।

हमें इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको Nathuram Godse के बारे में संपूर्ण जानकारी बताने की कोशिश की है क्योंकि हमें मालूम था कोई सारे लोग ऐसे हैं जो इनके जीवनी के बारे में जानना चाहते हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने हमारे इतिहास में क्या योगदान दिया है और यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने महात्मा गांधी जी का हत्या क्यों किया तो हम सभी ने मिलकर के इन सभी लोगों का जानकारी  देने के लिए इस लेख को लिखा था।

और आप पर मेरा संपूर्ण विश्वास है कि आप भी मेरे इस लेख को ध्यान से पूरा अंत तक पढ़ चुके होंगे और Nathuram Godse से जुड़ी सभी जानकारी को प्राप्त कर चुके होंगे।

मेरा आप पर संपूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरे मेरे इस लेख ध्यान से पूरे अंत तक पढ़ चुके होंगे और Nathuram Godse के बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से प्राप्त कर चुके होंगे।

अगर दोस्तों आपको इस पोस्ट में कहीं भी कोई भी किसी भी तरह को,पढ़ने में या किसी भी चीज में कोई भी दिक्कत हुई होगी तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं। हमारी समूह आपकी मैसेज के रिप्लाई जरूर देगी और आप यह भी कमेंट में जरूर बताएं कि यह पोस्ट Nathuram Godse biography in Hindi के बारे में जानकारी आपको कैसा लगा ताकि हम आपके लिए दूसरे पोस्ट ऐसे ही लाते रहे।

तो चलिए दोस्तों इसी जानकारी के साथ हम अब इस लेख को समाप्त करते हैं और अगर आपको हमरा यह पोस्ट को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद………

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